नोएडा
NCR की सड़कों से हटे 2000 CNG ऑटो रिक्शा, जानिए 3 प्रमुख कारण
गौतमबुद्ध नगर जिले की सड़कों पर लगभग दो हजार सीएनजी ऑटोरिक्शा की कमी आई है। परिवहन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, छह महीने पहले जिले में सीएनजी ऑटो की संख्या 19 हजार से अधिक थी, लेकिन इसके बाद यह संख्या घटनी शुरू हो गई।
गौतमबुद्ध नगर जिले की सड़कों से लगभग दो हजार सीएनजी ऑटोरिक्शा कम हो गए हैं। परिवहन विभाग के मुताबिक, ऑटो के परमिट न नवीनीकरण, रजिस्ट्रेशन रद्द कराना और अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) लेकर अन्य जिलों में ऑटो ले जाना, इस कमी के प्रमुख कारण हैं। दूसरी ओर, जिले में इलेक्ट्रिक ऑटो की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
परिवहन विभाग के अनुसार, छह महीने पहले जिले में 19,000 से अधिक सीएनजी ऑटो थे, लेकिन अब यह संख्या घटकर 17,063 हो गई है। वहीं, इलेक्ट्रिक ऑटो की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है, जो वर्तमान में 5,431 रजिस्टर्ड हैं। एक साल पहले यह संख्या लगभग दो हजार थी।
एआरटीओ प्रशासन के डॉ. सियाराम वर्मा ने कहा कि सीएनजी ऑटो की संख्या में कमी आई है, जिसमें से कई चालकों ने रजिस्ट्रेशन को रद्द करा लिया है। कुछ चालकों ने ऑटो का परमिट नवीनीकरण नहीं कराया, जबकि कुछ ने अन्य जिलों में ऑटो ले जाने के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त किया है।
उन्होंने यह भी बताया कि यह संभव है कि चालक अब इलेक्ट्रिक ऑटो खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं, क्यूंकि इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए परमिट की आवश्यकता नहीं होती। इस कारण इनके रूट निर्धारित नहीं किए जा सकते। चालकों का मानना है कि सीएनजी ऑटो की तुलना में इलेक्ट्रिक ऑटो में अधिक सुविधा प्राप्त होती है।
परिवहन विभाग के अनुसार, क्षेत्र में सीएनजी ऑटो की अधिकतम आयु 15 वर्ष निर्धारित की गई है। इस अवधि के बाद ऑटो को सड़कों पर चलाने की अनुमति नहीं होती।
कमी आए दो हजार ऑटो में से कई ऐसे हैं, जिनकी 15 वर्ष का समय पूरा हो चुका है, जिसके कारण चालकों ने इनका रजिस्ट्रेशन समाप्त कर दिया है। यदि कोई 15 वर्ष पुराना ऑटो सड़क पर पाया जाता है तो उसे जब्त कर लिया जाता है। बिना फिटनेस और परमिट के चल रहे ऑटो के साथ भी यही कार्रवाई की जाती है।
नए परमिट जारी नहीं किए गए
ऑटो रिक्शा यूनियन के अध्यक्ष चौधरी ओमप्रकाश गुर्जर का कहना है कि जिन ऑटो मालिकों के परमिट परिवहन विभाग ने रद्द किए, उनके स्थान पर नए परमिट जारी नहीं किए गए। इसी कारण ऑटो की संख्या में कमी आई है। जिला प्रशासन ने जिले में ऑटो परमिट की संख्या 19 हजार के आसपास निर्धारित की थी। इसलिए, परिवहन विभाग को खत्म हुए परमिटों के स्थान पर नए परमिट जारी करने चाहिए, जिससे अधिक लोग नए ऑटो खरीद सकें।
नोएडा
प्रदूषण फैलाने वालों पर नोएडा अथॉरिटी ने शुरू की कार्रवाई, 15 लाख का लगाया जुर्माना
नोएडा। करंट क्राइम। नोएडा ऑथोरिटी ने प्रदूषण फैलाने वालों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रदूषण को रोकने के लिए अथॉरिटी ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। अथॉरिटी ने हवा के प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए 14 स्पेशल टीमें बनाई हैं, जो पूरे नोएडा इलाके में ग्रैप स्टैंडर्ड को सख्ती से लागू कर रही हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाली कंस्ट्रक्शन साइट्स और यूनिट्स पर कार्रवाई करते हुए, अथॉरिटी ने अब तक कुल 14,95,000 रुपए का भारी जुर्माना लगाया है। अथॉरिटी ने अलग-अलग जगहों से 12,199 टन से ज़्यादा मलबा इकट्ठा किया और उसे सुरक्षित रूप से डिस्पोज़ किया। अथॉरिटी की टीमें यह भी पक्का कर रही हैं कि कंटैमिनेशन को रोकने के लिए कंस्ट्रक्शन मटीरियल को ग्रीन नेट, मेट्रो शीट और ग्रीन कार्पेट से ढका जाए। ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों का उल्लंघन नहीं होना चाहिए।
अधिकारियों ने बताया कि अथॉरिटी कंस्ट्रक्शन साइट्स से होने वाले धूल के प्रदूषण को रोकने के लिए एडवांस्ड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रही है। नोएडा में, अलग-अलग कंस्ट्रक्शन साइट्स पर 88 स्टैटिक एंटी-स्मॉग गन और 10 ट्रक-माउंटेड एंटी-स्मॉग गन चलाई जा रही हैं। इसके अलावा, कंस्ट्रक्शन और डेमोलिशन वेस्ट के साइंटिफिक डिस्पोज़ल के लिए सेक्टर 80 में 400 STP प्लांट सफलतापूर्वक चल रहा है।
नोएडा
नोएडा एसीपी ने बिछुडी बच्चियों को परिवार से मिलाया
नोएडा। करंट क्राइम। असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर ने दो बिछुडे बच्चियों को परिवार से मिलाकर खुशियां लौटाई है। पांच साल और डेढ़ साल की दो बच्चियां अपने परिजनों से बिछड़ गई थीं। दरअसल, 5 दिसंबर को पीआरवी को सूचना मिली थी कि सेक्टर-126 में दो बच्चियां रोती हुई पाई गई। पूछताछ में पता चला कि दोनों बच्चियां केवल बंगाली भाषा समझती हैं। बातचीत में भाषा एक बड़ी समस्या बनी रही।
इसी दौरान एसीपी नोएडा जोन को जब इस मामले की जानकारी मिली, तो उन्होंने स्वयं बच्चियों से बातचीत की। प्रवीण कुमार सिंह बंगाली भाषा जानते हैं। उन्होंने दोनों बच्चियों से पूछताछ की तो बच्चियों ने हाजीपुर अंडरपास के बारे में बताया। फिर उन्होंने बच्चियों को परिजनों से मिलाया।
सीपी-प्रथम प्रवीण कुमार सिंह ने बच्चियों से बात की
इसी दौरान असिस्टेंट पुलिस कमिश्ननर-प्रथम ( सहायक पुलिस आयुक्त-प्रथम), नोएडा जोन, प्रवीण कुमार सिंह गश्त के दौरान थाना सेक्टर-126 पहुंचे। उन्हें जब इस मामले की जानकारी मिली, तो उन्होंने स्वयं बच्चियों से बातचीत की। चूंकि प्रवीण कुमार सिंह बंगाली भाषा जानते हैं, उन्होंने दोनों बच्चियों से अत्यंत स्नेहपूर्ण एवं संवेदनशील तरीके से बात की। पूछताछ करने पर बड़ी बच्ची ने बताया कि वह हाजीपुर अंडरपास से आगे का रास्ता पहचान सकती है।
एसीपी प्रथम प्रवीण कुमार सिंह, पुलिस फोर्स के साथ बच्ची द्वारा बताए गए रास्ते पर चलते हुए सेक्टर-133 स्थित लेबर कैंप पहुंचे, जो हाजीपुर अंडरपास से लगभग 3 किलोमीटर दूर है। वहां पहुंचने पर पाया कि बच्चियों के परिजन उन्हें ढूंढते हुए अत्यंत परेशान स्थिति में इधर-उधर भटक रहे थे। सत्यापन के बाद बच्चियों को विधिक प्रक्रिया के तहत सुरक्षित रूप से उनके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया।
ग्रेटर नोएडा
नोएडा की पुलिस कमिश्नर ने किया रात को औचक निरीक्षण, पीआरवी टीम नदारद रही, 10 पुलिसकर्मी सस्पेंड
नोएडा। करंट क्राइम। गौतमबुद्धनगर की कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने देररात शहर के कई इलाकों का औचक निरीक्षण किया। जिसमें कई पुलिसकर्मी ड्यूटी से नदारद पाए गए।
सर्दियों में अपराध बढ़ने की संभावना को देखते हुए पुलिस की मौजूदगी को जांचने के लिए पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने कई इलाकों का दौरा किया। उन्होंने ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस वे और आसपास के इलाकों में देर रात रैंडल चेकिंग की। इस दौरान पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह को बड़ी लापरवाही मिली। सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने निकली कमिश्नर ने पाया कि कई पीआरवी के जवान अपनी निर्धारित लोकेशन पर मौजूद ही नहीं थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने तुरंत 10 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने का आदेश दिया।
इसके साथ ही डायल-112 के प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार पांडे को कमजोर पर्यवेक्षण और लापरवाही के आधार पर लाइन हाजिर कर दिया। पीआरवी पर तैनात एक होमगार्ड पर भी गाज गिरी है।
कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने रात 8 बजे 4 पीआरवी की जांच की। इनमें से 3 पीआरवी के पुलिसकर्मी लोकेशन पर मौजूद नहीं मिले। सिर्फ एक टीम अपनी ड्यूटी पर तैनात पाई गई। दो घंटे बाद दोबारा की गई चेकिंग में भी स्थिति सुधरी हुई नहीं दिखी। इस बार भी 4 में से 2 पीआरवी दल ड्यूटी से गायब मिले। लगातार दो निरीक्षणों में मिली इस लापरवाही ने अधिकारियों को चौंका दिया। दोनों चेकिंग में गायब पाए गए कुल 10 पुलिसकर्मियों को कमिश्नर ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और उन पर विभागीय जांच भी जांच कराई जाएगी।
