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संगठन की घोषणा से पहले नामित पार्षद ने कर दिया एलान

खुला समर्थन अनिल स्वामी को हम हैं चुनाव में उनके साथ
वरिष्ठ संवाददाता (करंट क्राइम)

गाजियाबाद। निगम के गलियारों में भाजपा आधे में रब और आधे में सब वाले सीन में है। उसके पास 100 पार्षदों वाले निगम सदन में 57 पार्षद वो हैं जो चुनाव जीतकर आये हैं। सरकार आने के बाद बचे हुए 43 पार्षदों में से कई का हृदय परिवर्तन हो गया। वो इन्टरनली भगवा हो गये और कई मौके ऐसे आये हैं जब दूसरे दल के पार्षद भाजपा की मेयर आशा शर्मा के साथ खड़े नजर आये। लेकिन भाजपा तो पार्टी विद डिफरेंस है। यही उसकी खूबी है कि उसे विपक्ष की जरूरत नही है। विपक्ष का काम वो खुद आपस में पूरा कर लेते हैं। जब निगम की बैठक हुई तो वॉक आउट भाजपा के पार्षद और जीडीए बोर्ड सदस्य हिमांशु मित्तल ने किया। उम्मीद ये थी कि भाजपा वाले उन्हें रोकेंगे और विपक्ष वाले कहेंगे कि चले जाओ। मगर इधर तो सीन काफी चेंज हो गया। विपक्ष वाले पार्षद बैठे रहे और भाजपा वाले पार्षद सदन में नारे लगा रहे थे कि गो बैक, गो बैक। भाजपा की पार्षद नीलम भारद्वाज लॉक डाउन में धरने पर बैठी। उससे पहले भाजपा पार्षद मीना भण्डारी व अन्य इन्दिरापुरम थाने में धरना दे चुके हैं। जब निगम में कार्यकारिणी उपाध्यक्ष का मुद्दा गूंज रहा है तब भला भाजपा वाले कैसे चुप रह सकते हैं। यहां पर सीन में भाजपा के नामित पार्षद प्रदीप चौहान आ गये। प्रदीप चौहान ने निगम कार्यकारिणी उपाध्यक्ष उम्मीदवार घोषित होने से पहले ही भाजपा के पार्षद व पूर्व निगम कार्यकारिणी उपाध्यक्ष, पूर्व जीडीए बोर्ड सदस्य और मेयर आशा शर्मा के भाई अनिल स्वामी को खुला समर्थन देने का एलान कर दिया। प्रदीप चौहान भाजपा के पुराने पार्षद हैं और निगम के तो एक्सपर्ट माने जाते हैं। यदि वो एलान कर रहे हैं तो इसके मायने हैं। प्रदीप चौहान ने निगम कार्यकारिणी उपाध्यक्ष पद के लिए अनिल स्वामी को खुला समर्थन देने की घोषणा की। उन्होंने अन्य नामित पार्षद राकेश त्यागी की मौजूदगी में कहा कि उनका खुला समर्थन अनिल स्वामी को है। खुले समर्थन की वजह भी यह बताई कि अनिल स्वामी को निगम एक्ट की जानकारी है।

करंट क्राइम ने जब नामित पार्षद प्रदीप चौहान से पूछा कि चर्चा में दो नाम चल रहे हैं जिनमें एक नाम वार्ड के पार्षद राजीव शर्मा का भी है। क्या राजीव शर्मा के नाम पर आपको कोई दिक्कत है तो उन्होनें कहा कि मुझे कोई दिक्कत नही है लेकिन निगम कार्यकारिणी उपाध्यक्ष पद के लिए मेरा खुला समर्थन अनिल स्वामी को है।

पार्षद-मंडल प्रभारी और मंडल अध्यक्ष की टयूनिंग का एरर

अभी महानगर अध्यक्ष निगम कार्यकारिणी उपाध्यक्ष का नाम घोषित करने से बच रहे हैं। मेयर आशा शर्मा पहले ही इस सवाल को बवाल मानकर टाल रही हैं और वह चाहती हैं कि उन्हें धर्म संकट से बचाते हुए संगठन ही नाम घोषित कर दे। क्षेत्रीय अध्यक्ष भी बोल्ड तरीके से नाम घोषित करने के बजाय होल्ड पर आ गये। ऐसे में नामित पार्षद प्रदीप चौहान ने जब खुलेआम अनिल स्वामी को समर्थन देने का एलान किया तो चर्चा होनी ही थी। बताते हैं कि मामला टयूनिंग एरर का है। यहां से मंडल अध्यक्ष नवनीत गुप्ता हैं। मंडल अध्यक्ष फ्यूचर में इस वार्ड से टिकट की दावेदारी कर सकते हैं लिहाजा अभी से विरोध का सीन बनेगा। नवनीत गुप्ता को लेकर दल चर्चे हैं कि उनकी टयूनिंग राजीव शर्मा के साथ पॉलिटिकली ठीक नही है। प्रदीप चौहान का निजी विरोध नही है लेकिन वह भी कहीं न कहीं लॉबिंग वाले विरोध में हैं। बताते हैं कि प्रदीप चौहान तो शहीद स्थल को लेकर राजीव शर्मा पर निशाना साध चुके हैं और कह चुके हैं कि शहीद स्थल की लम्बाई वाल्मीकि पार्क तक आ सकती थी मगर बीच में रास्ता ही कुछ सोच कर निकाला गया है। वहीं इस मंडल के प्रभारी की सियासी तमन्ना भी यहां मंडल अध्यक्ष और नामित पार्षद के साथ बेहतर टयूनिंग में है। बूथ लिस्ट को लेकर मतभेद वाला ट्वीस्ट सामने आ चुका है। ऐसे में जब खुले तौर पर टिकट घोषणा से पहले समर्थन हुआ है तो इसके सियासी मायने हैं।

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