जेल में बंद नब्बू उर्फ नवाब भाटी ने बनाई थी लूट की योजना

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-वैशाली लूट का पुलिस ने किया खुलासा, छह आरोपी गिरफ्तार
-11.55 लाख रुपये और हथियारों का जखीरा बदमाशों से पकड़ा
विशेष संवाददाता (करंट क्राइम)
गाजियाबाद। इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के वैशाली में हुई 13 लाख रुपये की लूट का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मदर डेयरी डिस्ट्रीब्यूटर से लूट की योजना जेल में बंद कुख्यात नब्बू उर्फ नवाब भाटी ने अपने भाई सोनू भाटी व दीपक के साथ मिलकर बनाई थी। ताकि नवाब को जेल में सहूलियत दिलाई जा सके और उसकी जमानत में लगने वाले रुपयों की भरपाई की जा सके। योजना को दो माह पहले नब्बू के पेशी पर अदालत आने के दौरान अमली जामा पहनाया गया था। पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से लूट के11.55 लाख रुपये की नकदी और अवैध हथियारों का जखीरा पकड़ा है।
रविवार को पुलिस लाइन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वैभव कृष्ण ने प्रेसवार्ता में लूट का खुलासा किया। एसएसपी ने बताया है कि पकड़े गए अभियुक्त शातिर किस्म के अपराधी है और इस गैंग को जेल में बंद नवाब भाटी चलाता है। दो माह पहले नब्बू भाटी गाजियाबाद कचहरी में पेशी पर आया था जहां उसके भाई सोनू भाटी व दीपक शर्मा की उससे मुलाकात हुई थी। नब्बू ने अपने भाई और दीपक को मकनपुर निवासी डेरी संचालक देवेन्द्र चंदेला से लूट करने के लिए कहा था। बाद में दीपक और सोने ने देवेन्द्र से लूट की पूरी रूपरेखा तैयार की और उसकी गतिविधियों पर नजर रखना शुरू किया। एक सप्ताह पहले वैशाली स्थित पंजाब नेशनल बैंक शाखा में देवेन्द्र के रुपये जमा करने जाने की जानकारी सोनू भाटी और उसके साथियों को पहले ही हो गई थी जिसके बाद उसके पीछे बदमाशों को लगाकर लूट को अंजाम दिया गया था। एसएसपी ने बताया कि देवेन्द्र चंदेला से 13.5 लाख रुपये कैश लूटा गया था जिसमें से पुलिस ने अभियुक्तों के पास से 11.55 लाख रुपये बरामद किया है। बाकी पैंसा बदमाशों द्वारा अपने खर्चों की पूर्ति करने में उड़ा दिया गया है। लूट को अंजाम देने में राजकुमार, धर्मेन्द्र उर्फ डीके, शुभम व दीपक शर्मा शामिल था।

ये गए दबोचे
सोनू भाटी पुत्र ऋषिपाल भाटी निवासी घंघोला ग्रेटर नोएडा
राजकुमार पुत्र गोविन्द नेपाली निवासी शंभू कालोनी फतेहपुर बेरी दिल्ली
शुभम पुत्र रामउद्गार गोस्वामी निवासी शंभू कालोनी फतेहपुर बेरी दिल्ली
दीपक शर्मा पुत्र भगवत प्रसाद निवासी द्वितीय तल साधना वैशाली गाजियाबाद
नैमकार उर्फ नैमका पुत्र जयपाल शर्मा निवासी कैलाशपुर सूरजपुर ग्रेटर नोएडा
परवेज हसन पुत्र सरफराज हसन निवासी ग्राम गंगावली गुलावठी बुलंदशहर

अभियुक्तों पर पंजीकृत है तीन दर्जन मुकदमें
एनसीआर और दिल्ली में आतंक का पर्याय बन चुके गैंग के सदस्यों पर अलग-अलग थाना क्षेत्रों में करीब तीन दर्जन मुकदमें पंजीकृत बताए गए है। दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के थानों पर ये मुकदमे दर्ज बताए गए है। सोनू भाटी पर गाजियाबाद में तीन, राजकुमार नेपाली पर दिल्ली, गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर में सात, दीपक शर्मा पर दिल्ली, गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर में आठ, शुभम पर दिल्ली, गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर में आठ, नैमकार उर्फ नैमका पर दिल्ली, गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर में पांच व परवेज हसन पर गाजियाबाद में तीन मामले दर्ज है।

गैराज में छिपा रखे थे हथियार
इंदिरापुरम पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने पुलिस के लिए चुनौती बनी वैशाली लूट को वर्कआउट किया है। वारदात के खुलासे के लिए सुराग तलाशने में लगी पुलिस को बदमाशों की धरपकड़ के दौरान गैराज से लूटे गए लाईसेंसी हथियार मिले है। पुलिस ने पांच बदमाशों को वैशाली सेक्टर-5 व 6 की पुलिया के पास से गिरफ्तार करने बताया है जबकि एक अभियुक्त की गिरफ्तारी हर्षा मॉल इंदिरापुरम के सामने गैराज से दिखाई गई है। गैराज में ही हथियार छिपाकर रखने की पुलिस को सूचना मिली थी जिसके आधार पर छापा मारकर अवैध असलाह को बरामद किया गया है। पुलिस गिरोह के दो सदस्यों को अभी फरार बता रही है जो लूट करने और योजना बनाने में शामिल बताए जा रहे है।

ये हुए असलाह-वाहन बरामद
इंदिरापुरम पुलिस ने लूट की घटना के खुलासे में पकड़े गए गिरोह से भारी मात्रा में असलाह बरामद किया है। सूरजपुर ग्रेटर नोएडा से लूटी गई एक 315 बोर की लाईसेंसी रायफल के साथ ही चार लाईसेंसी बंदूक जिसमें 2 डीबीबीएल व 2 एसबीबीएल गन शामिल है जो गौतबुद्धनगर के कासना से लूटी गई है। वहीं 32 बोर की एक पिस्टल और करीब 26 जिंदा कारतूस बरामद किए गए है। एक पिस्टल व एक तमंचे को छोड़कर बाकी बंदूक और रायफल लूट के मुकदमें कासना व सूरजपुर गौतमबुद्धनगर में पंजीकृत बताए गए है। उधर, दिल्ली और ग्रेटर नोएडा से लूटे गए वाहनों के मुकदमें भी दर्ज बताए गए है। वाहनों में एक एक्टिवा स्कूटी, आई-20, आई-10 कार, ओडी कार, स्विफ्ट कार व एक्सयूवी कार शामिल है। एक्टिवा दिल्ली से लूटा गया जबकि आई-10 कार कासना से लूटी बताई गई है।

दिल्ली, एनसीआर और हरियाणा में था गैंग का आतंक
बकौल पुलिस, वैशाली लूट की वारदात को अंजाम देने वाले गिरोह का दिल्ली, यूपी के गाजियाबाद, गौतबुद्धनगर एनसीआर, गुडगांव व हरियाणा राज्य में आतंक था। गिरफ्तार के समय गैंग समाज और आम जनता में अपनी दहशत बनाने के लिए लाईसेंसी असलाहों की लूट कर अन्य गैंग के संपर्क से हत्या जैसे संगीन अपराध को अंजाम देने की योजना बना रहा था। यह गिरोह लूट के हथियारों के बल पर कैश लूट व हत्या की घटनाओं को कारित करता है। गिरफ्तार सभी अभियुक्त शातिर किस्म के अपराधी है और तीनों राज्यों में इनके खिलाफ मुकदमें दर्ज है। एनसीआर क्षेत्र के थानों से इनके अपराध के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। गैंग ने अधिकांश हथियारों की लूट गौतबुद्धनगर जनपद से की है।

सभी से दिखाई हथियार-रुपयों की बरामदगी
पुलिस ने खुलासे में लूट के रुपयों की बरामदगी गिरफ्तार सभी बदमाशों से दिखाई है। सोनू भाटी से 2 लाख 2 हजार, राजकुमार से 40 हजार, दीपक से 45 हजार, शुभम के पास से 40 हजार, नेमकार से 500 रुपये व परवेज हसन से 9 लाख 30 हजार रुपये लूट के बरामद दिखाए गए है। पुलिस के अनुसार अभी लूट रुपयों का पूरी तरह बंटवारा नहीं किया गया था। वहीं सभी अभियुक्तों के पासे एक-एक हथियार जैसे बंदूक, रायफल, पिस्टल और तमंचा बरामद होना बताया है। उधर, पुलिस रिकार्ड के अनुसार दो साल के कार्यकाल यानी वर्ष 2017 से 18 में ही गैंग ने एक के बाद एक ताबड़तोड़ 13 बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया है जिसके बाद से वह पुलिस के रडार पर था।