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सपा के अधिकतर यूथ अध्यक्ष बदलने की हो चुकी है रणनीति तैयार

प्रमुख संवाददाता (करंट क्राइम)

गाजियाबाद। सपा के जिला व महानगर अध्यक्ष ने हाल ही में अपनी कमेटी की घोषणा की है। कमेटी में जो चेहरे शामिल हुए हैं, उन्हें देखकर स्पष्ट है कि वह सब दोनों अध्यक्षों से तालमेल बैठाकर चलेंगे। यही वजह है कि राहुल चौधरी की टीम में कई ऐसे चेहरे आए हैं, जिन्हें कभी पूर्व अध्यक्ष संजय यादव या जेपी कश्यप ने भाव नहीं दिया।
सुरेंद्र कुमार मुन्नी की भी कमेटी में ऐसे चेहरों की एंट्री हुई है जो कभी कांग्रेस में उनके साथ रहकर झंडा बुलंद किया करते थे। सही बात भी है जब टीम अपने अनुसार न हो तो संगठन चलाने में मुश्किलें आतीं हैं। मिशन प्रमुख संगठन के बाद अब दोनों अध्यक्षों ने यूथ पर फोकस कर दिया है। सूत्र बताते हैं कि यूथ चेहरों में इस बार कइयों को झटका लगने जा रहा है। यहां पर सबसे पहला नाम लोहिया वाहिनी के महानगर अध्यक्ष विक्रांत पंडित का है। विक्रांत पर वॉर्ड 50 की गाज गिरनी तय बताई जा रही है। सूत्र बताते हैं कि विक्रांत पंडित ने अपने प्रदेश अध्यक्ष से भी कोशिशें करके देख लीं हैं। मगर वहां से कोई मजबूत संकेत नहीं मिले हैं।
युवजन सभा के महानगर अध्यक्ष मनोज पंडित का भी दांव 90 प्रतिशत तक फंसा हुआ नजर आ रहा है। सूत्र बताते हैं कि अगर मनोज समर्पण वाली भूमिका में रहे तो वह अपना पद बचाने में कामयाब होंगे। छात्र सभा के महानगर अध्यक्ष पद पर विक्की ठाकुर की ताजपोशी पुन: हो सकती है। यह भी कहा जा सकता है कि अगर दिल्ली वाले ओएसडी का फोन एक अध्यक्ष के पास नहीं आया होता तो विक्की ठाकुर की भी विदाई तय थी। फिलहाल कहने वाले कह रहे हैं कि अपना मौजूदा पद बचा लेना कोई बड़ी उपलब्धि नहीं है। अगर इस पद से ऊपर प्रमोशन होता तो उसके संदेश मजबूत जाते।
सूत्रों का कहना है कि छात्र सभा के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं जुझारू युवा नेता पुष्पेंद्र चौधरी इस बार सपा युवजन सभा के महानगर अध्यक्ष बन सकते हैं।
राहुल चौधरी, पुष्पेंद्र की वर्किंग से भलीभांति परिचित हैं। पुष्पेंद्र चौधरी ने भी समय-समय पर अपनी मजबूती का अहसास कराया है। यह पद उनके लिए प्रमोशन की तरह होगा। यूथ बिग्रेड के महानगर अध्यक्ष पद पर रविंद्र यादव की पुन: ताजपोशी की संभावनाएं हैं।
युवजन सभा जिलाध्यक्ष का पद छोड़कर महानगर महासचिव बने संतोष यादव के स्थान पर कौन मजबूत चेहरा आएगा, इस पर भी सबकी नजर है। सूत्रों का कहना है कि यह जिम्मेदारी एक पूर्व जिला उपाध्यक्ष के पुत्र यशदेव यादव को मिल सकती है। छात्र सभा के जिलाध्यक्ष पद पर परवेश बैसोया की भी विदाई के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि संभावनाएं कम हैं फिर भी विश्वसनीय सूत्रों का कहना है कि इस पद पर अब कोई नया चेहरा ही आएगा। वहीं लोहिया वाहिनी जिलाध्यक्ष पद पर प्रदीप शर्मा अपनी सीट बचा पाएंगे या नहीं इस पर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। सूत्रों का कहना है कि यहां पर अजय खरखौदिया और योगेश सिरोही पूरी ताकत से जुटे हुए हैं।
प्रदीप शर्मा का निगेटिव प्वाइंट यह है कि उन्होंने खुलेतौर पर पालिका चुनाव में अपने घोषित प्रत्याशी को छोड़कर रामआसरे शर्मा को निर्दलीय चुनाव लड़ाया था। अजय खरखौदिया का सपा से बसपा में चले जाना और बसपा से वापस सपा में आना बड़ा निगेटिव प्वाइंट माना जा रहा है। यूथ बिग्रेड जिलाध्यक्ष के पद पर वॉर्ड 50 से पार्षद का चुनाव हार चुके निर्दोष त्यागी की संभावनाएं बताई जा रही हैं। यश यादव जो वर्तमान अध्यक्ष हैं,वह फिलहाल तटस्थ वाली भूमिका में नजर आ रहे हैं।
सपा लोहिया वाहिनी के महानगर अध्यक्ष पद पर पार्षद पति आरिफ मलिक के घोषित होने की संभावनाएं हैं। सूत्र बताते हैं कि इन्हें एमएलसी आशु मलिक का आशीर्वाद मिलने जा रहा है। जो भी हो घोषणा जब भी होगी, उसमें व्यापक परिवर्तन देखने को मिलेंगे। कई पुराने चेहरों का पत्ता साफ हो जाएगा। हो भी क्यों न, चुनाव पास हैं और अध्यक्षों को जब तक टीम अपने मन मुताबिक नहीं मिलेगी तो वह कैसे चुनावों में अपने उम्मीदवार को मजबूत टीम दे पाएंगे।

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