प्रमुख स्टेडियमों के निजीकरण पर इंतजार की नीति अपना रहा खेल मंत्रालय

0
57

नई दिल्ली (ईएमएस)। खेल मंत्रालय ने केंद्र सरकार से प्रमुख स्टेडियमों के निजीकरण की उसकी योजना के संबंध में विस्तृत प्रस्ताव मांगा है। मंत्रालय फिलहाल ना तो इस प्रस्ताव के खिलाफ है और ना ही पक्ष में यानी इंतजार की नीति अपना रहा है। खेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘नीति आयोग के एक सदस्य ने हाल ही में बैठक के दौरान प्रस्ताव रखा लेकिन हम चाहते हैं कि स्टेडियमों का इस्तेमाल देश के एलीट खिलाड़ियों के लिए ही हो।’ जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम के अलावा इंदिरा गांधी खेल परिसर और करनैल सिंह स्टेडियम को भी सार्वजनिक निजी साझेदारी (पीपीपी) मॉडल में रखा जा सकता है। जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में 2010 राष्ट्रमंडल खेलों की ऐथलेटिक्स स्पर्धायें और 2017 अंडर 17 फुटबॉल विश्व कप के मैच खेले गए थे। आईजीआई इंडोर स्टेडियम में कुश्ती और मुक्केबाजी के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय टूर्नमेंट होते हैं । करनैल सिंह स्टेडियम में रणजी ट्रॉफी मैच होते हैं और यह रेलवे का घरेलू मैदान है। अधिकारी ने कहा कि खेल मंत्रालय यह जानना चाहता है कि निजी क्षेत्र के हाथों में जाने के बाद स्टेडियमों का कैसे इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के हितों के साथ कोई समझौता नहीं होगा और इस पर अंतिम फैसला प्रस्ताव की समीक्षा के बाद ही किया जाएगा।