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विधायक नंद किशोर गुर्जर का अंदाज-ए-अधिकारी

वरिष्ठ संवाददाता (करंट क्राइम)

गाजियाबाद। लोनी के विधायक नंद किशोर गुर्जर का जनसमस्याओं के समाधान को लेकर अपना ही अलग अंदाज है। कई बार वह पुलिस से पहले मौके पर पहुंचे हैं और कई मामलों में उनका अंदाज त्वरित न्याय दिलाने का रहता है। इस बार मजदूरों की समस्या को लेकर नंदकिशोर गुर्जर जनप्रतिनिधि वाले रोल से आगे निकलकर अधिकारी वाले रोल में आ गए। उन्होंने एलपीजी बॉटलिंग प्लांट प्रबंधक को सीधा पत्र लिखा है। खास बात यह है कि पत्र की प्रतिलिपि उन्होंने डीएम, एसएसपी से लेकर लेबर कमिशनर तक को भेजी है। नंदकिशोर गुर्जर ने बॉटलिंग प्लांट के अधिकारी को पत्र लिखकर कहा है कि मेरे विधानसभा क्षेत्र लोनी में आपका एलपीजी बॉटलिंग प्लांट है। जहां पर काफी मात्रा में मेरे क्षेत्र की कांट्रेक्ट लेबर काम करती है। इनको उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा समय समय पर तयमानकों के हिसाब से न्यूनतम भत्ता, पीएफ, ईएसआई का लाभ मिलता है। परन्तु कुछ लेबर जो आपके लोनी प्लांट पर एलपीजी सिलेंडर की ढुलाई का काम करते हैं उन सभी कांट्रेक्ट लेबर को ना तो तयमानकों के हिसाब से प्रतिदिन न्यूनतक भत्ता मिलता है और ना ही पीएफ और ईएसआई की सुविधा उपलब्ध है। आपको 15 जून 2016 को पहले भी एक पत्र भेजा था। इस संबंध में 27 अप्रैल 2015 को आपके द्वारा लिखित आश्वासन भी दिया गया था कि आपके लोनी बॉटलिंग प्लांट पर एलपीजी सिलेन्डर की लोडिंग-अनलोडिंग में कार्यरत कांट्रेक्ट लेबर को न्यूनतम भत्ता और पीएफ, ईएसआई का लाभ दिया जाएगा। दो साल बीत जाने के बाद भी टेन्डर में दी गयी शर्तों के अनुसार और भारत सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार इस संबंध में कोई भी कार्यवाही नहीं की है। ऐसा प्रतीत होता है कि आप अपने पद का दुरूपयोग करते हुए तथा अपने निजी स्वार्थों को पूरा करने के लिए गरीब कॉन्ट्रेक्ट लेबर को इन सभी सुविधाओं से वंचित रखा है और उनका शोषण किया है। इस संबंध में मुझे आपके प्लांट में कार्यरत लेबर द्वारा कई शिकायतें मिली हैं। इन शिकायतों के निवारण के लिए आप लोनी प्लांट पर लोडिंग-अनलोडिंग में काम करने वाले सभी कान्ट्रेक्ट लेबर को भुगतान किए गए न्यूनतम भत्तों तथा प्रोविडेन्ड फंड, ईएसआई का सत्यापित रिकॉर्ड जल्द उपलब्ध कराएं। लोनी विधायक का ये अंदाज अब प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। अधिकारी मान रहे हैं कि विधायक अपने कार्यक्षेत्र से बाहर जाकर निर्देश दे रहे हैं। यदि उन्हें किसी कंपनी या विभाग से शिकायत है तो वह सीधे प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र लिखकर जांच या कार्यवाही के लिए कह सकते हैं। हालाकि जनसमस्याओं के लिए पत्र लिखने में कोई गुरेज नहीं है। नंदकिशोर गुर्जर वैसे भी छात्र जीवन से ही जनसमस्याओं को लेकर आंदोलन कर चुके हैं। अब वह विधायक हैं और विधायक होने के नाते उनके पत्रों का प्रशासन में भी महत्व है। बहरहाल लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर का अंदाज-ए-अधिकारी वाला पत्र चर्चा का विषय बना हुआ है।

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