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दिल्ली के राजेंद्र भवन में हुआ तीसरे पामिस्ट्री-डे का शुभारंभ

नई दिल्ली (करंट क्राइम)। दिल्ली के राजेंद्र भवन में तीसरे पामिस्ट्री डे 2018 का भव्य शुभारंभ हुआ। यह कार्यक्रम संसदीय कार्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल द्वारा आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संसदीय कार्य मंत्री अर्जन राम मेघवाल ने कहा कि किस सामाजिक दायित्व के प्रति जागरूकता एवं उनका निर्वहन की इच्छाशक्ति डॉ. लक्ष्मीकांत त्रिपाठी की विशेषता है और उन्होंने हाथ देखने की कला को बहुत रोचक और लोककल्याणकारी बनाया है। इस क्रमबद्ध सुसंगठित ज्ञान की प्रशंसा होनी चाहिए। इसे क्रमबद्ध करके उन्होंने इसे लोककल्याणकारी बनाया है। हमारे देश में हमेशा से प्रसन्नता के साधन ढूंढे जाते रहे हैं,वे साधन केवल वस्तुएँ नहीं अच्छे विचार एवं संदेश के रूप भी होते थे और उनमें से एक है प्रश्न पूछना। प्रश्न पूछने से ही अंतर व्यथा और अंतर्द्वंद समाप्त हो जाते हैं। इसलिए हमारे यहां सर्वे भवंतु सुखिना ,सर्वे संतु निरामया: का नारा रहा है, कैसे सब लोग सुखी हों ? लेकिन दुनिया का ध्यान इस ओर तब गया है, जब हैप्पीनेस इंडेक्स की बात हुई और उसमें हमारा देश काफी पीछे है। हमने आम आदमी के लिए ऐसी विधियां, ऐसा ज्ञान, ऐसे मार्गदर्शन के सूत्र हमारे ऋषियों ने बनाए हैं जिसे मनुष्य प्रसन्नता के साथ-साथ प्रेरणा पाता है जीवन में आगे बढ़ने की। इस महत्वपूर्ण विद्या को क्रमबद्ध ढंग से लोकोपकारी बनाना निश्चित रूप से मुझे बहुत पसंद है। ऐसे अद्भुत आयोजन में शामिल होकर मैं प्रसन्नता का अनुभव कर रहा हूँ। मैं जहां भी जाऊँगा इसकी चर्चा जरूर करूँगा।
इस अवसर पर दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. प्रोफेसर दिनेश सिंह ने कहा कि डॉक्टर लक्ष्मीकांत त्रिपाठी का ज्ञान डेटा पर आधारित है और डेटा ही सत्य तक पहुंचाने का राजमार्ग है। बिना साधना के सिद्धि प्राप्ति नहीं होती है। इष्टकृपा या अतिंद्रिय शक्ति मनुष्य की चारित्रिक दृढ़ता का सूचक है ना कि अंधविश्वास का। श्री रामानुजन, जो महान गणितज्ञ थे, वह भी कभी-कभी अपने सवालों के जवाब को इंट्यूशन के द्वारा प्राप्त कर लेते थे।
कार्यक्रम के आयोजक अनिरुद्ध सिंह, सीईओ इंडिया वॉइस ने कहा कि हमने डॉक्टर त्रिपाठी के ज्ञान को अपने जीवन में उतारा जब सही पाया तो इस कार्य को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया है। दैनिक करंट क्राइम के संपादक मनोज गुप्ता ने कहा कि मैं पिछले 15 वर्षों से डॉक्टर लक्ष्मीकांत त्रिपाठी से सलाह लेकर जीवन में एक बड़ी मुकाम तक पहुंचा हूं और मैं कोशिश करता हूं कि जो भी व्यक्ति परेशान हो उसे लेकर इनके पास जाऊं और उसकी समस्या का समाधान खोजने का प्रयास करें। यह कार्य मुझे बहुत सुख और संतोष देता है। कार्यक्रम में पधारे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमित घोष ने कहा कि पहली बार जब मैं डॉ. लक्ष्मीकांत त्रिपाठी मिला तब मैं बहुत परेशान था और उनके परामर्श से मुझे जो शांति मिली, समाधान मिला, उसका वर्णन शब्दों में नहीं कर सकता।
अंत में आयुर्वेर्दाचार्य ,हस्त रेखा विशेषज्ञ डॉक्टर लक्ष्मीकांत त्रिपाठी ने कहा कि सलाह लेना बुद्धिमानों का काम है, अर्जुन ने सलाह ली और उसकी विजय हुई। दुर्योधन ने किसी से सलाह नहीं ली। उन्होंने कहा कि हथेली भी ईश्वर द्वारा बनाई गई है। जन्म कुंडली कोई ना कोई संदेश आपके लिए हुए हैं, जरूरत है तो इन्हें पढ़ने की।
उन्होंने अपने कार्यों की विस्तृत एवं प्रभावशाली वीडियो केस स्टडी भी प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि उदासी,अवसाद से निपटने में आयुर्वेद और हस्तरेखा विज्ञान का बहुत बड़ा योगदान है। इसके बारे में लोगों को जागरुक किया जाए तो सिर्फ अपनी शारीरिक, मानसिक देखभाल करना भी सीख सकते हैं। इस संबंध में उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वह अपनी दिनचर्या को ठीक करें। कुछ जड़ी-बूटियां और शंखपुष्पी, ब्राह्मी, अश्वगंधा और गाय का घी मानसिक शक्ति बढ़ाने में बेजोड़ है। वातावरण में प्रदूषण, भोजन में मिलावट एवं सामाजिक मूल्यों में गिरावट आज की सबसे बड़ी चुनौती है।
डॉ. लक्ष्मीकांत त्रिपाठी ने कहा कि पामिस्ट्री डे के आयोजन का उद्देश्य उन लोगों के प्रति धन्यवाद एवं आभार व्यक्त करना है जिन्होंने हस्तरेखा विज्ञान को आगे बढ़ाने में, उसे पहचान दिलाने में निरंतर सहयोग दिया। अंत में उन्होंने सबको प्रार्थना एवं ध्यान भी कराया। इस अवसर पर अनेक गणमान्य बुद्धिजीवी उपस्थित थे। जिनमें से अमरनाथ अमर, डीके कपूर,महेश तिवारी, संजय पांडे, वीपी सिंह,राजीव रंजन श्रीवास्तव,नरेश अग्रवाल,डॉक्टर उमाकांत त्रिपाठी सहित अनेक गणमान्य बुद्धिजीवी लोग शामिल रहे।

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