एक राष्ट्र, एक भाषा पर कर्नाटक सीएम येदियुरप्पा ने कहा कन्नड़ के महत्व से कोई समझौता नहीं

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नई दिल्ली (ईएमएस)। एक राष्ट्र, एक भाषा के विचार के खिलाफ विपक्षियों की मुखर आवाज के बीच अब बीजेपी के अंदर से भी विरोधी स्वर सुनाई देने लगे हैं। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने साफ कहा है कि वह कर्नाटक में कन्नड़ को ही तवज्जो और बढ़ावा देंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कन्नड़ के महत्व से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। विपक्षियों की जमात से इतर पहली बार बीजेपी के किसी कद्दावर नेता ने भी शाह के विचार को खारिज कर दिया। येदियुरप्पा ने ट्वीट कर कहा, हमारे देश में सभी आधिकारिक भाषाएं एक समान हैं। हालांकि जहां तक कर्नाटक की बात है, कन्नड़ यहां की प्रमुख भाषा है। उन्होंने आगे लिखा, हम इसके (कन्नड़ के) महत्व से कभी भी समझौता नहीं करेंगे। हम कन्नड़ और अपने राज्य की संस्कृति को बढ़ावा देने को संकल्पित हैं।
विपक्षियों की कड़ी प्रतिक्रिया
गृह मंत्री अमित शाह ने हिंदी दिवस के अवसर पर पूरे देश को एक सूत्र में जोडऩे वाली भाषा के रूप में हिंदी को बढ़ावा देने की वकालत की थी। उनके इस विचार पर ममता बनर्जी, स्टालीन, असदुद्दीन ओवैसी, कमल हासन और राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी। केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने हिंदी से देश को एकजुट रखने के दावे हास्यापद बताते हुए कहा था कि गृह मंत्री का दावा गैर-हिंदी भाषा लोगों की मातृभाषा के खिलाफ युद्धघोष है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, यह (हिंदी) बहुसंख्यक भारतीयों की मातृभाषा नहीं है। उनपर हिंदी को थोपना उन्हें गुलाम बनाने जैसा है। किसी भी भारतीय को भाषा के कारण खुद को अलग-थलग महसूस नहीं करना चाहिए। भारत की ताकत विविधता को स्वीकार करने की इसकी क्षमता में है।