जेट एयरवेज ने नुकसान वाले 9 विदेशी रूट्स पर हवाई यात्रा को दिया विराम

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मुंबई (ईएमएस)। देश के निजी क्षेत्र की बड़ी विमान कंपनी जेट एयरवेज ने अपने अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को आर्थिक रूप से फायदेमंद बनाने के लिए घाटे वाले रूट्स पर फ्लाइट्स बंद कर रही है। इसके साथ वह कुछ नए रूट्स पर सर्विस लॉन्च कर रही है, जहां उसे पैसे बनने की उम्मीद है। कंपनी बिजनेस को सुचारू रूप से चलाने के लिए निवेशक की तलाश के साथ प्रॉफिट में आने की कोशिश कर रही है। कुछ फ्लाइट्स बंद करने के मामले में जेट का दावा है कि इससे आपरेशंस के लेवल पर कोई बदलाव नहीं हुआ है।
इस मामले से वाकिफ एक सूत्र ने बताया कि मार्केट शेयर के लिहाज से देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी ने खाड़ी देशों के 9 रूट्स पर 30 फ्लाइट्स को बंद करने का फैसला किया है। एयरलाइन ने इंटरनेशनल रूट्स पर 30 नए फ्लाइट्स को भी शामिल किया है, खासकर साउथ ईस्ट एशिया देशों के रूट्स पर। जेट देश और विदेश में रोज 600 से ज्यादा फ्लाइट्स ऑपरेट करती है। एयरलाइन ने मस्कट, दोहा, अबू धाबी और दुबई की फ्लाइट्स में कटौती की है। वहीं सिंगापुर, काठमांडू और बैंकाक रूट्स पर फ्लाइट्स को शामिल किया है। एयरलाइन ने कहा, ब्रेंट क्रूड की कीमतों में तेज बढ़ोतरी, रुपये में कमजोरी और प्राइस वॉर के चलते एविएशन इंडस्ट्री की चुनौतीपूर्ण स्थिति को देखते हुए जेट ने अपने आर्थिक प्रदर्शन, एफिशिएंसी और प्रॉडक्टिविटी बढ़ाने लिए कई पहल शुरू की हैं, जिनसे लॉन्ग टर्म में कंपनी की वित्तीय सेहत में सुधार होगा। जेट ने बताया, इन पहल के तहत एयरलाइन ने अपने नेटवर्क की व्यापक समीक्षा की है। इसके तहत हम घाटे वाले रूट्स से फ्लाइट्स को हटाकर मुनाफे वाले रूट्स पर शुरू करेंगे। इसी रणनीति के तहत खाड़ी देशों के ऑपरेशंस में सुधार किया जा रहा है। इन रूट्स के लिए प्वाइंट-टु-प्वाइंट कनेक्टिविटी की जगह अब हमारा फोकस मुंबई और दिल्ली में हमारे मौजूदा हब से कनेक्टिविटी पर होगा। जेट के हब पर फोकस करने से हम अपने मेहमानों को ज्यादा अच्छी सुविधाएं मुहैया करा पाएंगे, साथ ही एसेट्स और रिसोर्सेज का भी बेहतर इस्तेमाल हो पाएगा। कंपनी ने कहा कि एयरलाइन सर्दियों के दौरान दिल्ली से बैंकॉक, मुंबई से दोहा, दिल्ली से दोहा, दिल्ली से सिंगापुर, मुंबई से सिंगापुर, मुंबई से दुबई और दिल्ली और काठमांडू के लिए फ्लाइट्स की संख्या बढ़ाएगी।