बुलेट ट्रेन पर भूमि अधिग्रहण का ब्रेक 2022 तक बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पूरा कर पाना संभव नहीं

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मुंबई, (ईएमएस)। दो साल पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान के प्रधानमंत्री शिजों आबे के साथ 508 किलोमीटर लंबी अहमदाबाद-मुंबई हाई-स्पीड रेल परियोजना की आधारशिला रखी थी. इस परियोजना की आधारशिला रखे जाने के बाद से ही बुलेट ट्रेन का इंतजार होने लगा है. बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन परियोजना के लिए जिस रफ्तार से भूमि अधिग्रहण का काम चल रहा है वह इसके समय से पूरा होने पर सवाल खड़े कर रहा है. खबर के मुताबिक अब तक जरूरी 1387 हेक्टेयर भूमि में से सिर्फ 39 प्रतिशत भूमि का ही अधिग्रहण हो पाया है. परियोजना के लिए महाराष्ट्र और गुजरात में आवश्यक 1387 हेक्टेयर भूमि में से 537 हेक्टेयर भूमि का ही अधिग्रहण हो पाया है. महाराष्ट्र में 431 में से 66 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया और गुजरात में 940 हेक्टयेर भूमि में से 471 हेक्टेयर. जबकि दादरा और नगर हवेली में जरूरी 9 हेक्टेयर भूमि में से कुछ भी अधिग्रहीत नहीं किया गया है. बता दें कि सरकार ने भूमि अधिग्रहण के अवरोध को समाप्त करने के लिए दिसंबर 2018 तक की समय-सीमा तय की थी. हालांकि 1.08 लाख करोड़ रुपये की परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण का आधा काम भी पूरा नहीं हो पाया है. इन सब वजहों से फिलहाल यही कहा जा रहा है कि बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को 2022 तक पूरा कर पाना संभव नहीं हो पायेगा.