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भारत-श्रीलंका के बीच चार अहम समझौते, मछुआरों का मुद्दा सुलझाएंगे दोनों देश

कोलंबो। श्रीलंका की दो दिवसीय यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच चार महत्वपूर्ण समझौते करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलंबो की महाबोधी सोसायटी जाकर वहां पूजा-अर्चना की। पीएम यहां और बच्चों से भी मिले। मोदी ने यहां अपने संबोधन में कहा कि श्रीलंका महात्मा बुद्ध का देश है। बुद्ध सभी को जोड़ते हैं। हर देश में श्रीलंका के बौद्र भिक्षु हैं। उन्होंने कहा कि मैंने मुख्यमंत्री रहते हुए अंतरराष्ट्रीय बुद्ध सभी बुलाई थी। इससे पहले द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए पीएम मोदी और श्रीलंकाई राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना की मौजूदगी में भारत और श्रीलंका (India-Sri Lanka)के बीच समुद्री सुरक्षा, वीजा, कस्टम और ऊर्जा को लेकर अहम समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। इसके बाद पीएम ने अपने संबोधन में कहा कि भारत श्रीलंका की जरूरतों और चिंताओं को समझता है। लिहाजा, दोनों देश कारोबार और आर्थिक सहयोग को बढ़ाना चाहते हैं। पीएम ने कहा कि मुझे श्रीलंका दौरे का इंतजार था। वर्ष 1987 के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली यात्रा है। पीएम ने यहां घोषणा की कि भारत त्रिंकोमाली को पेट्रोलियम हब बनने में करेगा मदद। इसके अलावा दिल्ली से कोलंबो के बीच जल्द सीधी उड़ान शुरु करने, 14 अप्रैल से श्रीलंकाई नागरिकों को वीजा ऑन अराइवल की सुविधा देने, भारत में बुद्ध सर्किट ट्रेन चलने की घोषण भी की। पीएम ने दोनों देशों के बीच मछुआरों के मुद्दे पर चिंता जताई भी जताई और कहा कि इससे कई लोगों की रोजी-रोटी जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि फिशरमैन एसोसिएशन उनसे जल्द मिले। इस मसले को दोनों देश मानवीय आधार पर सुलझाएंगे। उन्होंने कहा कि दोनों देश समुद्री अर्थव्यवस्था पर ज्वाइंट फोर्स बनाएंगे। उधर, श्रीलंका के राष्ट्रपति सिरीसेना ने भी दोनों देशों के बीच मजबूत, ऐतिहासिक और पारंपरिक रिश्ते होने की बात कही। साथ ही कहा कि हम भारत के साथ नजदीकी संबंधों के पक्ष में हैं। सिरीसेना ने घोषणा की कि भारत में बुद्ध सर्किट ट्रेन की तर्ज पर श्रीलंका में भी रामायण सर्किट ट्रेन चलाई जाएगी। इससे पहले राजकीय सम्मान के तहत राष्ट्रपति सचिवालय में पीएम मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर और तोपों की सलामी दी गई। इसके बाद राष्ट्रपति सचिवालय में भारत-श्रीलंका प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई। इसमें दोनों देशों के बीच कई द्विपक्षीय मसलों पर महत्वपूर्ण चर्चा और निर्णय हुए। उधर, श्रीलंका ने भी भारत के साथ रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए 86 भारतीय मछुआरों को रिहा कर दिया है। दो दिवसीय श्रीलंका यात्रा के लिए आज सुबह श्रीलंका की राजधानी कोलंबो पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वहां भव्य स्वागत हुआ। श्रीलंकाई पीएम विक्रमसिंघे और संस्कृति मंत्री अर्जुन रणतुंगा ने एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। प्रधानमंत्री श्रीलंका के लिए गुरुवार रात मॉरीशस की राजधानी से रवाना हुए थे। हिंद महासागर के तीन द्वीपीय राष्ट्रों के अंतिम पड़ाव में वह श्रीलंका दौरे पर हैं। पिछले 28 वर्ष में श्रीलंका की यात्रा पर पहुंचे पहले प्रधानमंत्री मोदी आज श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना से शिखर वार्ता करेंगे । इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी श्रीलंका की संसद को भी संबोधित करेंगे। जनवरी में राष्ट्रपति के तौर पर पदभार संभालने के बाद सिरीसेना अपनी पहली विदेश यात्रा के तहत पिछले महीने भारत आए थे। प्रधानमंत्री की श्रीलंका यात्रा द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं को और मजबूत करने के मौके के तौर पर देखी जा रही है। क्या मोदी का दौरा ‘भारत-श्रीलंका संबंध’ सुधारेगा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस सप्ताह श्रीलंका दौरे ने न केवल कोलंबो बल्कि तमिलनाडु में भी काफी आशाएं पैदा कर दी हैं। मोदी ने रविवार को ट्वीट किया था कि वह बहुत खुशी तथा विश्वास के साथ श्रीलंका के पहले दौरे पर जा रहे हैं कि इससे श्रीलंका के साथ भारत के संबंध हमारे लोगों के हित में और भी मजबूत होंगे। तीन देशों की यात्रा शुरू करने से पहले जारी किए गए बयान में मोदी ने कहा था, ‘मैं इस यात्रा को हमारे संबंधों के सभी आयामों – राजनीतिक, सामरिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और सर्वोपरि लोगों से लोगों का संपर्क – को और मजबूत बनाने के एक मौके के तौर पर देखता हूं।

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