भारत में हर साल 6700 करोड़ किलो सामग्री बर्बाद, 26 करोड़ लोगों को छ माह तक भर सकते हैं पेट

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नई दिल्ली (ईएमएस)। आज वर्ल्ड सस्टेनेबल गैस्ट्रोनोमी डे है, यानी दुनिया भर में खाने को बर्बाद होने से बचाने के लिए मनाया जाने वाला दिन। यह बात ध्यान में रखी जाती हैं, किसान, गोदाम, फूड प्रोसेसिंग करने वाली यूनिट और विक्रेता किसी के भी पास से खाने की वस्तुएं बर्बाद न हो। संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन की माने तो पूरी दुनिया में हर साल करीब 1.30 लाख करोड़ किलो खाद्य सामग्री बर्बाद होती है। जबकि, भारत में हर साल 6700 करोड़ किलो खाद्य सामग्री बर्बाद होती है। इसकी कीमत करीब 90 हजार करोड़ है। यह इतनी खाद्य सामग्री है जिससे देश के 26 करोड़ लोगों का छह महीने तक पेट भरा जा सकता है।
देश में हर साल करीब 2100 करोड़ किलो गेंहू खराब हो जाता है। लगभग,इतना ही गेंहू ऑस्ट्रेलिया हर साल पैदा करता है। मुंबई म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन के अनुसार मुंबई में हर दिन 94 लाख किलो सॉलिड वेस्ट निकलता है। इसमें 73 फीसदी (यानी68.62 लाख किलो) खाद्य सामग्री होती है। भारत में हर साल 6700 करोड़ किलो खाद्य सामग्री बर्बाद होती है। इसकी कीमत करीब 90 हजार करोड़ है। यानी हर दिन 244 करोड़ का भोजन व्यर्थ होता है।
भारत में हर साल करीब 19 करोड़ लोग भूखे रहते हैं
देश में हर साल करीब 19.40 करोड़ लोग भूखे रहते हैं। देश में सरकारी योजना मिड डे मील स्कीम के तहत करीब 12 मिलियन बच्चों को हर रोज भोजन खिलाया जाता है। हर व्यक्ति को भोजन और रोजगार उपलब्ध कराने के नाम पर करोड़ों का सरकारी धन खर्च होता है फिर भी संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के मुताबिक देश में हर साल भूख या कुपोषण के कारण पांच वर्ष की आयु तक पहुंचने से पहले लगभग 10 लाख बच्चे मर जाते हैं। भारतीय लोक प्रशासन संस्थान की एक रिपोर्ट को माने तो भारत में हर साल 23 मिलियन टन दालों, 12 मिलियन टन फल और 21 मिलियन टन सब्जियां वितरण प्रणाली में खामियों के कारण खराब हो जाती हैं।
2030 तक दुनिया सालाना 2.1 अरब टन खाने की बर्बाद करेगी
संयुक्त राष्ट्र ने इस बार एक्ट नाऊ कैंपेन चलाया है ताकि खाने की बर्बादी रोकी जा सके। इसके लिए यूएन ने दुनिया भर के शेफ को इस कैंपेन में शामिल होने को कहा है। क्योंकि पूरी दुनिया में जिस तरह रफ्तार से खाना बर्बाद हो रहा है, उसी गति से चलते रहे ते 2030 तक दुनिया सालाना 2.1 अरब टन खाने की बर्बाद करेगी।
53 देशों में 11.3 करोड़ लोग झेल रहे हैं भूख की मार
संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन की एक ताजा रिपोर्ट कहती है कि भूख की अत्यंत मार झेल रहे ये 11.3 करोड़ से ज्यादा लोग दुनिया के 53 देशों में फैले हैं। इस समस्या से सबसे ज्यादा अफ्रीकी महाद्वीप जूझ रहा है। युद्ध झेल रहे यमन,सीरिया, अफगानिस्तान और डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो दुनिया के उन आठ देशों में शामिल हैं जहां भुखमरी झेल रहे इन लोगों में से दो तिहाई लोग रहते हैं।