हिमाचल में बीते दस सालों में हुए 30993 सड़क हादसे, 11561 लोगों ने गवांई जान

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कुल्लू (ईएमएस)। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में गुरुवार को हुए भीषण बस हादसे में 44 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 30 से अधिक यात्री घायल हुए हैं। इस हादसे के बाद, एक बार फिर, पहाड़ी सड़कों पर असुरक्षित यात्रा को लेकर सवाल किए जा रहे हैं। हिमाचल प्रदेश में सड़क हादसों में मरने वाले लोगों के आंकड़े भयावह हैं। प्रदेश में पिछले 10 सालों में लगभग 30,993 सड़क हादसे हुए हैं। जिनमें 11,561 लोग मौत के शिकार हुए हैं। कुल्लू जिले के बंजर क्षेत्र में गुरुवार को 60 से ज्‍यादा यात्रियों से भरी एक बस खाई में गिर गई। इस घटना के बाद अबतक 44 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। वहीं हादसे में घायल लोगों को इलाज के लिए स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
यात्रियों से भरी बस बंजर से गड़ागुशैणी की ओर जा रही थी, तभी यह घटना घटित हुई। बताया जाता है कि ड्राइवर ने अचानक बस पर नियंत्रण खो दिया और यह बड़ा हादसा हो गया।
उधर, मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं। मृतकों और घायलों के परिजनों को जिला प्रशासन की तरफ से 50 हजार रुपए मुआवजा दिया गया है। पर, सबसे अहम सवाल यही है कि आखिर पहाड़ी इलाकों पर लगातार हो रहे सड़क हादसों पर अंकुश क्यों नहीं लग पा रहा है। यह सवाल इसलिए भी अहम है कि वर्ष 2009 से 2018 तक के बीच सूबे में 30, 993 सड़क हादसे हुए हैं। इस हादसे में जहां 11,561 लोगों की जान चली गई, वहीं 53,909 लोग घायल हुए। हिमाचल प्रदेश में सिर्फ इस वर्ष हुए सड़क हादसों की बात करें तो 31 मई तक 1168 सड़क हादसे हुए हैं। इनमें 430 लोगों की जान गई है जबकि 2155 लोग घायल हुए हैं।