हरियाणा में अब प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री कराना हुआ महंगा, बनाए गए स्लैब

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चंडीगढ़ (ईएमएस)। मंगलवार को आम जनता को झटका देते हुए हरियाणा कैबिनेट ने अचल संपत्ति के गैर वसीयत वाले दस्तावेजों पर रजिस्ट्री की फीस बढ़ा दी है। वहीं राहत के रूप में बिजली उपभोक्ताओं के विवादों को खत्म करने का इंतजाम भी किया हैं। इसी के साथ तेजाब पीड़ित महिलाओं की मासिक पेंशन शुरू कर के भी एक और राहत दी है। मंगलवार दोपहर घंटों चली हरियाणा कैबिनेट की बैठक के दौरान यह फैसले लिए गए।
अचल संपत्ति के गैर वसीयत में दस्तावेजों की रजिस्ट्री फीस में संशोधन करते हुए कैबिनेट बैठक में ना केवल दरें बढ़ाई गई, बल्कि इसके लिए ही बनाए गए हैं। दरें बढ़ाने की अहम वजह कैबिनेट ने पंजीकरण विभाग के खर्चों को पूरा करना बताया। बता दे कि रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1908 के तहत रजिस्ट्री फीस की तरह 2006 में संशोधित की गई थी। जमीन की कीमत 25 लाख से ज्यादा होने पर उस समय में रजिस्ट्री की अधिकतम दर 15 हजार रुपए थी। रजिस्ट्री दरों में संशोधन की बात अब इसका नया स्लैब सिस्टम शुरू किया गया है। कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं आधारभूत संरचना विकास निगम द्वारा बनाए जा रहे हैं कुंडली मानेसर पलवल एक्सप्रेसवे परियोजना के 6 लेन वाले कुंडली मानेसर सेक्शन पर टोल वसूली के संबंध में उद्योग और वाणिज्य विभाग के प्रस्ताव स्वीकृति दी गई। 31 अक्टूबर तक इस सेक्शन का काम पूरे होने की संभावना है इसके तुरंत बाद सेक्शन पर टो लगाया जाना है।