पांच वोट वाली सपा में आसिफ का जीत वाला सिक्सर

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गाजियाबाद (करंट क्राइम)। निगम मुख्यालय में जब जीडीए बोर्ड सदस्य के लिए चुनाव हुआ तो यहां सबसे ज्यादा चौंकाने वाला दांव समाजवादी पार्टी का रहा। समाजवादी पार्टी ने यहां वह कमाल किया, जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी। सौ वोटों वाले इस गेम में सपा पांच वोटों के साथ सबसे कमजोर नजर आ रही थी। लेकिन जब ताकत का मुलाहिजा हुआ तो यहां समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार आसिफ चौधरी ने जीत वाला सिक्सर मैच के अंतिम ओवर की अंतिम बॉल पर मारा। जीडीए बोर्ड चुनाव की सुगबुगाहट जब शुरू हुई थी, तब निगम कार्यकारिणी सदस्य आसिफ चौधरी का नाम कहीं नहीं था।
इसके बाद जब रविवार को सपा, भाजपा, कांग्रेस खेमे में नामों को लेकर गहमागहमी का माहौल था और रणनीति बन रही थी, तब भी आसिफ चौधरी के नाम को लेकर चर्चा नहीं थी। लेकिन चर्चा तब शुरू हुई जब आसिफ चौधरी ने नगर निगम पहुंचकर जीडीए बोर्ड उम्मीदवार के लिए सपा प्रत्याशी के रूप में पर्चा भर दिया। आसिफ चौधरी सुबह दस बजे नगर निगम पहुंचे और चुनाव प्रक्रिया शुरू होते ही आसिफ का नाम अचानक से सपा की ओर से प्रस्तावित किया गया। खेल का ट्वीस्ट यह रहा कि भाजपा समझ ही नहीं पाई कि सपा यह कौन सा कदम उठा रही है। भाजपा ने सपा के जीडीए बोर्ड उम्मीदवार आसिफ की उम्मीदवारी को हल्के में ले लिया और इसके बाद जो नतीजा आया, उसने भाजपा को सकते में ला दिया। सपा यहां पूरी तरह गेम फिनिशर के रोल में नजर आई। अन्य विपक्षी दल जहां बिखरे नजर आए,वहीं समाजवादी कुनबा पूरी तरह एकजुट नजर आया। सपा के पदेन सदस्य एमएलसी राकेश यादव, बलवंत सिंह रामूवालिया अपने उम्मीदवार के लिए नगर निगम पहुंचे और अपना वोट डाला। आसिफ के इस शॉर्ट ने सपा को पांच सदस्यों वाले नगर निगम में आॅक्सीजन दी है। अब सपा का प्रतिनिधित्व जीडीए बोर्ड में होगा। खास बात यह है कि चुनाव भले ही छोटा है लेकिन इसके संदेश बहुत बड़े गए हैं। सपा विपक्ष की राजनीति में अब पूर्वी उत्तर प्रदेश से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक और नगर निगम से लेकर जीडीए बोर्ड तक अपनी ताकत का अहसास करा रही है। सपा यहां पांच वोट के बाद भी एक बड़ी ताकत के रूप में उभरी है।
इससे पहले सपा ने बसपा से हाथ मिलाकर भाजपा का गढ़ माने जाने वाले गोरखपुर, फूलपुर में भाजपा को पटकनी दी और कैराना और नूरपुर में भाजपा को हराकर अपनी ताकत का अहसास कराया। अब सपा ने उस नगर निगम में भाजपा को अपनी क्षमताओं का अहसास कराया है, जहां भाजपा 57 पार्षद, एक मेयर, तीन विधायक और दो सांसदों के साथ पूरी तरह बहुमत में है। सपा के पास इस फौज के मुकाबले मात्र पांच पार्षद और दो एमएलसी थे लेकिन उसके उम्मीदवार ने 18 वोट लेकर विक्ट्री का निशान बना दिया।