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आईआईटी बीएचयू, आईआईटी-गुवाहाटी जॉइंट डॉक्टरल प्रोग्राम शुरू करेंगे

वाराणसी (उत्तर प्रदेश)| भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (आईआईटी-बीएचयू)और आईआईटी-गुवाहाटी ने एक संयुक्त डॉक्टरेट कार्यक्रम शुरू करने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया है। यह देश में पहली बार होगा जब दो आईआईटी जॉइंट डिग्री प्रोग्राम की पेशकश के लिए एक साथ आए हैं।

आईआईटी-बीएचयू के प्रवक्ता ने कहा कि संयुक्त पीएचडी कार्यक्रम का विचार मूल रूप से 27 सितंबर, 2019 को आयोजित 53 वीं आईआईटी परिषद की बैठक में प्रस्तावित किया गया था। इसके पीछे का विजन एक-दूसरे से ‘टावर ऑफ एक्सीलेंस’ बनने की कोशिश के बजाय ‘सभी आईआईटी की उत्कृष्टता का नेटवर्क’ बनाने की है।”

आईआईटी परिषद ने संयुक्त डिग्री कार्यक्रम शुरू करने के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया। यह जुलाई 2020-21 के शैक्षणिक सत्र से शुरू होगा। इस अकादमिक सहयोग के माध्यम से, दोनों संस्थान उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान में महत्वपूर्ण वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं।

आईआईटी-बीएचयू के निदेशक प्रमोद कुमार जैन ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) को ध्यान में रखते हुए, प्रमुख शैक्षिक संस्थानों के बीच इस तरह के शैक्षिक सुधार और अकादमिक सहयोग देश के ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था के लिए बहु-विषयक शैक्षणिक कार्यक्रमों और अनुसंधान को बढ़ावा देंगे।

आईआईटी-बीएचयू और आईआईटी-गुवाहाटी भी इसी तर्ज पर बहु-संस्थागत और बहु-विषयक और एमटेक कार्यक्रम प्रदान करने के लिए एक संयुक्त एमटेक कार्यक्रम शुरू करने पर विचार कर रहे हैं।

आईआईटी-बीएचयू में अधिकतम 10 छात्र और आईआईटी-गुवाहाटीॉमें अधिकतम 10 शोध छात्र इंजीनियरिंग, विज्ञान और मानवता सहित विषयों में शोध के लिए पंजीकरण कर पाएंगे। शोध छात्रों को दोनों संस्थानों द्वारा संयुक्त डिग्री प्रदान की जाएगी।
हालांकि, शोध छात्रों के लिए दोनों संस्थानों में कम से कम एक साल का शोध कार्य करना अनिवार्य होगा।

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