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गाजियाबाद जिले में छाए हुए हैं ये आईएएस अधिकारी

आईएएस अमित पाल ने दिखाया कि क्या होती है एसडीएम की पॉवर, 7 दिन में सील कीं 141 अवैध फैक्ट्रियां
प्रमुख संवाददाता (करंट क्राइम)

गाजियाबाद। जनपद गाजियाबाद में यंू तो तहसील के नाम पर मोदीनगर, शहर और लोनी की गिनती होती है। इन तीनों ही तहसीलों पर इस वक्त आईएएस अधिकारियों ने ही कमान संभाली हुई है। मगर जो जलवा इस वक्त युवा आईएएस अधिकारी डॉ. अमित पाल शर्मा का दिखाई दे रहा है, उसे देखकर लग रहा है कि या तो मोदीनगर और शहर तहसील में रामराज्य आ गया है या फिर युवा अधिकारी डॉ. अमित पाल शर्मा काला कारोबारियों पर कार्रवाई करने को लेकर कुछ ज्यादा गंभीर हैं।
उन्हें लोनी एसडीएम का चार्ज संभाले हुए अभी ज्यादा समय नहीं हुआ है। जिस तरह उन्होंने चंद दिनों में अपनी ताबड़तोड़ कार्रवाई से अवैध धंधों में लिप्त लोगों के होश उड़ाए हैं, उसके चर्चें पूरे गाजियाबाद में गंूज
रहे हैं।
अधिकारी कार्रवाई एक बार करके शांत हो जाता है तो उसके कई तरह के मायने निकाले जाते हैं। अधिकारी अगर लगातार कार्रवाई कर रहा है तो समझ जाओ कि गलत काम करने वालों की खैर नहीं। आईएएस अधिकारी डॉ. अमितपाल शर्मा ने महज सात दिनों के अंदर लोनी क्षेत्र में 141 प्रदूषणकारी फैक्ट्रियों पर शासन का ताला लगाकर यह साबित कर दिया है।
14 अप्रैल की अंबेडकर जयंती पर सरकारी छुट्टी व 15 अप्रैल को रविवार का अवकाश था। आज कोई अवकाश नहीं है, देखते हैं कि आईएएस अधिकारी अमितपाल की गाज कहां और किन पर गिरती है। लोनी में पिछले कुछ दिनों की कार्रवाई पर गौर करें तो हकीकत खुद ब खुद बयां होती है।
6 अप्रैल की बड़ी कार्रवाई
हाल फिलहाल के मामलों को उठाएं तो इसमें 6 अप्रैल की कार्रवाई का जिक्र करना बनता है। उस दिन आईएएस अमितपाल शर्मा ने लोनी के आवासीय क्षेत्रों में चल रही 11 अवैध प्रदूषण फैक्ट्रियों को सील किया।
दो अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर सील किए और 21 फुटपाथ के बच्चों को उठाकर सर्व शिक्षा अभियान से जोड़ डाला। बड़ी बात यह है कि इन बच्चों में अधिकांश 8 वर्ष के बच्चे थे। इन सभी कार्रवाई ने संदेश दे दिया कि अधिकारी की नजर में हर गलत काम करने वाला गुनाहगार है।
7 अप्रैल को फिर हुई ताबड़तोड़ कार्रवाई
कार्रवाई रुकी नहीं बल्कि और मारक हो गई। 7 अप्रैल को अमितपाल शर्मा के नेतृत्व में लोनी की 12 प्रदूषणकारी फैक्ट्रियों को सील कर उनके बिजली व सीवर के कनेक्शन काट दिए गए।
4 अल्ट्रासाउंड केंद्रों का भी निरीक्षण हुआ, जिसमें से एक पर सील लगाई गई।
9 अप्रैल को भी रहा एक्शन जारी
9 अप्रैल को भी आईएएस इन एक्शन रहे। 24 अवैध रूप से चल रही फैक्ट्रियों को सील किया गया, जो यहां की हवा में जहर घोल रहीं थीं। सभी को चेतावनी देकर फैक्ट्रियों में सील लगा दी गई। यह फैक्ट्रियां लोनी के पानी में जहर घोलने का काम कर रहीं थीं।
10 अप्रैल को फिर गिरी 17 फैक्ट्रियों पर गाज
आईएएस का टेरर यहां पर भी थमा नहीं। लोनी के आवासीय इलाके कृष्णा विहार में 17 अवैध प्रदूषणकारी फैक्ट्रियों को सील कर दिया गया।
आईएएस अधिकारी अमितपाल शर्मा ने पूरी कार्रवाई बिना किसी दबाव और लालच के अंजाम दी।
जिसका क्षेत्र में बड़ा मैसेज है।
11 अप्रैल को फिर बंद हुर्इं 5 अवैध फैक्ट्रियां
11 तारीख की कार्रवाई और बड़ी थी क्यों छापा छोटी नहीं पांच बड़ी डायन फैक्ट्रियों पर मारा गया था, जो कैमिकल को पानी में छोड़कर जहर घोल रही थी। यह कार्रवाई बंथला और रामविहार क्षेत्र में हुई। यहां पर चार अल्ट्रासाउंड क्लीनिक का औचक निरीक्षण हुआ और एक को सील कर दिया गया।
12 अप्रैल को भी नहीं थमे आईएएस अमितपाल
क्षेत्र में हड़कंप है कि भला यह अधिकारी बैठते क्यों नहीं है। सोचा था 12 अप्रैल को राहत मिलेगी लेकिन ऐसा हुआ नहीं। लोनी में मकड़ी के जाल की तरह फैल चुकी इन इकाइयों को बंद करने के लिए फिर अमितपाल निकले। उन्होंने इस दिन शक्ति गार्डन और अमित विहार में चल रही 22 प्रदूषणकारी फैक्ट्रियों को सील कर डाला। इतना ही नहीं पीडीएस केंद्रों की जांच की और घटतौली के मामलों का परीक्षण किया।
13 अप्रैल को अवैध गैस भरने वालों पर कार्रवाई
13 अप्रैल को अमितपाल शर्मा फिर क्षेत्र में निकले। रोजाना की तरह उन्होंने कृष्णा विहार की 15 फैक्ट्रियों को सील लगा दी। वहीं अवैध रूप से एलपीजी गैस के कारोबार का भी भंडाफोड़ किया। फिलहाल जिस रफ्तार से युवा आईएएस अधिकारी डॉ. अमितपाल शर्मा कार्रवाई दर कार्रवाई किए जा रहे हैं, उससे यह साबित होता है कि अधिकारी अगर अपनी पर आएं तो किसी काला कारोबार करने वाले की ताकत नहीं कि वह अपने मसंूबों में कामयाब
हो सके।

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