Current Crime
ग़ाजियाबाद दिल्ली एन.सी.आर

इतिहास भी रखेगा याद, गाजियाबाद में बहुत दिनों बाद किसी ने छोड़ा भाजपा का साथ

वरिष्ठ संवाददाता (करंट क्राइम)
गाजियाबाद। जबसे भाजपा सत्ता में आई है और खासतौर से उत्तर प्रदेश में उसने कई दशक के बाद अपनी सरकार बनाई है, तब से ये लगता है कि शायद विपक्ष ने वीआरएस ले लिया है। भाजपा खुद ही मुद्दे उठाती है, खुद ही प्रदर्शन करती है और कमाल ये कि उसी की सरकार है, उसी के नेताओं को अफसरों से तकरार है। कुल मिलाकर इधर भाजपा उधर भाजपा और जय भाजपा-तय भाजपा का सीन है। भाजपा अपनी टीआरपी की टॉप हाइट पर चल रही है। निगम के 100 वार्ड वाले सदन में भाजपा 57 मौहल्लों में अपनी जीत का परचम लहरा चुकी है। देहात में खोड़ा से लेकर लोनी और मोदीनगर, मुरादनगर से लेकर जिला पंचायत तक भाजपा है। सारे विधायक भाजपा के हैं। पहली बार एमएलसी सीट पर भाजपा है। जब सरकार आई तो फिर कारों के झंडे भी बदल गए। अब हर तीसरी गाड़ी पर भाजपा का झंडा तो दिखता है, लेकिन सपा-बसपा-कांग्रेस के झंडे बहुत कम नजर आते हैं। भाजपा ने तो सरकार आते ही अपने यहां एंट्री के गेट बंद कर दिए थे। वो तो बाद में कुनबा एक्सटेंशन प्रोग्राम के तहत मिस्ड कॉल अभियान चलाया गया। तब दूसरे दलों के बड़े-बड़े धुरंधर मिस्ड कॉल मारकर गले में भगवा पटका डालकर भाजपाई बन गए। वहीं दूसरे दलों में ज्वाइनिंग के भी टोटे पड़े। जब देखो तब भाजपा में ज्वाइनिंग। जिला पंचायत अध्यक्ष पति तो दिल्ली में मिस्ड कॉल मारकर भाजपाई बने थे। पांच साल के ट्रैक में वो चेहरा याद नहीं आता जो भाजपा छोड़कर गया हो। लेकिन 15 जनवरी की तारीख भाजपा में इतिहास बन गई। इतिहास भी ये बात याद रखेगा कि भरी-पूरी सरकार में कोई भाजपा छोड़कर चला गया था। 15 जनवरी शुक्रवार को पूर्व विधायक सुरेंद्र कुमार मुन्नी के भतीजे नवीन पोले ने भाजपा छोड़ दी। पूर्व विधायक के भतीजे एक मात्र ऐसे भाजपाई हैं जो इस सरकार में भाजपा छोड़कर कांग्रेस में चले गए। उनके भाजपा छोड़ने की खबर पर भाजपाइयों ने ही तफरी अंदाज में कहा कि ये तो बड़ा झटका है, भला ऐसे भी कोई छोड़कर जाता है। नवीन पोले जब भाजपा में आए थे तो वह महानगर कार्यालय पर भी दिखाई देते थे। मानसिंह गोस्वामी जब अध्यक्ष थे तो नवीन पोले के दर्शन महानगर कार्यालय पर होते थे। अब पता नहीं नवीन पोले सरकार से क्या चाहते थे जो वो तकरार वाले मूड में आ गए। बहरहाल, नवीन पोले एक मात्र नेता बने जो बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में गए हैं। हालांकि वो कांग्रेस से ही आए थे और कांग्रेस में ही चले गए।

Related posts

Current Crime
Ghaziabad No.1 Hindi News Portal
%d bloggers like this: