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बाज़ार

स्पैम टेलीमार्केटिंग मैसेज किए जा रहे ब्लॉक, ग्राहकों को नहीं आएगी परेशानी

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नई दिल्ली, 11 दिसंबर (आईएएनएस)। टेलीकॉम ऑपरेटर उन मैसेज को ब्लॉक कर रहे हैं, जिनके पास सरकार के निर्देश के अनुसार कोई परिभाषित या मेल खाने वाली टेलीमार्केटर सीरीज नहीं है। इस कदम को ‘स्पैम फ्री कम्युनिकेशन’ सुनिश्चित करने के लिए उठाया जा रहा है।

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के 20 अगस्त 2024 को जारी निर्देश के अनुसार, प्रमुख संस्थाओं (पीई) द्वारा भेजे गए सभी कमर्शियल मैसेज को अब पूरी तरह से ट्रेस किया जा सकेगा।

टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स (टीएसपी) और स्टेक होल्डर्स द्वारा किए गए व्यापक प्रारंभिक कार्य को देखते हुए, इस सक्रिय उपाय से ग्राहकों की असुविधा को कम किए जाने की उम्मीद है।

सेलुलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. एसपी कोचर के अनुसार, 90 प्रतिशत से अधिक पीई, जो कमर्शियल ट्रैफिक का बहुमत रखते हैं, ने सफलतापूर्वक अपनी सीरीज रजिस्टर्ड करवा ली है।

कोचर ने एक बयान में कहा, “ग्राहकों की किसी भी तरह की बाधा को कम करने के लिए टीएसपी ने 1 नवंबर, 2024 से लॉगर मोड में पीई-टीएम बाइंडिंग शुरू की।”

उन्होंने आगे बताया कि फेज के दौरान, ट्रैफिक को हैश मिसमैच या अनरजिस्टर्ड चेन की वजह से ब्लॉक नहीं किया गया, जिससे टीएसपी को पीई संस्थाओं और टेलीमार्केटर्स के साथ मिलकर विफलताओं की पहचान करने और उन्हें संबोधित करने की अनुमति मिली।

सीओएआई महानिदेशक ने कहा, “इस आयोजन में विभिन्न बैठकें और कई वेबिनार शामिल थे, जिनमें बीएफएसआई, बीमा, राज्य और केंद्र सरकार के निकायों सहित विभिन्न क्षेत्रों से हजारों प्रतिभागियों ने भाग लिया। इससे चेन रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पर जागरूकता की सुविधा मिली, हैशिंग फंक्शन के लिए टेक्निकल बदलावों पर मार्गदर्शन प्रदान किया गया और अन्य परिचालन आवश्यकताओं को संबोधित किया गया।”

सारे सामूहिक प्रयास कमर्शियल मैसेज की ट्रेसबिलिटी और सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक परिवर्तनकारी कदम है।

कोचर ने कहा, “यह पहल न केवल उपभोक्ताओं को धोखाधड़ी और अनचाहे कमर्शियल मैसेज से बचाएगी, बल्कि संचार नेटवर्क में विश्वास भी बढ़ाएगी।”

–आईएएनएस

एसकेटी/एबीएम

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उत्तर प्रदेश

प्रशांत किशोर ने तोडी चुप्पी, कहा-एनडीए ने 29 हजार करोड रुपए बांटे, 2-2 लाख दे दें तो राजनीति छोड दूंगा

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पटना। करंट क्राइम। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मिली हार के 4 दिन बाद जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर न सिर्फ अपनी हार स्वीकार की, बल्कि एनडीए सरकार पर चुनाव जीतने के लिए 29,000 करोड़ तक बांटने का गंभीर आरोप लगाया। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने एक नई शर्त रखी है। अगर सरकार ने 6 महीने के भीतर 1.5 करोड़ महिलाओं को 2-2 लाख देने का अपना वादा पूरा किया, तो वह राजनीति छोड़ देंगे।
प्रशांत किशोर ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में माना कि जन सुराज का ईमानदारी भरा प्रयास सफल नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव में जन सुराज की हार की शत प्रतिशत जिम्मेदारी मैं खुद पर लेता हूं। वह ’व्यवस्था परिवर्तन’ तो दूर, ’सत्ता परिवर्तन’ भी नहीं करा सके। इस असफलता के लिए माफी मांगते हुए उन्होंने घोषणा की कि वह दो दिन बाद भीतहरवा आश्रम में एक दिन का मौन उपवास रखेंगे, जिसे उन्होंने ’प्रायश्चित’ बताया। उन्होंने कहा, ’गलती हम लोगों से हुई होगी लेकिन हम लोगों ने कोई गुनाह नहीं किया।’
प्रशांत किशोर ने अपनी हार स्वीकार करते हुए कहा, ’सबकी आशाओं और सपनों पर खड़ा नहीं उतरने का सारा दोष मेरा है। मैं आप सबों से माफी मांगता हूं।’ इस हार के प्रायश्चित के तौर पर उन्होंने घोषणा की कि वह आज से दो दिन बाद भीतहरवा आश्रम में एक दिन का मौन उपवास रखेंगे, क्योंकि उनसे ’गलती हुई होगी, लेकिन हम लोगों ने कोई गुनाह नहीं किया।’
प्रशांत किशोर ने दावा किया कि उन्होंने जातियों को अलग करने का गुनाह नहीं किया और हिंदू-मुस्लिम का भेदभाव भी नहीं किया। उन्होंने कहा कि जो लोग इन सबका सहारा लेकर जीते हैं, उन्हें आज नहीं तो कल इसका हिसाब देना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ लोग सोचते हैं कि वह बिहार छोड़ देंगे, लेकिन यह उनकी गलतफहमी है। उन्होंने संकल्प लिया, ’जन सुराज और पीके की जिद्द है बिहार को सुधारने की, और मैं इसे सुधार कर ही रहूंगा। मैं पीछे हटने वाला नहीं हूं।
प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि एनडीए की जीत 40,000 करोड़ खर्च करने के सरकारी वादे के कारण हुई। उन्होंने दावा किया कि 29,000 करोड़ रुपये के करीब बांटे गए। हर विधानसभा क्षेत्र में 60 से 62 हज़ार लोगों को 10,000 रुपये दिए गए। पूरा सरकारी तंत्र (जीविका दीदी, आंगनबाड़ी, आशा कार्यकर्ता) यह बताने में लगाया गया कि आगे 2 लाख की सहायता मिलेगी। आशा, ममता और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सैलरी बढ़ाई गई, जिस पर लगभग 10,000 करोड़ खर्च हुए।
प्रशांत किशोर ने अब सीधे नीतीश कुमार को चुनौती दी है कि वह अपना वादा पूरा करें, अन्यथा उन्हें राजनीतिक झूठ के लिए जवाब देना होगा। उन्होंने कहा, ’आपने जो 2 लाख देने का वादा किया है, उन 1.5 करोड़ महिलाओं को अब 6 महीने में 2-2 लाख रुपये दीजिए।’ अगर नीतीश कुमार 1.5 करोड़ लोगों को 2-2 लाख रुपये दे दें… तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा।

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उत्तर प्रदेश

LIVE: PM Modi attends the Janjatiya Gaurav Diwas programme in Dediapada, Gujarat

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उत्तर प्रदेश

थाने में ब्लास्ट आतंकवादी हमला नहीं, विस्फोटकों की जांच के दौरान हुआ हादसा

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श्रीनगर। करंट क्राइम। श्रीनगर में नौगाम पुलिस स्टेशन में शुक्रवार रात हुआ धमाका आतंकवादी हमला नहीं था बल्कि विस्फोटक सामानों को सैंपल लेने के दौरान ब्लास्ट हो गया। इस धमाके में नौ लोगों की जान गई। जम्मू-कश्मीर के डीजीपी नलिन प्रभात ने कहा कि ब्लास्ट उस समय हुआ जब पुलिस व्हाइट कॉलर आतंकी मॉड्यूल मामले में जब्त विस्फोटक के सैंपल ले रही थी। यह विस्फोटक हरियाणा के फरीदाबाद से गिरफ्तार डॉ. मुजम्मिल गनई के किराए के घर से जब्त किया गया था। मारे गए 9 लोगों में से एक इंस्पेक्टर, 3 फॉरेंसिक टीम मेंबर, 2 क्राइम ब्रांच फोटोग्रॉफर, 2 राजस्व अधिकारी और एक दर्जी शामिल है।
जम्मू-कश्मीर पुलिस 360 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री फरीदाबाद से डॉ. मुज़म्मिल गनई के किराए के आवास से जब्त करके लेकर आई थी। गनई इस आतंकी मॉड्यूल मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए आठ लोगों में से एक है। वहीं, गृह मंत्रालय ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना बताया है। एमएचए का कहना है कि विस्‍फोटक सामग्री की जांच के दौरान ये हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि धमाका इतना बड़ा था कि मानव अंग 300 मीटर दूर तक जाकर गिरे।
वहीं, फारूक़ अब्दुल्ला ने नौगाम पुलिस स्टेशन में हुए विस्फोट पर गहरी चिंता जताते हुए इसे गंभीर चूक बताया। उन्होंने कहा कि विस्फोटक को संभालने से पहले विशेषज्ञों से सलाह लेनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और नतीजतन 9 लोगों की जान चली गई तथा आसपास के घरों को भारी नुकसान हुआ।

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