Connect with us

बाज़ार

टाटा मोटर्स और किआ इंडिया यात्री वाहनों के पोर्टफोलियो में कीमतें बढ़ाएगी

Published

on

नई दिल्ली, 9 दिसंबर (आईएएनएस)। टाटा मोटर्स ने सोमवार को इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) सहित अपने यात्री वाहन (पीवी) पोर्टफोलियो की कीमतों में 3 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी की घोषणा की।

कीमतों में यह बढ़ोत्तरी नए साल की शुरुआत से प्रभावी होगी। कंपनी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, वाहनों की कीमत में वृद्धि मॉडल और वेरिएंट के आधार पर होगी।

ऑटोमेकर ने जानकारी दी कि इनपुट लागत और मुद्रास्फीति में वृद्धि को ऑफसेट करने के लिए वाहनों की कीमत बढ़ाई जा रही है।

किआ इंडिया ने भी 1 जनवरी से अपने पूरे लाइनअप में 2 प्रतिशत तक की कीमत वृद्धि की घोषणा की, जिसका मुख्य कारण कमोडिटी की बढ़ती कीमतें और सप्लाई चेन से जुड़ी लागतों में वृद्धि का होना है।

किआ इंडिया के वरिष्ठ उपाध्यक्ष, बिक्री और विपणन, हरदीप सिंह बरार ने कहा, “किआ में, हम अपने मूल्यवान ग्राहकों को उच्चतम गुणवत्ता के असाधारण, टेक्निकली एडवांस्ड व्हीकल देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हालांकि, कमोडिटी की कीमतों में लगातार वृद्धि, प्रतिकूल विनिमय दरों और बढ़ी हुई इनपुट लागतों की वजह से एक जरूरी प्राइस एडजस्टमेंट को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।”

उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद, किआ लागत वृद्धि का एक महत्वपूर्ण हिस्सा वहन कर रही है, जिससे हमारे ग्राहकों पर वित्तीय प्रभाव कम से कम हो रहा है, ताकि वे अपनी जेब पर ज्यादा बोझ डाले बिना अपने पसंदीदा किआ वाहनों का आनंद लेना जारी रख सकें।

किआ ने अब तक भारत और विदेशी बाजारों में संयुक्त रूप से 1.6 मिलियन यूनिट बेची हैं। कंपनी की सबसे ज्यादा बिकने वाली इनोवेशन सेल्टोस ने 6,70,000 यूनिट की बिक्री को पार कर लिया है, इसके बाद सोनेट ने 4,80,000 यूनिट, कैरेंस ने 2,14,400 यूनिट और कार्निवल ने 15,000 यूनिट से ज्यादा की बिक्री की है।

मारुति सुजुकी इंडिया, महिंद्रा एंड महिंद्रा और हुंडई मोटर इंडिया लिमिटेड (एचएमआईएल) जैसी ऑटोमेकर कंपनियों ने पहले ही अपने एसयूवी, पीवी और कमर्शियल व्हीकल (सीवी) रेंज की कीमतों में बढ़ोत्तरी की घोषणा कर दी है, जो जनवरी से प्रभावी होगी।

मारुति सुजुकी इंडिया ने घोषणा की है कि कंपनी 1 जनवरी से अपनी कारों की कीमतों में 4 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी करेगी और यह मॉडल के आधार पर अलग-अलग होगी।

हुंडई मोटर इंडिया ने इनपुट लागत और अन्य कारकों में वृद्धि के कारण वाहनों की कीमत बढ़ाएगी। ऑटोमेकर ने कहा कि कीमतों में वृद्धि सभी मॉडलों पर की जाएगी और यह वृद्धि 25,000 रुपये तक होगी।

–आईएएनएस

एसकेटी/जीकेटी

Continue Reading

उत्तर प्रदेश

प्रशांत किशोर ने तोडी चुप्पी, कहा-एनडीए ने 29 हजार करोड रुपए बांटे, 2-2 लाख दे दें तो राजनीति छोड दूंगा

Published

on

By

पटना। करंट क्राइम। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मिली हार के 4 दिन बाद जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर न सिर्फ अपनी हार स्वीकार की, बल्कि एनडीए सरकार पर चुनाव जीतने के लिए 29,000 करोड़ तक बांटने का गंभीर आरोप लगाया। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने एक नई शर्त रखी है। अगर सरकार ने 6 महीने के भीतर 1.5 करोड़ महिलाओं को 2-2 लाख देने का अपना वादा पूरा किया, तो वह राजनीति छोड़ देंगे।
प्रशांत किशोर ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में माना कि जन सुराज का ईमानदारी भरा प्रयास सफल नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव में जन सुराज की हार की शत प्रतिशत जिम्मेदारी मैं खुद पर लेता हूं। वह ’व्यवस्था परिवर्तन’ तो दूर, ’सत्ता परिवर्तन’ भी नहीं करा सके। इस असफलता के लिए माफी मांगते हुए उन्होंने घोषणा की कि वह दो दिन बाद भीतहरवा आश्रम में एक दिन का मौन उपवास रखेंगे, जिसे उन्होंने ’प्रायश्चित’ बताया। उन्होंने कहा, ’गलती हम लोगों से हुई होगी लेकिन हम लोगों ने कोई गुनाह नहीं किया।’
प्रशांत किशोर ने अपनी हार स्वीकार करते हुए कहा, ’सबकी आशाओं और सपनों पर खड़ा नहीं उतरने का सारा दोष मेरा है। मैं आप सबों से माफी मांगता हूं।’ इस हार के प्रायश्चित के तौर पर उन्होंने घोषणा की कि वह आज से दो दिन बाद भीतहरवा आश्रम में एक दिन का मौन उपवास रखेंगे, क्योंकि उनसे ’गलती हुई होगी, लेकिन हम लोगों ने कोई गुनाह नहीं किया।’
प्रशांत किशोर ने दावा किया कि उन्होंने जातियों को अलग करने का गुनाह नहीं किया और हिंदू-मुस्लिम का भेदभाव भी नहीं किया। उन्होंने कहा कि जो लोग इन सबका सहारा लेकर जीते हैं, उन्हें आज नहीं तो कल इसका हिसाब देना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ लोग सोचते हैं कि वह बिहार छोड़ देंगे, लेकिन यह उनकी गलतफहमी है। उन्होंने संकल्प लिया, ’जन सुराज और पीके की जिद्द है बिहार को सुधारने की, और मैं इसे सुधार कर ही रहूंगा। मैं पीछे हटने वाला नहीं हूं।
प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि एनडीए की जीत 40,000 करोड़ खर्च करने के सरकारी वादे के कारण हुई। उन्होंने दावा किया कि 29,000 करोड़ रुपये के करीब बांटे गए। हर विधानसभा क्षेत्र में 60 से 62 हज़ार लोगों को 10,000 रुपये दिए गए। पूरा सरकारी तंत्र (जीविका दीदी, आंगनबाड़ी, आशा कार्यकर्ता) यह बताने में लगाया गया कि आगे 2 लाख की सहायता मिलेगी। आशा, ममता और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सैलरी बढ़ाई गई, जिस पर लगभग 10,000 करोड़ खर्च हुए।
प्रशांत किशोर ने अब सीधे नीतीश कुमार को चुनौती दी है कि वह अपना वादा पूरा करें, अन्यथा उन्हें राजनीतिक झूठ के लिए जवाब देना होगा। उन्होंने कहा, ’आपने जो 2 लाख देने का वादा किया है, उन 1.5 करोड़ महिलाओं को अब 6 महीने में 2-2 लाख रुपये दीजिए।’ अगर नीतीश कुमार 1.5 करोड़ लोगों को 2-2 लाख रुपये दे दें… तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा।

Continue Reading

उत्तर प्रदेश

LIVE: PM Modi attends the Janjatiya Gaurav Diwas programme in Dediapada, Gujarat

Published

on

By

Continue Reading

उत्तर प्रदेश

थाने में ब्लास्ट आतंकवादी हमला नहीं, विस्फोटकों की जांच के दौरान हुआ हादसा

Published

on

By

श्रीनगर। करंट क्राइम। श्रीनगर में नौगाम पुलिस स्टेशन में शुक्रवार रात हुआ धमाका आतंकवादी हमला नहीं था बल्कि विस्फोटक सामानों को सैंपल लेने के दौरान ब्लास्ट हो गया। इस धमाके में नौ लोगों की जान गई। जम्मू-कश्मीर के डीजीपी नलिन प्रभात ने कहा कि ब्लास्ट उस समय हुआ जब पुलिस व्हाइट कॉलर आतंकी मॉड्यूल मामले में जब्त विस्फोटक के सैंपल ले रही थी। यह विस्फोटक हरियाणा के फरीदाबाद से गिरफ्तार डॉ. मुजम्मिल गनई के किराए के घर से जब्त किया गया था। मारे गए 9 लोगों में से एक इंस्पेक्टर, 3 फॉरेंसिक टीम मेंबर, 2 क्राइम ब्रांच फोटोग्रॉफर, 2 राजस्व अधिकारी और एक दर्जी शामिल है।
जम्मू-कश्मीर पुलिस 360 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री फरीदाबाद से डॉ. मुज़म्मिल गनई के किराए के आवास से जब्त करके लेकर आई थी। गनई इस आतंकी मॉड्यूल मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए आठ लोगों में से एक है। वहीं, गृह मंत्रालय ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना बताया है। एमएचए का कहना है कि विस्‍फोटक सामग्री की जांच के दौरान ये हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि धमाका इतना बड़ा था कि मानव अंग 300 मीटर दूर तक जाकर गिरे।
वहीं, फारूक़ अब्दुल्ला ने नौगाम पुलिस स्टेशन में हुए विस्फोट पर गहरी चिंता जताते हुए इसे गंभीर चूक बताया। उन्होंने कहा कि विस्फोटक को संभालने से पहले विशेषज्ञों से सलाह लेनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और नतीजतन 9 लोगों की जान चली गई तथा आसपास के घरों को भारी नुकसान हुआ।

Continue Reading
Advertisement

Trending