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भारत का प्रगति प्लेटफॉर्म वैश्विक लीडर्स को आईना, कैसे इन्फ्रास्ट्रक्चर के जरिए विकास को आगे बढ़ाए : ऑक्सफोर्ड स्टडी
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नई दिल्ली, 2 दिसंबर (आईएएनएस)। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की एक स्टडी के मुताबिक, 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लॉन्च किया गया भारत का प्रगति प्लेटफॉर्म रुके हुए इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को तेजी से पूरा करने के लिए ट्रैक करने में सफल रहा है। यह ग्लोबल लीडर्स के लिए सबक है कि कैसे एक राष्ट्र अपनी प्रगति का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।
“ग्रिडलॉक से ग्रोथ तक- कैसे नेतृत्व ने भारत के प्रगति इकोसिस्टम के जरिए विकास को शक्ति प्रदान की” शीर्षक वाली रिपोर्ट को ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के सैड बिजनेस स्कूल के सौमित्र दत्ता और मुकुल पडन्या द्वारा तैयार किया गया है।
स्टडी में कहा गया कि बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में तेजी लाने का भारत का अनुभव उन वैश्विक नेताओं के लिए सबक हो सकता है जो आर्थिक विकास के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर को गेम चेंजर बनाना चाहते हैं।
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट में कहा गया कि जून 2023 के अंत तक भारत ने कुछ सबसे चुनौतीपूर्ण इन्फ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक विकास प्रोजेक्ट से निपटने के दौरान प्रगति प्लेटफॉर्म के जरिए 17.05 लाख करोड़ रुपये (205 अरब डॉलर) की 340 प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की थी। साथ ही नौकरशाही बाधाओं को तोड़ते हुए देरी को हल किया और सहकारी संघवाद को बढ़ावा दिया।
7 चैप्टर्स में विभाजित 54 पेजों की रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि कैसे पीएम मोदी और उनकी टीम शासन और प्रशासन (खासकर बड़ी परियोजनाओं से संबंधित) में सुधार के लिए एक प्रणाली लेकर आए।
रिपोर्ट में प्रगति प्लेटफॉर्म के व्यापक आर्थिक प्रभाव पर भी जोर दिया गया है।
भारतीय रिजर्व बैंक और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी के अध्ययन का अनुमान है कि इन्फ्रास्ट्रक्चर पर खर्च किए गए प्रत्येक रुपये से 2.5 से 3.5 रुपये का जीडीपी रिटर्न मिलता है। इस प्लेटफॉर्म ने प्रोजेक्ट्स में तेजी लाकर लागत वृद्धि को कम किया है और यह सुनिश्चित किया है कि आर्थिक लाभ जल्द प्राप्त हों।
सड़कों, रेलवे और हवाई अड्डों के माध्यम से बेहतर कनेक्टिविटी ने लाखों लोगों के लिए शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य देखभाल तक पहुंच का विस्तार किया है।
स्टडी में देश भर में कुल 340 प्रगति इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में से आठ में गहनता से विकास की जांच की गई है। इसमें चार रेल परियोजनाएं शामिल हैं :-
• असम में ब्रह्मपुत्र नदी पर बोगीबील रेल और सड़क पुल।
• जम्मू और कश्मीर में जम्मू-उधमपुर-श्रीनगर-बारामुल्ला रेल लिंक।
• कर्नाटक में बेंगलुरु मेट्रो रेल परियोजना।
• ओडिशा में पारादीप बंदरगाह के लिए हरिदासपुर-पारादीप रेल कनेक्शन।
दो सड़क परियोजनाएं :-
• महाराष्ट्र और गुजरात में राष्ट्रीय राजमार्ग 8 का दहिसर-सूरत खंड।
• राष्ट्रीय राजमार्ग 2 का वाराणसी-औरंगाबाद खंड जो यूपी को बिहार से जोड़ता है।
इसके अलावा इन आठ प्रोजेक्ट्स में झारखंड का उत्तरी करणपुरा थर्मल पावर प्लांट और महाराष्ट्र में नवी मुंबई हवाई अड्डा शामिल हैं।
यह आठ प्रोजेक्ट्स भारत के विशाल भूभाग पर प्रगति के प्रभाव की व्यापकता और गहराई को दर्शाते हैं। प्रोजेक्ट्स उत्तर में जम्मू-कश्मीर से लेकर दक्षिण में कर्नाटक तक एक व्यापक भौगोलिक क्षेत्र को कवर करते हैं, जिसमें सामाजिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय सिस्टम की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल है।
–आईएएनएस
एबीएस/एबीएम
उत्तर प्रदेश
प्रशांत किशोर ने तोडी चुप्पी, कहा-एनडीए ने 29 हजार करोड रुपए बांटे, 2-2 लाख दे दें तो राजनीति छोड दूंगा
पटना। करंट क्राइम। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मिली हार के 4 दिन बाद जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर न सिर्फ अपनी हार स्वीकार की, बल्कि एनडीए सरकार पर चुनाव जीतने के लिए 29,000 करोड़ तक बांटने का गंभीर आरोप लगाया। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने एक नई शर्त रखी है। अगर सरकार ने 6 महीने के भीतर 1.5 करोड़ महिलाओं को 2-2 लाख देने का अपना वादा पूरा किया, तो वह राजनीति छोड़ देंगे।
प्रशांत किशोर ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में माना कि जन सुराज का ईमानदारी भरा प्रयास सफल नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव में जन सुराज की हार की शत प्रतिशत जिम्मेदारी मैं खुद पर लेता हूं। वह ’व्यवस्था परिवर्तन’ तो दूर, ’सत्ता परिवर्तन’ भी नहीं करा सके। इस असफलता के लिए माफी मांगते हुए उन्होंने घोषणा की कि वह दो दिन बाद भीतहरवा आश्रम में एक दिन का मौन उपवास रखेंगे, जिसे उन्होंने ’प्रायश्चित’ बताया। उन्होंने कहा, ’गलती हम लोगों से हुई होगी लेकिन हम लोगों ने कोई गुनाह नहीं किया।’
प्रशांत किशोर ने अपनी हार स्वीकार करते हुए कहा, ’सबकी आशाओं और सपनों पर खड़ा नहीं उतरने का सारा दोष मेरा है। मैं आप सबों से माफी मांगता हूं।’ इस हार के प्रायश्चित के तौर पर उन्होंने घोषणा की कि वह आज से दो दिन बाद भीतहरवा आश्रम में एक दिन का मौन उपवास रखेंगे, क्योंकि उनसे ’गलती हुई होगी, लेकिन हम लोगों ने कोई गुनाह नहीं किया।’
प्रशांत किशोर ने दावा किया कि उन्होंने जातियों को अलग करने का गुनाह नहीं किया और हिंदू-मुस्लिम का भेदभाव भी नहीं किया। उन्होंने कहा कि जो लोग इन सबका सहारा लेकर जीते हैं, उन्हें आज नहीं तो कल इसका हिसाब देना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ लोग सोचते हैं कि वह बिहार छोड़ देंगे, लेकिन यह उनकी गलतफहमी है। उन्होंने संकल्प लिया, ’जन सुराज और पीके की जिद्द है बिहार को सुधारने की, और मैं इसे सुधार कर ही रहूंगा। मैं पीछे हटने वाला नहीं हूं।
प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि एनडीए की जीत 40,000 करोड़ खर्च करने के सरकारी वादे के कारण हुई। उन्होंने दावा किया कि 29,000 करोड़ रुपये के करीब बांटे गए। हर विधानसभा क्षेत्र में 60 से 62 हज़ार लोगों को 10,000 रुपये दिए गए। पूरा सरकारी तंत्र (जीविका दीदी, आंगनबाड़ी, आशा कार्यकर्ता) यह बताने में लगाया गया कि आगे 2 लाख की सहायता मिलेगी। आशा, ममता और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सैलरी बढ़ाई गई, जिस पर लगभग 10,000 करोड़ खर्च हुए।
प्रशांत किशोर ने अब सीधे नीतीश कुमार को चुनौती दी है कि वह अपना वादा पूरा करें, अन्यथा उन्हें राजनीतिक झूठ के लिए जवाब देना होगा। उन्होंने कहा, ’आपने जो 2 लाख देने का वादा किया है, उन 1.5 करोड़ महिलाओं को अब 6 महीने में 2-2 लाख रुपये दीजिए।’ अगर नीतीश कुमार 1.5 करोड़ लोगों को 2-2 लाख रुपये दे दें… तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा।
उत्तर प्रदेश
LIVE: PM Modi attends the Janjatiya Gaurav Diwas programme in Dediapada, Gujarat
उत्तर प्रदेश
थाने में ब्लास्ट आतंकवादी हमला नहीं, विस्फोटकों की जांच के दौरान हुआ हादसा
श्रीनगर। करंट क्राइम। श्रीनगर में नौगाम पुलिस स्टेशन में शुक्रवार रात हुआ धमाका आतंकवादी हमला नहीं था बल्कि विस्फोटक सामानों को सैंपल लेने के दौरान ब्लास्ट हो गया। इस धमाके में नौ लोगों की जान गई। जम्मू-कश्मीर के डीजीपी नलिन प्रभात ने कहा कि ब्लास्ट उस समय हुआ जब पुलिस व्हाइट कॉलर आतंकी मॉड्यूल मामले में जब्त विस्फोटक के सैंपल ले रही थी। यह विस्फोटक हरियाणा के फरीदाबाद से गिरफ्तार डॉ. मुजम्मिल गनई के किराए के घर से जब्त किया गया था। मारे गए 9 लोगों में से एक इंस्पेक्टर, 3 फॉरेंसिक टीम मेंबर, 2 क्राइम ब्रांच फोटोग्रॉफर, 2 राजस्व अधिकारी और एक दर्जी शामिल है।
जम्मू-कश्मीर पुलिस 360 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री फरीदाबाद से डॉ. मुज़म्मिल गनई के किराए के आवास से जब्त करके लेकर आई थी। गनई इस आतंकी मॉड्यूल मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए आठ लोगों में से एक है। वहीं, गृह मंत्रालय ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना बताया है। एमएचए का कहना है कि विस्फोटक सामग्री की जांच के दौरान ये हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि धमाका इतना बड़ा था कि मानव अंग 300 मीटर दूर तक जाकर गिरे।
वहीं, फारूक़ अब्दुल्ला ने नौगाम पुलिस स्टेशन में हुए विस्फोट पर गहरी चिंता जताते हुए इसे गंभीर चूक बताया। उन्होंने कहा कि विस्फोटक को संभालने से पहले विशेषज्ञों से सलाह लेनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और नतीजतन 9 लोगों की जान चली गई तथा आसपास के घरों को भारी नुकसान हुआ।
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