Connect with us

बाज़ार

भारत में समावेशी विकास को आगे बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी की शक्ति का उपयोग महत्वपूर्ण : जीत अदाणी

Published

on

मुंबई, 17 दिसंबर (आईएएनएस)। भारत जैसे विकासशील देश के लिए, प्रौद्योगिकी की शक्ति का उपयोग समावेशी विकास को आगे बढ़ाने, प्रशासन में सुधार करने और शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा व वित्तीय समावेशन जैसे क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही चुनौतियों से निपटने के लिए महत्वपूर्ण है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि प्रौद्योगिकी से समाज के विभिन्न वर्गों को लाभ हो। यह बात अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (एएएचएल) के निदेशक जीत अदाणी ने मंगलवार को कही।

आईआईटी बॉम्बे के ‘टेकफेस्ट’ कार्यक्रम में मुख्य भाषण देते हुए जीत अदाणी ने कहा कि भारत ने पहले ही डिजिटल इंडिया जैसी पहल के साथ डिजिटल सेवाओं में महत्वपूर्ण प्रगति की है, जो पूरे देश में इंटरनेट कनेक्टिविटी, ऑनलाइन सेवाओं और डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देता है। ये सभी उपलब्धियां प्रौद्योगिकी के लाभकारी उपयोग के कारण हास‍िल हुईं।

उन्होंने जोर दिया, “भारत कई क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यूपीआई, जिससे हम सभी परिचित हैं, इतनी हिट है कि अन्य देश हमसे सलाह मांग रहे हैं। भारत एक वर्ष में लगभग 180 बिलियन कैशलेस लेनदेन करता है। यह संख्या हर उन्नत अर्थव्यवस्था से अधिक है, चाहे वह अमेरिका हो या ब्रिटेन या सिंगापुर या यूरोप का कोई भी अन्‍य देश।”

2014 में भारत की जीडीपी 1.85 ट्रिलियन डॉलर थी। यह आज़ादी के 66 वर्षों में बनी थी।

उन्‍होंने कहा, “पिछले दशक में यह संख्या दोगुनी से अधिक हो गई है। हालांकि यह वृद्धि अच्छी खबर है और हम भारत के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे का निर्माण भी कर रहे हैं, हमारे देश को विकसित देशों के बराबर पहुंचने के लिए जिस शक्ति की सख्त जरूरत है, वह है उच्च-स्तरीय तकनीक।“

जीत अदाणी के अनुसार, अदाणी समूह ने भी अपनी कंपनियों में ‘डिजिटल फर्स्ट’ दृष्टिकोण अपनाया है।

उन्होंने बताया, “बंदरगाहों और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में, जहां हम दुनिया के सबसे बड़े खिलाड़ियों में से एक हैं, हम कार्यस्थल की सुरक्षा और परिचालन दक्षता को तेजी से बढ़ाने के लिए क्रेन ऑपरेटरों और घाट चेकर्स जैसी जटिल भूमिकाओं के लिए सिमुलेशन-आधारित प्रशिक्षण का उपयोग करते हैं।”

हवाई अड्डे के क्षेत्र में, जहां कंपनी सात अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों का प्रबंधन करती है और नवी मुंबई में एक नया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बना रही है, “हमने बेहतर योजना बनाने और चारों ओर परिचालन दक्षता में सुधार करने में मदद करने के लिए प्रौद्योगिकी पर अपना दांव लगाया है।”

2016 में, कंपनी ने तमिलनाडु में 648 मेगावाट कामुथी सौर संयंत्र पूरा किया और यह उस समय दुनिया की सबसे बड़ी एकल-साइट सौर ऊर्जा परियोजना थी।

जीत अदाणी ने कहा, “आज, हम एक और नवीकरणीय ऊर्जा संयंत्र का निर्माण पश्चिमी गुजरात के खावड़ा में कर रहे हैं। यदि आपको लगता है कि कामुथी बड़ा था, तो कम से कम यह कहने के लिए अति-विशाल है। यह पेरिस के आकार से 5 गुना अधिक है। यह जब पूरा हो जाएगा, तो 30 गीगावॉट स्वच्छ ऊर्जा उत्पन्न करेगा। इससे यह दुनिया का सबसे बड़ा थर्मल से भी बड़ा, परमाणु से भी बड़ा, जल विद्युत से भी बड़ा मानव निर्मित ऊर्जा स्रोत बन जाएगा।”

उन्होंने बताया, “खावड़ा में, प्रौद्योगिकी का लाभकारी उपयोग हमें हर दिन लगभग 25 मेगावाट बिजली जोड़ने की अनुमति दे रहा है, यानी कामुथी में हम हर दिन जो जोड़ रहे थे, उसका लगभग 10 गुना। यह हर महीने कामुथी बनाने जैसा है।”

अदाणी कौशल विकास केंद्र ‘सक्षम’ चलाता है, जो सामाजिक भलाई के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने का एक बेहतरीन उदाहरण है। एआई, वर्चुअल रियलिटी और सिमुलेशन-आधारित शिक्षा को एकीकृत करके उन्नत प्रशिक्षण विधियों का उपयोग करते हुए, ‘सक्षम’ उच्च गुणवत्ता वाले कौशल विकास तक पहुंच प्रदान करता है, इससे बहुत ही विविध सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि वाले हजारों भारतीयों को अपनी आकांक्षाओं को प्राप्त करने का अवसर मिलता है।

जीत अदाणी ने कहा, “सुपोषण नामक एक अन्य परियोजना में, बच्चों, किशोरों और महिलाओं के स्क्रीनिंग डेटा को इनपुट करने के लिए एक मोबाइल-आधारित एप्लिकेशन का उपयोग किया जाता है। यह ऐप गांव स्तर के स्वास्थ्य स्वयंसेवकों को लक्षित लाभार्थियों के बीच कुपोषण की स्थिति की पहचान करने में मदद करता है और योजना बनाने में हमारी सहायता करता है। कार्रवाई का तरीका, वास्तविक समय में डेटा को दूर से ट्रैक करने में मदद करना है। इन सभी उदाहरणों से पता चलता है कि प्रौद्योगिकी का लाभकारी उपयोग वास्तव में सामाजिक उत्थान और आर्थिक विकास के लिए एक शक्तिशाली शक्ति हो सकता है।”

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जैसे-जैसे प्रौद्योगिकी का दायरा और शक्ति बढ़ती है, “हमें सावधान रहना चाहिए कि प्रौद्योगिकी का हानिकारक उपयोग न हो, इसका इस्‍तेमाल लाभकारी हो।”

–आईएएनएस

सीबीटी/एबीएम

Continue Reading

उत्तर प्रदेश

प्रशांत किशोर ने तोडी चुप्पी, कहा-एनडीए ने 29 हजार करोड रुपए बांटे, 2-2 लाख दे दें तो राजनीति छोड दूंगा

Published

on

By

पटना। करंट क्राइम। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मिली हार के 4 दिन बाद जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर न सिर्फ अपनी हार स्वीकार की, बल्कि एनडीए सरकार पर चुनाव जीतने के लिए 29,000 करोड़ तक बांटने का गंभीर आरोप लगाया। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने एक नई शर्त रखी है। अगर सरकार ने 6 महीने के भीतर 1.5 करोड़ महिलाओं को 2-2 लाख देने का अपना वादा पूरा किया, तो वह राजनीति छोड़ देंगे।
प्रशांत किशोर ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में माना कि जन सुराज का ईमानदारी भरा प्रयास सफल नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव में जन सुराज की हार की शत प्रतिशत जिम्मेदारी मैं खुद पर लेता हूं। वह ’व्यवस्था परिवर्तन’ तो दूर, ’सत्ता परिवर्तन’ भी नहीं करा सके। इस असफलता के लिए माफी मांगते हुए उन्होंने घोषणा की कि वह दो दिन बाद भीतहरवा आश्रम में एक दिन का मौन उपवास रखेंगे, जिसे उन्होंने ’प्रायश्चित’ बताया। उन्होंने कहा, ’गलती हम लोगों से हुई होगी लेकिन हम लोगों ने कोई गुनाह नहीं किया।’
प्रशांत किशोर ने अपनी हार स्वीकार करते हुए कहा, ’सबकी आशाओं और सपनों पर खड़ा नहीं उतरने का सारा दोष मेरा है। मैं आप सबों से माफी मांगता हूं।’ इस हार के प्रायश्चित के तौर पर उन्होंने घोषणा की कि वह आज से दो दिन बाद भीतहरवा आश्रम में एक दिन का मौन उपवास रखेंगे, क्योंकि उनसे ’गलती हुई होगी, लेकिन हम लोगों ने कोई गुनाह नहीं किया।’
प्रशांत किशोर ने दावा किया कि उन्होंने जातियों को अलग करने का गुनाह नहीं किया और हिंदू-मुस्लिम का भेदभाव भी नहीं किया। उन्होंने कहा कि जो लोग इन सबका सहारा लेकर जीते हैं, उन्हें आज नहीं तो कल इसका हिसाब देना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ लोग सोचते हैं कि वह बिहार छोड़ देंगे, लेकिन यह उनकी गलतफहमी है। उन्होंने संकल्प लिया, ’जन सुराज और पीके की जिद्द है बिहार को सुधारने की, और मैं इसे सुधार कर ही रहूंगा। मैं पीछे हटने वाला नहीं हूं।
प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि एनडीए की जीत 40,000 करोड़ खर्च करने के सरकारी वादे के कारण हुई। उन्होंने दावा किया कि 29,000 करोड़ रुपये के करीब बांटे गए। हर विधानसभा क्षेत्र में 60 से 62 हज़ार लोगों को 10,000 रुपये दिए गए। पूरा सरकारी तंत्र (जीविका दीदी, आंगनबाड़ी, आशा कार्यकर्ता) यह बताने में लगाया गया कि आगे 2 लाख की सहायता मिलेगी। आशा, ममता और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सैलरी बढ़ाई गई, जिस पर लगभग 10,000 करोड़ खर्च हुए।
प्रशांत किशोर ने अब सीधे नीतीश कुमार को चुनौती दी है कि वह अपना वादा पूरा करें, अन्यथा उन्हें राजनीतिक झूठ के लिए जवाब देना होगा। उन्होंने कहा, ’आपने जो 2 लाख देने का वादा किया है, उन 1.5 करोड़ महिलाओं को अब 6 महीने में 2-2 लाख रुपये दीजिए।’ अगर नीतीश कुमार 1.5 करोड़ लोगों को 2-2 लाख रुपये दे दें… तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा।

Continue Reading

उत्तर प्रदेश

LIVE: PM Modi attends the Janjatiya Gaurav Diwas programme in Dediapada, Gujarat

Published

on

By

Continue Reading

उत्तर प्रदेश

थाने में ब्लास्ट आतंकवादी हमला नहीं, विस्फोटकों की जांच के दौरान हुआ हादसा

Published

on

By

श्रीनगर। करंट क्राइम। श्रीनगर में नौगाम पुलिस स्टेशन में शुक्रवार रात हुआ धमाका आतंकवादी हमला नहीं था बल्कि विस्फोटक सामानों को सैंपल लेने के दौरान ब्लास्ट हो गया। इस धमाके में नौ लोगों की जान गई। जम्मू-कश्मीर के डीजीपी नलिन प्रभात ने कहा कि ब्लास्ट उस समय हुआ जब पुलिस व्हाइट कॉलर आतंकी मॉड्यूल मामले में जब्त विस्फोटक के सैंपल ले रही थी। यह विस्फोटक हरियाणा के फरीदाबाद से गिरफ्तार डॉ. मुजम्मिल गनई के किराए के घर से जब्त किया गया था। मारे गए 9 लोगों में से एक इंस्पेक्टर, 3 फॉरेंसिक टीम मेंबर, 2 क्राइम ब्रांच फोटोग्रॉफर, 2 राजस्व अधिकारी और एक दर्जी शामिल है।
जम्मू-कश्मीर पुलिस 360 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री फरीदाबाद से डॉ. मुज़म्मिल गनई के किराए के आवास से जब्त करके लेकर आई थी। गनई इस आतंकी मॉड्यूल मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए आठ लोगों में से एक है। वहीं, गृह मंत्रालय ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना बताया है। एमएचए का कहना है कि विस्‍फोटक सामग्री की जांच के दौरान ये हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि धमाका इतना बड़ा था कि मानव अंग 300 मीटर दूर तक जाकर गिरे।
वहीं, फारूक़ अब्दुल्ला ने नौगाम पुलिस स्टेशन में हुए विस्फोट पर गहरी चिंता जताते हुए इसे गंभीर चूक बताया। उन्होंने कहा कि विस्फोटक को संभालने से पहले विशेषज्ञों से सलाह लेनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और नतीजतन 9 लोगों की जान चली गई तथा आसपास के घरों को भारी नुकसान हुआ।

Continue Reading
Advertisement

Trending