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बाज़ार

छोटे शहरों में 2024 में दिखी शानदार जॉब ग्रोथ, उदयपुर और इंदौर रहे आगे

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नई दिल्ली, 16 दिसंबर (आईएएनएस)। इंदौर, उदयपुर, भुवनेश्वर और जयपुर में इस साल जॉब ग्रोथ शानदार रही है। इसमें 17 प्रतिशत के साथ उदयपुर शीर्ष पर रहा है। यह जानकारी सोमवार को आई एक रिपोर्ट में दी गई।

इंदौर नौकरियों में 14 प्रतिशत की बढ़त के साथ दूसरे नंबर पर था।

नौकरी डॉट कॉम की ओर से निकाली गई रिपोर्ट में कहा गया कि उदयपुर और इंदौर के अलावा जयपुर और अहमदाबाद जैसे उभरते हुए शहर भी जॉब मार्केट का नेतृत्व कर रहे हैं। आईटी, ऑयल एंड गैस और कंस्ट्रक्शन जैसे क्षेत्रों में वृद्धि दर दोहरे अंक में है।

रिपोर्ट में बताया गया कि जयपुर टेक हब के रूप में तेजी से उभर रहा है और तीसरी तिमाही में आईटी नौकरियों में भर्तियों में 48 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वहीं, अहमदाबाद में भी ऑयल एंड गैस, कंस्ट्रक्शन/इंजीनियरिंग और अकाउंट/फाइनेंस की नौकरियों में वृद्धि हुई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 की दूसरी तिमाही से नौकरियों के परिदृश्य में स्थिरता आनी शुरू हो गई थी। तीसरी तिमाही तक भर्तियों में वापस मजबूत बढ़त देखी गई। इसका नेतृत्व आईटी सेक्टर द्वारा किया गया और उभरते शहरों में नौकरियों के अधिक अवसर पैदा हुए।

रिपोर्ट में बताया गया कि चेन्नई, हैदराबाद और पुणे जैसे मेट्रो शहरों ने सुधार में अग्रणी भूमिका निभाई है, विशेष रूप से पुणे ने वर्ष की दूसरी छमाही में मजबूत वापसी की है, जहां तीसरी तिमाही के दौरान भर्ती में 13 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

रिपोर्ट में कहा गया कि 2024 में एआई/एमएल सेक्टर में मजबूती देखी गई। वर्ष के दौरान 14-47 प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ तकनीक दक्षता वाले टैलेंट की मांग ने वृद्धि दर को उजागर किया।

एफएमसीजी सेक्टर ने भी अलग-अलग तिमाहियों में सकारात्मक वृद्धि दर को बनाए रखा। इस सेक्टर में पहली तिमाही में सपाट ट्रेंड देखा गया और तीसरी तिमाही तक वृद्धि दर 20 प्रतिशत रही।

इसी तरह फार्मा/बायोटेक ने भी स्वास्थ्य सेवा की मौजूदा जरूरतों का लाभ उठाते हुए तेजी को जारी रखा।

बैंकिंग और वित्तीय सेवा क्षेत्र में वर्ष के दौरान मामूली वृद्धि देखी गई, जबकि बीमा क्षेत्र ने दूसरी तिमाही में 37 प्रतिशत की वृद्धि के साथ तेज उछाल दर्ज किया, जो कि पहली तिमाही की सुस्ती के बाद वित्तीय सुरक्षा की बढ़ती मांग से प्रेरित था।

रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष की दूसरी छमाही में गैर-आईटी क्षेत्रों में फ्रेशर हायरिंग में वृद्धि देखी गई।

–आईएएनएस

एबीएस/

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उत्तर प्रदेश

प्रशांत किशोर ने तोडी चुप्पी, कहा-एनडीए ने 29 हजार करोड रुपए बांटे, 2-2 लाख दे दें तो राजनीति छोड दूंगा

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पटना। करंट क्राइम। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मिली हार के 4 दिन बाद जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर न सिर्फ अपनी हार स्वीकार की, बल्कि एनडीए सरकार पर चुनाव जीतने के लिए 29,000 करोड़ तक बांटने का गंभीर आरोप लगाया। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने एक नई शर्त रखी है। अगर सरकार ने 6 महीने के भीतर 1.5 करोड़ महिलाओं को 2-2 लाख देने का अपना वादा पूरा किया, तो वह राजनीति छोड़ देंगे।
प्रशांत किशोर ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में माना कि जन सुराज का ईमानदारी भरा प्रयास सफल नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव में जन सुराज की हार की शत प्रतिशत जिम्मेदारी मैं खुद पर लेता हूं। वह ’व्यवस्था परिवर्तन’ तो दूर, ’सत्ता परिवर्तन’ भी नहीं करा सके। इस असफलता के लिए माफी मांगते हुए उन्होंने घोषणा की कि वह दो दिन बाद भीतहरवा आश्रम में एक दिन का मौन उपवास रखेंगे, जिसे उन्होंने ’प्रायश्चित’ बताया। उन्होंने कहा, ’गलती हम लोगों से हुई होगी लेकिन हम लोगों ने कोई गुनाह नहीं किया।’
प्रशांत किशोर ने अपनी हार स्वीकार करते हुए कहा, ’सबकी आशाओं और सपनों पर खड़ा नहीं उतरने का सारा दोष मेरा है। मैं आप सबों से माफी मांगता हूं।’ इस हार के प्रायश्चित के तौर पर उन्होंने घोषणा की कि वह आज से दो दिन बाद भीतहरवा आश्रम में एक दिन का मौन उपवास रखेंगे, क्योंकि उनसे ’गलती हुई होगी, लेकिन हम लोगों ने कोई गुनाह नहीं किया।’
प्रशांत किशोर ने दावा किया कि उन्होंने जातियों को अलग करने का गुनाह नहीं किया और हिंदू-मुस्लिम का भेदभाव भी नहीं किया। उन्होंने कहा कि जो लोग इन सबका सहारा लेकर जीते हैं, उन्हें आज नहीं तो कल इसका हिसाब देना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ लोग सोचते हैं कि वह बिहार छोड़ देंगे, लेकिन यह उनकी गलतफहमी है। उन्होंने संकल्प लिया, ’जन सुराज और पीके की जिद्द है बिहार को सुधारने की, और मैं इसे सुधार कर ही रहूंगा। मैं पीछे हटने वाला नहीं हूं।
प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि एनडीए की जीत 40,000 करोड़ खर्च करने के सरकारी वादे के कारण हुई। उन्होंने दावा किया कि 29,000 करोड़ रुपये के करीब बांटे गए। हर विधानसभा क्षेत्र में 60 से 62 हज़ार लोगों को 10,000 रुपये दिए गए। पूरा सरकारी तंत्र (जीविका दीदी, आंगनबाड़ी, आशा कार्यकर्ता) यह बताने में लगाया गया कि आगे 2 लाख की सहायता मिलेगी। आशा, ममता और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सैलरी बढ़ाई गई, जिस पर लगभग 10,000 करोड़ खर्च हुए।
प्रशांत किशोर ने अब सीधे नीतीश कुमार को चुनौती दी है कि वह अपना वादा पूरा करें, अन्यथा उन्हें राजनीतिक झूठ के लिए जवाब देना होगा। उन्होंने कहा, ’आपने जो 2 लाख देने का वादा किया है, उन 1.5 करोड़ महिलाओं को अब 6 महीने में 2-2 लाख रुपये दीजिए।’ अगर नीतीश कुमार 1.5 करोड़ लोगों को 2-2 लाख रुपये दे दें… तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा।

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उत्तर प्रदेश

LIVE: PM Modi attends the Janjatiya Gaurav Diwas programme in Dediapada, Gujarat

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उत्तर प्रदेश

थाने में ब्लास्ट आतंकवादी हमला नहीं, विस्फोटकों की जांच के दौरान हुआ हादसा

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श्रीनगर। करंट क्राइम। श्रीनगर में नौगाम पुलिस स्टेशन में शुक्रवार रात हुआ धमाका आतंकवादी हमला नहीं था बल्कि विस्फोटक सामानों को सैंपल लेने के दौरान ब्लास्ट हो गया। इस धमाके में नौ लोगों की जान गई। जम्मू-कश्मीर के डीजीपी नलिन प्रभात ने कहा कि ब्लास्ट उस समय हुआ जब पुलिस व्हाइट कॉलर आतंकी मॉड्यूल मामले में जब्त विस्फोटक के सैंपल ले रही थी। यह विस्फोटक हरियाणा के फरीदाबाद से गिरफ्तार डॉ. मुजम्मिल गनई के किराए के घर से जब्त किया गया था। मारे गए 9 लोगों में से एक इंस्पेक्टर, 3 फॉरेंसिक टीम मेंबर, 2 क्राइम ब्रांच फोटोग्रॉफर, 2 राजस्व अधिकारी और एक दर्जी शामिल है।
जम्मू-कश्मीर पुलिस 360 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री फरीदाबाद से डॉ. मुज़म्मिल गनई के किराए के आवास से जब्त करके लेकर आई थी। गनई इस आतंकी मॉड्यूल मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए आठ लोगों में से एक है। वहीं, गृह मंत्रालय ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना बताया है। एमएचए का कहना है कि विस्‍फोटक सामग्री की जांच के दौरान ये हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि धमाका इतना बड़ा था कि मानव अंग 300 मीटर दूर तक जाकर गिरे।
वहीं, फारूक़ अब्दुल्ला ने नौगाम पुलिस स्टेशन में हुए विस्फोट पर गहरी चिंता जताते हुए इसे गंभीर चूक बताया। उन्होंने कहा कि विस्फोटक को संभालने से पहले विशेषज्ञों से सलाह लेनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और नतीजतन 9 लोगों की जान चली गई तथा आसपास के घरों को भारी नुकसान हुआ।

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