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हिण्डन मोक्ष स्थली तट पर लकड़ी के रेट को लेकर मची मारा-मारी

मेयर ने मीडिया को पत्र लिखकर कर दी कमेटी की सूचना जारी

वरिष्ठ संवाददाता (करंट क्राइम)

गाजियाबाद। भाजपा पार्षद और जीडीए बोर्ड सदस्य हिमांशु मित्तल ने हिण्डन मोक्ष स्थल पर दोगुने दामों पर बेची जा रही लकड़ी के मुद्दे को उठाया था और उन्होंने इस मामले में कार्यवाही ना होने पर धरने पर बैठने की बात कह दी है। जब इस मामले को लेकर गुरूवार को निगम के गलियारों में सुगबुगाहट शुरू हुई तो मेयर आशा शर्मा ने यहां पर आगे आकर मामले को सुलझाने की कोशिश की। उन्होंने एक पत्र लिखा और कहा कि गाजियाबाद नगर निगम क्षेत्र के अन्तर्गत आने वाले मोक्ष स्थल पर अधिक मूूल्य पर बेची जाने वाली लकड़ियों के लिए गाजियाबाद नगर निगम द्वारा एक कमेटी गठित की जायेगी। इस कमेटी के अन्तर्गत लकड़ियों का नियमानुसार आॅक्शन किया जायेगा तथा रेट निर्धारित किए जायेंगे। मेयर ने अपने पत्र में कहा कि गाजियाबाद नगर निगम द्वारा दी गयी नियमावली के अनुसार ही लकड़ियों का उचित मूल्य पर वितरण किया जायेगा। नियमावली का उल्लंघन करने पर सख्त कार्यवाही की जायेगी। मेयर चाहती हैं कि इस मामले में नियम अनुसार तत्काल कार्यवाही हो।

सोशल मीडिया पर घमासान और रियल मित्तल से सब अंजान

शमशान घाट की लकड़ी से जो आग निकली है वो भगवा खेमे में तूफान मचाने वाली है। मुद्दे को उठाने वाले जीडीए बोर्ड सदस्य हिमांशु मित्तल के सोशल मीडिया अकाउंट पर कमेंटवार चलता रहा। इसी बीच पता चला कि मित्तल जी और मनीष जी के बीच किसी दाह संस्कार को लेकर कुछ विवाद हुआ था। मित्तल जी चाहते थे कि आठ बजे दाह संस्कार हो जाये लेकिन मनीष जी की अपनी मजबूरी थी। इसके बाद सवाल उठा के मित्तल जी इसीलिए यहां लकड़ी का मुद्दा उठा रहे हैं। लेकिन मित्तल जी और मनीष जी दोनों के लिए जानकारी का करंट यह है कि जो बात हुई थी उसमें मित्तल जी कोई और हैं। हिमांशु मित्तल ने चुनौती दी कि मेरी कोई बात नहीं हुई। यह मामला शहर विधायक अतुल गर्ग के प्रतिनिधि राजेन्द्र मित्तल और आचार्य मनीष के बीच हुआ था। पंचवटी की रहने वाली बुजुर्ग महिला का निधन हो गया था। लॉक डाउन और गर्मी के मौसम में बर्फ का इंतजाम नहीं था। ऐसे में महिला का दाह संस्कार जरूरी था। इसी के चलते मानवता के नाते राजेन्द्र मित्तल ने मनीष को फोन किया। यहां मनीष ने अपनी मजबूरी बताई और बताया कि यहां पर कोरोना इंफेक्टिड डेड बॉडी भी आ रही हैं। यहां पर निगम की ओर से कोई सुविधा नहीं है। प्रशासन ने कोई किट नहीं दी है और मैं खुद रिस्क लेकर दाह संस्कार करा रहा हूं। यहां पर लॉक डाउन के चलते लड़के भी नहीं हैं और इसलिए आठ बजे दाह संस्कार नहीं हो पायेगा। लिहाजा अब आचार्य मनीष को पता होना चाहिए कि जिन मित्तल पर वह आरोप लगा रहे हैं वह मित्तल हिमांशु नहीं बल्कि राजेन्द्र हैं। माना ये जा रहा है कि इस मुद्दे पर आचार्य मनीष भी शुक्रवार को अपनी बात रख सकते हैं।

सबसे पहले मेयर के सामने उठाना था ये मुद्दा: प्रदीप चौहान

भाजपा पार्षद प्रदीप चौहान ने कहा कि जिस तरह से गुरूवार को अव्यवस्था हुई यह ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि मेरे दादा स्वर्गीय चौधरी किशन लाल चौहान रेलवे कर्मचारी थे और वह भी शमशान घाट की व्यवस्था को दुरूस्त चाहते थे। उन्होंने यहां उस समय मददलाल बाल्मीकि को डिप्यूट किया था। ये वो दौर था जब रामानुज दयाल गाजियाबाद के चेयरमैन थे। प्रदीप चौहान ने कहा कि मेरा यह कहना है कि मेयर नगर निगम की मुखिया हैं और यदि निगम क्षेत्र से जुड़ी कोई बात थी तो पहले मेयर आशा शर्मा के संज्ञान में लाई जानी चाहिए। मेरा मेयर से भी अनुरोध है कि वह इस मामले में आगे आयें और शहर के लोगों को राहत दिलायें। यह जनता से सीधा जुड़ा मुद्दा है और इसमें जनता का हित सर्वोपरि रखते हुए फैसला होना चाहिए।

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