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हिमांशु लव हुए चेंज लेकिन दे दिया बड़ा संदेश

वरिष्ठ संवाददाता (करंट क्राइम)

गाजियाबाद। भाजपा पार्षद हिमांशु लव जीडीए बोर्ड चुनाव के लिए दावेदारी में थे। खास बात यह है कि हिमांशु लव ने अंदरखाने मोर्चा भी खोला और रविवार को वह भाजपा के कई पार्षदों के टच में थे और हिमांशु लव की भाग-दौड़ ने भाजपा संगठन को भी एक बार टेंशन दे दी थी। लेकिन हिमांशु लव ने भाजपा कोर कमेटी को आईना भी दिखाया और भाजपा के लिए समर्पित कार्यकर्ता की तरह साथ भी रहे। गौरतलब है कि हिमांशु लव ने कोर कमेटी के इस फैसले को लेकर मोर्चा खोला था कि पहली बार जीते हुए पार्षद जीडीए बोर्ड चुनाव से क्यों दूर रखे जा रहे हैं। हिमांशु लव का सवाल सिद्धांत से जुड़ा हुआ था और वह इस मुद्दे पर व्यक्तिगत लड़ाई नहीं बल्कि सैद्धांतिक लड़ाई लड़ रहे थे।
करंट क्राइम से पहले ही कहा था कि वह सुबह दस बजे ही अपने पत्ते खोलेंगे। लड़ाई रोचक हो रही थी और सोमवार को सुबह दस बजे हिमांशु लव निगम मुख्यालय पहुंचे और उन्होंने नामांकन पत्र ले लिया। हिमांशु लव के नामांकन पत्र लेते ही भाजपा में खलबली मच गई।
हिमांशु लव को किसी तरह भाजपा के संगठन नेताओं से लेकर वरिष्ठ नेताओं ने समझाकर पर्चा वापस लेने को राजी किया। हिमांशु लव का वह पर्चा पूरी तरह चर्चा में रहा जो पर्चा जमा ही नहीं हुआ। खास बात यह है कि भले ही हिमांशु लव ने पर्चा वापस ले लिया लेकिन उनके अंदाज का चर्चा अंदरखाने पूरी भाजपा में हो रहा है। भाजपा पार्षद ही कह रहे हैं कि हम अपने वॉर्ड में जनाधार साबित कर जनादेश लेकर पार्षद बने हैं और हमारे फैसले कोर कमेटी लेगी, यह नैतिक रूप से ठीक नहीं है। कोर कमेटी को निगम के फैसले में कम से कम पार्षदों की राय तो लेनी चाहिए। हिमांशु लव का अंदाज कोर कमेटी के लिए आईना है। हिमांशु लव की नाराजगी खुद की उम्मीदवारी को लेकर नहीं थी। हिमांशु लव का मुद्दा पहली बार जीतकर आए पार्षदों का मुद्दा था। हिमांशु लव एक संदेश देना चाहते थे कि पहली बार जीतकर आना कोई गुनाह तो नहीं है, जो पहली बार जीते पार्षद को जीडीए बोर्ड जैसे चुनाव से दूर रखा जाएगा। हिमांशु लव के सवाल का जवाब भी कोर कमेटी में किसी के पास नहीं था।
भाजपा भले ही जीडीए बोर्ड में तीनों सीट जीत गई है लेकिन वह दल का चुनाव जीतने के बाद भी पार्षदों के दिलों के चुनाव में हार गई है। अंदरखाने पार्षदों का पूरा समर्थन हिमांशु लव के साथ है। पहली बार के जीते पार्षद पूरी तरह हिमांशु लव के साथ हैं। अंदरखाने भाजपा के नेता भी हिमांशु लव की आवाज को जायज मान रहे हैं।
वह इस बात की भी तारीफ कर रहे हैं कि हिमांशु लव ने साहसपूर्वक इंसाफ की आवाज भी उठाई और पार्टी के कर्मठ कार्यकर्ता की तरह पार्टी को चुनाव में नुकसान भी नहीं पहुंचने दिया।

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