चिल्ड्रन होम में गार्ड द्वारा बच्चों नशीली दवा देने के मामले में हाईकोर्ट ने शासन से मांगा जवाब

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रायपुर (ईएमएस)। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने चिल्ड्रन होम में निजी सुरक्षा गार्ड द्वारा बच्चों को नशे की दवा दिए जाने के मामले को गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने मामले में शासन को जवाब पेश करने के लिए 10 दिन का समय दिया है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने देश के सभी हाईकोर्ट को विधि से संघर्षरत बालकों के लिए बने किशोर न्याय अधिनियम का पालन कराने का निर्देश दिया है। इसपर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मामले को स्वतः संज्ञान में लेते हुए मामले से जुड़े सभी विभागों को नोटिस जारी कर निर्देश जारी किया है। इसमें महिला एवं बाल विकास विभाग को भी निर्देश दिए गए हैं। किशोरों के कल्याण के लिए कार्यरत सभी संस्थानों में रिक्त पदों को भरने और संरक्षण गृह में रहने वाले बच्चों की देखरेख, कौशल विकास और लापता और तस्करी वाले बच्चों का डेटाबेस तैयार करने को कहा है। शासन की ओर से पूर्व में कहा गया था कि विधि से संघर्षरत बच्चों की सुरक्षा के लिए सरकार काम कर रही है। रायपुर के चिल्ड्रन होम में निजी सुरक्षा गार्ड लगाए गए हैं। बहरहाल,मामले में सुनवाई के दौरान कोर्ट के सामने यह बात सामने आई है कि निजी सुरक्षा गार्ड पैसे कमाने के लिए बच्चों को नशे की दवा दे रहे हैं। इसपर कोर्ट ने कहा कि यह अत्यंत गंभीर बात है। रायपुर के अलावा अन्य जिलों में भी ऐसी स्थिति न हो इसके लिए शासन को 10 दिनों के भीतर जवाब पेश करने हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है।