हाय हाय महंगाई

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आज का दौर महंगाई का दौर है। आज सभी जरूरत की चीजों के मूल्य आसमान छू रहे हैं। आम आदमी मंहगाई की गिरफ्त में निरंतर आता जा रहा है और मंहगाई पर कभी लंबे चौड़े भाषण देने वाले नेता इन दिनों अपनी जुबान को सिलाकर घर बैठ गये हैं। जनता को छोड़ दिया है अपने हाल पर और जनता इन दिनों हाय हाय मंहगाई कर रही है और घर की जरूरत की सभी चीजों के दामों में आई मंहगाई के कारण लोग का सब्र भी अब टूट के मुहाने पर आ गया है। लोकसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी की ओर से करोड़ो हिन्दुस्तानियों को भरोसा दिया गया था कि वह सत्ता में आने के बाद सबसे पहले मंहगाई पर अंकुश लगाने का काम करेंगे। देश के करोड़ो लोगों ने मंहगाई पर अंकुश लगाये जाने के भाषणों को सुनकर भाजपा के पक्ष में वोट किया और केंद्र में सरकार भाजपा की बन गई और देश का नेतृत्व प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी ने संभाला। अब केंद्र सरकार को डेढ़ वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है और देश में मंहगाई अपने पूरे सबाव पर है और देश का हर नागरिक मंहगाई से डरा और सहमा बैठा हुआ है। देश में अब से तीन माह पहले प्याज के मूल्यों ने देश की जनता को खूब रुलाया और अब तक रूला रही है। प्याज के दामों को कम करने के खूब आश्वासन नेताओं द्वारा दिए गए और देश की राजधानी दिल्ली में प्याज की सियासत इस तरह गर्मायी कि सत्तारूढ़ दल ने प्याज कम कीमतों पर खरीद कर जनता को औने पौने दामों में बेच डाली। केंद्र सरकार के नेता कहने से बाज नहीं आये कि वह मंहगाई चंद दिनों में काबू में कर लेंगे, लेकिन मंहगाई है कि रूकने का नाम ही नहीं ले रही है। देश में पहली बार घर की मुर्गी दाल के मूल्यों से भी मंहगी हो चुकी है। देश में तिलहन के मूल्य जिस तेजी के साथ बढेÞ हैं ऐसा शायद कभी हुआ हो। देश में आज अरहर की दाल दो सौ रुपये के पास पहुंच चुकी है तो अन्य दालों की कीमतें भी डेÞढ सौ रुपये प्रतिकिलों से उपर बाजार में बेची जा रही हैं। देश में मंहगाई निरंतर बढ़ती जा रही है और जो मंहगाई को रोकने के लिए बैठे हैं वो सिर्फ बयानबाजी के माध्यम से ही मंहगाई पर अंकुश लगाने की बातें कर रहे हैं। देश की जनता मंहगाई से त्राहि त्राहि कर रही है। प्याज, हरी सब्जिया और अब तिलहन की बढ़ी कीमतों ने आम आदमी के मुंह से निवाला तक छीन लिया और जनता देख रही है कि जिन्होंने लंबे चौड़े वायदे चुनाव के दौरान किये थे, अब वह कहां हैं, और मंहगाई को रोकने की दिशा में क्या कदम उठा रहे हैं।

धन्यवाद! मनोज गुप्ता