हैरिटेज कालका-शिमला ट्रैक पर चलेगा ग्लास सीलिंग वाला कोच, सैलानी दे सकते हैं खूबसूरत वादियों

0
6

शिमला (ईएमएस)। हिमाचल प्रदेश के वर्ल्ड हैरिटेज कालका-शिमला ट्रैक पर आने वाले दिनों में ग्लास सीलिंग वाले रेल कोच चलने वाले है। रविवार को कालका-शिमला ट्रैक पर इसका सफल ट्रायल हुआ। सैलानी अब ट्रेन में बैठे-बैठे ही रूट की खूबसूरत वादियों के नज़ारे देख पाएंगे। देश में पहले प्रयोग के लिए कालका-शिमला हैरिटेज ट्रैक को सबसे पहले रेलवे के इस नए विचार के लिए चुना गया है। पारदर्शी कोच के ट्रैक पर चलने से सफर का रोमांच दोगुना होगा। रविवार सुबह इस नए कोच को शिमला रेलवे स्टेशन से कालका के लिए रवाना किया गया। शनिवार को कालका से शिमला तक ट्रैक पर विस्टा डॉम कोच का सफल ट्रायल किया गया था। अब ट्रायल सफल होने के बाद इस तरह के अन्य कोच बनाकर हैरिटेज ट्रैक पर इसके सफर का आनंद पर्यटकों को दिया जाएगा।
इसके बारे में शिमला रेलवे स्टेशन के स्टेशन अधीक्षक प्रिंस शेट्टी ने बताया कि इस विशेष कोच को तैयार करने के लिए रेलमंत्री पीयूष गोयल ने अपने हिमाचल के दौरे के दौरान रेलवे को निर्देश दिए थे। अब इस कोच को कालका स्टेशन में करीब दस लाख की लागत से तैयार कर इसका ट्रायल किया गया है। ट्रैक पर इसका सफल ट्रायल होने के बाद अब लोग व देश-विदेश के पर्यटक पारदर्शी कोच का लुत्फ उठा सकते है।
कालका स्टेशन में तैयार हुए कोच की विशेषता है कि यह पूरा शीशे से बना है और इसमें लकड़ी का इस्तेमाल किया गया है। खिड़कियों सहित शीशे के छत से चारों ओर का दृश्य देखा जा सकेगा। पर्यटकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए इस वातानुकूलित बनाया जाएगा। इन कोच में एसी लगाएं गए है। विस्टाडॉम कोच की छत 12 एमएम शीशे की बनाई गई है। दरवाजों व खिड़कियों पर अतिरिक्त सुरक्षा के लिए कठोर शीशे का इस्तेमाल किया गया है। दरवाजों पर स्टील की रेलिंग को भी लगाई गई है। कोच के अंदर विनाइल फ्लोरिंग लगी है। समय और तापमान दिखाने वाला यंत्र भी इसमें लगाया गया है। कोच के अंदर का इंटरियर डिजाइन बेहद आकर्षक है। अब जल्द ही यह तय किया जाएगा कि इस बुकिंग या फिर किस तरह से ट्रैक पर चलाया जाएगा। कोच का निरीक्षण कर रहे चीफ इंजीनियर का कहना है कि यह अपनी तरह का पहला कोच है जो इस तरह से डिजाइन कोच रेलवे चलाने जा रहा है। इस सबसे पहले हैरिटेज ट्रैक कालका-शिमला पर ही चलाया जा रहा है। इसका पहला ट्रायल सफल रहा है, उन्होंने बताया कि इस कोच को रेलगाड़ी के सबसे लास्ट में लगाया जाएगा।