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हरियाणा सीखेगा मप्र से खाद्यान्न सुरक्षित रखने के गुर

भोपाल, | मध्य प्रदेश में खाद्यान्न भंडारण के लिए किए गए प्रयोगों ने देश के अन्य राज्यों की सरकारों का ध्यान खींचा है। यही कारण है कि खाद्यान्न उत्पादन के मामले में देश में खास स्थान रखने वाले हरियाणा राज्य का प्रतिनिधिमंडल मध्य प्रदेश से भंडारण के गुर सीखने आ रहा है।

राज्य सरकार के सूत्रों द्वारा दी गई जानकारी में कहा गया है कि हरियाणा के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री कर्णदेव काम्बोज के नेतृत्व में 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल 16 से 20 फरवरी तक मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ का दौरा करेगा।

यह प्रतिनिधिमंडल मध्यप्रदेश में आधुनिक गोदामों के निर्माण का अध्ययन करेगा और छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का जायजा लेगा।

हरियाणा के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के सूत्रों का कहना है कि हरियाणा में पुरानी पद्धति के अनुसार, गोदामों को बनाया गया है। इनमें साफ-सुथरा अनाज भी कुछ समय के बाद सड़ जाता है, जिससे प्रदेश को भारी हानि उठनी पड़ती है, परंतु मध्य प्रदेश में अनाज भंडारण के लिए नवीनतम तकनीकों का प्रयोग किया गया है, जिसके तहत वहां अनाज के भंडारण के लिए साइलो (आधुनिक गोदाम) का निर्माण किया गया है।

इन गोदामों में अनाज का भंडारण ठीक प्रकार से होता है और इनमें लंबे समय तक अनाज को सुरक्षित रखा जा सकता है।

सूत्रों ने बताया है कि हरियाणा से आ रहे प्रतिनिधिमंडल में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री कर्णदेव काम्बोज के साथ विधायक हरविंद्र सिंह कल्याण, दास कबीरपंथी और सुभाष सुधा होंगे।

इनके अलावा, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एस़ एस़ प्रसाद, मुख्यमंत्री के ओएसडी विजय शर्मा तथा विभाग के अधिकारी व तकनीकी स्टाफ के सदस्य भी प्रतिनिधिमंडल में शामिल होंगे।

इस दौरे से प्रदेश में आधुनिक तकनीकों के प्रयोग से भंडारण व राशन वितरण को लागू करने में सहायता मिलेगी, जिससे प्रदेश के करीब 83 लाख राशन कार्डधारक परिवारों को लाभ होगा।

हरियाणा का प्रतिनिधिमंडल मध्य प्रदेश के खाद्यान्न भंडारण के लिए बनाए गए साइलो का निरीक्षण एवं अध्ययन करेगा तथा खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करेगा। उनसे यह जानेगा कि खाद्यान्न को ज्यादा वक्त तक सुरक्षित रखने के और कौन से तरीके हैं।

ज्ञात हो कि मध्य प्रदेश में खेती को फायदे का धंधा बनाने के लिए सरकार की ओर से किसानों को सुविधाओं के साथ खाद, बीज और कर्ज में रियायतें दी गई है। यही कारण है कि राज्य में फसल के उत्पादन में इजाफा हुआ है। राज्य को चौथी बार कृषि कर्मण पुरस्कार भी मिला है। वहीं भंडारण के लिए भी कारगर कदम उठाए गए हैं।

खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से जानकारी दी गई है कि खाद्यान्न भंडारण के मामले में मध्य प्रदेश देश में अव्वल है, वर्ष 2014-15 में कुल भंडारण क्षमता 171 मीटिक टन है। बीते तीन वर्षो में भंडारण क्षमता में 65 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।

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