देश
जीएसटी काउंसिल की बैठक आज: टैक्स दरों में कटौती की संभावनाएं, बीमा पर ध्यान दें
जीएसटी काउंसिल की 55वीं बैठक: आज राजस्थान के जैसलमेर में जीएसटी काउंसिल की 55वीं बैठक आयोजित की जा रही है। इस बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विभिन्न राज्यों के वित्त मंत्री भी भाग ले रहे हैं। इस बैठक पर विशेष ध्यान इश्योरेंस क्षेत्र पर है, जहां लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस पर जीएसटी को घटाने की संभावना है। इसके साथ ही लक्जरी उत्पादों पर जीएसटी में वृद्धि की भी चर्चा की जा रही है। एविशन टरबाइन फ्यूल को जीएसटी स्लैब में लाने का मुद्दा भी गर्माया हुआ है। अब देखना होगा कि काउंसिल कौन से निर्णय लेती है।
148 वस्तुओं पर हुई चर्चा
आज की बैठक में कुल 148 वस्तुओं पर चर्चा की जाएगी। इसमें इलेक्ट्रिक वाहनों, छोटी पेट्रोल और डीजल गाड़ियों पर जीएसटी दरों में वृद्धि की संभावना है। वर्तमान में इन उत्पादों पर 12 प्रतिशत जीएसटी लगा हुआ है, जिसे बढ़ाकर 18 प्रतिशत करने पर विचार किया जा रहा है।
टर्म लाइफ इंश्योरेंस पर राहत की उम्मीद
जीएसटी काउंसिल की बैठक में टर्म लाइफ इंश्योरेंस पर लागू जीएसटी को समाप्त करने का निर्णय लिया जा सकता है। साथ ही, वरिष्ठ नागरिकों के हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम को भी जीएसटी से मुक्त किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, 5 लाख रुपये तक के हेल्थ इंश्योरेंस लाभार्थियों को भी जीएसटी में बड़ी छूट मिलने की आशंका है।
20 लीटर या उससे अधिक के पैकेज्ड पानी पर जीएसटी को 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किया जा सकता है। इसके अलावा, साइकिल पर जीएसटी को 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किया जा सकता है।
क्या हो सकता है महंगा?
जानकारों के अनुसार, लक्जरी उत्पादों पर जीएसटी दरों में वृद्धि की जा सकती है। 25,000 रुपये से अधिक कीमत वाली घड़ियों पर जीएसटी 18 प्रतिशत से बढ़ाकर 28 प्रतिशत, 15,000 रुपये से अधिक कीमत वाले जूतों पर 18 प्रतिशत से 28 प्रतिशत और 1,500 रुपये तक की रेडी-मेड कपड़ों पर 5 प्रतिशत जीएसटी हो सकता है। वहीं, 1,500 से 10,000 रुपये की कीमत वाले रेडी-मेड कपड़ों पर 18 प्रतिशत और 10,000 रुपये से अधिक की कीमत वाले रेडी-मेड कपड़ों को 28 प्रतिशत जीएसटी स्लैब में लाया जा सकता है।
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वंदे मातरम पर जारी बहस के दौरान अखिलेश ने सरकार और बीजेपी पर साधा निशाना, कहा- ये राष्ट्रवादी नहीं, राष्ट्रविवादी है
नई दिल्ली। करंट क्राइम। वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर संसद में जारी बहस के दौरान अखिलेश यादव ने सरकार खासकर बीजेपी पर जमकर निशाना साधा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद लोकसभा में अपना पक्ष रखते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि हर चीज का श्रेय सत्ता पक्ष लेना चाहता है। जो उनका नहीं उसका भी श्रेय लेते हैं। वंदे मातरम् गाने नहीं निभाने के लिए है।
अखिलेश ने कहा कि ये लोग देश को तोड़ना चाहते हैं। ये दरारवादी लोग देश तोड़ना चाहते हैं। इन लोगों ने आजादी की लड़ाई में भाग नहीं लिया है। कुछ लोग अंग्रेजों के लिए जासूसी करते थे।
अखिलेश ने कहा कि ये लोग वंदे मातरम् का महत्व क्या जानेंगे। आजादी के बाद इन्होंने वंदे मातरम् नहीं गाया। ये लोग राष्ट्रवादी नहीं राष्ट्रविवादी हैं।
मुखबिरों से पूछो तिरंगा क्यों नहीं फहराया..? गलत लोगों की गलत मंशा देश समझता है।
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LIVE: PM Modi’s remarks in the Lok Sabha during special discussion on 150 years of Vande Mataram
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लोकसभा में प्रधानमंत्री आज करेंगे वंदे मातरम् पर चर्चा की शुरुआत तो राज्य सभा में अमित शाह, हंगामे के आसार
नई दिल्ली। करंट क्राइम। राष्ट्रीय गीत ’वंदे मातरम’ की रचना को 150 वर्ष पूरे होने के मौके पर आज यानि सोमवार को संसद में विशेष बहस होगी। आज दोपहर 12 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में इस बहस की शुरुआत करेंगे। लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी वंदे मातरम् पर चर्चा होगी, जिसकी शुरुआती गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। चर्चा के दौरान हंगामे के भी आसार हैं, क्योंकि प्रधानमंत्री ने पहले ही कांग्रेस पर गीत के छंद हटाने का आरोप लगाया है।
लोकसभा की कार्यसूची में ’राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर चर्चा’ को सोमवार के लिए सूचीबद्ध है और बहस के लिए 10 घंटे का समय आवंटित किया गया है। पीएम मोदी इस बहस की शुरुआत करेंगे, जबकि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दूसरे वक्ता होंगे। विपक्ष की ओर से कांग्रेस के लोकसभा में उपनेता गौरव गोगोई और प्रियंका गांधी समेत कई सांसद हिस्सा लेने की उम्मीद हैं।
लोकसभा के बाद राज्यसभा में ‘वंदे मातरम’ पर मंगलवार को चर्चा होगी, जहां गृह मंत्री अमित शाह चर्चा की शुरुआत करेंगे और स्वास्थ्य मंत्री तथा राज्यसभा में नेता जेपी नड्डा दूसरे वक्ता होंगे।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में 2 दिसंबर को सत्तापक्ष और विपक्ष के नेताओं की बैठक में इस विषय पर चर्चा की सहमति बनी थी। बैठक में तय हुआ कि ’वंदे मातरम’ और चुनाव सुधारों पर अगले हफ्ते बहस होगी, जिससे संसद के सुचारू संचालन की संभावना बढ़ गई है. हंगामे की बजाय सकारात्मक चर्चा की उम्मीद की जा रही है।
’वंदे मातरम्’ को 1870 के दशक में महान साहित्यकार बंकिम चंद्र चटर्जी ने संस्कृतनिष्ठ बंगाली में लिखा था। ये गीत उनके प्रसिद्ध उपन्यास ’आनंदमठ’ का हिस्सा है, जिसका पहला प्रकाशन 1882 में हुआ था। इस गीत को जदुनाथ भट्टाचार्य ने संगीतबद्ध किया था।
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