जीएसके कंज्यूमर हेल्थकेयर का एचयूएल मे विलय

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मुंबई (ईएमएस)। अंतराष्ट्रीय ब्रॉड यूनिलीवर पीएलसी की भारतीय इकाई हिंदुस्तान यूनिलीवर एक ऑल शेयर समझौते के तहत ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन (जीएसके) कंज्यूमर हेल्थकेयर का विलय कर लेगी। इससे एचयूएल को हॉर्लिक्स, बूस्ट और माल्टोवा माल्टेड ड्रिंक ब्रांड्स मिल जाएंगे। इसके अलावा उसे सेंसोडाइन, ईनो और क्रोसिन जैसे ओवर द काउंटर और ओरल केयर ब्रांड्स के वितरण अधिकार पांच साल के लिए मिलेंगे। इस विलय में जीएसके कंज्यूमर हेल्थकेयर की वैल्यू 31700 करोड़ रुपये लगी है। इसके शेयरधारकों को हर तीन शेयर पर एचयूएल के 4.39 शेयर मिलेंगे। विलय इस साल पूरा होने की उम्मीद है। विलय के बाद एचयूएल में यूनिलीवर की होल्डिंग 67.2 प्रतिशत से घटकर 61.9 प्रतिशत रह जाएगी। विलय से बनने वाली इकाई में जीएसके पीएलसी दूसरी बड़ी शेयरधारक होगी। उसके पास इसका 5.7 प्रतिशत हिस्सा होगा। जीएसके अपना स्टेक किसी भी निवेशक को बेच सकेगी और उन शेयरों को सबसे पहले खरीदने का अधिकार यूनिलीवर के पास नहीं होगा। बूस्ट, विवा और माल्टोवा ब्रांड्स पर एचयूएल का स्वामित्व होगा। हालांकि अभी जीएसके पीएलसी के मालिकाना हक वाले हॉर्लिक्स को पैरेंट यूनिलीवर खरीद रही है और एचयूएल भारत में इसके उपयोग पर अपनी पैरेंट कंपनी को रॉयल्टी देगी।
एचयूएल के चेयरमैन संजीव मेहता ने कहा, यह हमारे लिए बहुत ही रणनीतिक और बदलाव वाला सौदा है। विलय पूरा होने पर हमें आमदनी और लागत के लिहाज से तालमेल का असर दिखेगा। उन्होंने कहा, भारतीय उपभोक्ताओं के लिहाज से देखें तो हेल्थ और वेलनेस की बड़ी जरूरत है। यह विलय इस स्पेस में बिल्कुल फिट बैठता है। यह विलय एचयूएल के फूड और रिफ्रेशमेंट्स पोर्टफोलियो को काफी बड़ा बना देगा। जीएसके कंज्यूमर हेल्थकेयर की सालाना बिक्री 4200 करोड़ रुपये की है। यह डील पूरी होने पर इस बिजनेस से एचयूएल की आमदनी 10000 करोड़ रुपये से ज्यादा हो जाएगी। जीएसके के ब्रांड्स के वितरण में भी तीन गुना उछाल आएगा क्योंकि एचयूएल की पहुंच 82 लाख से ज्यादा रिटेल आउटलेट्स तक है।