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कोयला घोटाले (Coal scandal)में बतौर आरोपी पूर्व पीएम मनमोहन को समन

नई दिल्ली। कोल ब्लॉक आवंटन घोटाला(Coal scandal) मामले में एक विशेष अदालत ने अभियुक्त के रूप में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व कोयला सचिव पीसी पारेख और उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला समेत छह लोगों को समन जारी किया है। अदालत ने इन्हें आपराधिक षड्यंत्र रचने, विश्वास का उल्लंघन करने के लिए भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के प्रावधानों के तहत समन किया है। मनमोहन सिंह का कहा है कि वह जांच प्रक्रिया के लिए तैयार हैं। वहीं भाजपा नेता किरीट सोमैया का कहना है कि इस घोटाले के लिए जो कोई भी जिम्मेदार हो, उसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

कोर्ट द्वारा समन किए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए मनमोहन सिंह ने कहा, ‘मैं जांच प्रक्रिया में सहयोग करने के लिए हमेशा तैयार रहा हूं। निश्चित रूप से मुझे इससे परेशानी हुई है कि कोर्ट ने मुझे इस मामले में समन किया है, लेकिन कोई बात नहीं यह जीवन का एक हिस्सा है। मुझे यकीन है कि अब सच्चाई सामने आ जाएगी। इस मामले में अब मुझे तथ्यों के साथ अपना पक्ष रखने का मौका मिलेगा।’

मनमोहन सिंह के अलावा कोर्ट ने पीसी पारेख, कुमार मंगलम बिड़ला समेत छह लोगों को कोल ब्लॉक आवंटन मामले में तलब किया है। इन सभी को विशेष कोर्ट के सामने 8 अप्रैल को पेश होना है।

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता केटीएस तुलसी ने मनमोहन सिंह को समन किए जाने पर हैरानी जताई है। उन्होंने कहा, ‘कोल ब्लॉक आवंटन मामले में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के खिलाफ कोई सबूत नहीं है। इसलिए मुझे हैरानी हो रही है कि उन्हें समन किया गया है।’

पूर्व प्रधानमंत्री को समन किए जाने पर भाजपा नेता किरीट सोमैया ने कहा, ‘कोल ब्लॉक आवंटन में हुए घोटाले की जांच अदालत की पैनी नजरों के तहत होनी चाहिए। इस घोटाले के लिए जो कोई भी जिम्मेदार हो, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।’

वहीं कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि यह समझने की जरूरत है कि सुप्रीम कोर्ट ने कोल ब्लॉक आवंटन मामले में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की बिल्कुल भी आलोचना नहीं की है। इस मामले में पूर्व प्रधानमंत्री और पूर्व सरकार ने अत्यंत पारदर्शिता बरती है, जांच में पूरा सहयोग किया है। कांग्रेस नेता व्यालार रवि का कहना है कि अगर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को समन किया जा सकता है, तो कह नहीं सकते कि देश में क्या होने वाला है।

उधर जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव ने कहा कि कानून अपना काम करेगा, यह कोई बड़ी बात नहीं है। हालांकि इसमें कोई दो राय नहीं कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ईमानदार शख्स थे, लेकिन जब ये घोटाला हुआ तो वह प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठे थे।

भाजपा नेता प्रकाश जावड़ेकर कोल ब्लॉक आवंटन में हुई गड़बड़ी को कांग्रेस का घोटाला मानते हैं। उन्होंने कहा, ‘यह कांग्रेस का घोटाला है। आज मनमोहन सिंह की इस स्थिति के लिए कांग्रेस पार्टी जिम्मेदार है। यह बहुत बड़ा पाप है। यह कांग्रेस की काली करतूत है, जिसका खामियाजा मनमोहन सिंह को उठाना पड़ रहा है। मुझे पूरा यकीन है कि कांग्रेस की सहयोगी पार्टियां इसके बाद अपने रुख पर पुनर्विचार करेंगी।’

बता दें कि जब हिंडाल्को कोल ब्लॉक का आवंटन हुआ, तब मनमोहन सिंह ने कोयला मंत्री का कार्यभार संभाला हुआ था। उस समय कुमार मंगलम बिड़ला ने प्रधानमंत्री को खत लिखकर दो कोयला खदान आवंटित करने का अनुरोध किया था। इसलिए मनमोहन सिंह से पूछताछ कर मामले की कई कड़ी सामने आ सकती हैं। इसलिए पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को फटकार लगाई थी, कि उसने कोल आवंटन के मसले पर मनमोहन सिंह से पूछताछ क्यों नही की? सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख के बाद सीबीआई ने पूर्व पीएम से पूछताछ की थी।

पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि हाल के दिनों में जिस तरह 1.10 लाख करोड़ रुपये में सिर्फ 19 कोयला खदानों की नीलामी हुई है, उससे कैग की रिपोर्ट सच साबित हो गई है। संप्रग सरकार के समय किए गए कोयला खदान आवंटन में कैग ने 1.86 लाख करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया था।

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