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चुनाव में गंूजा किस्सा एक वोट का एक वोट से कांग्रेस हारी, एक वोट से जीती साइकिल

गाजियाबाद (करंट क्राइम)। चुनाव में एक-एक वोट का महत्व होता है और जब वोट ही गिनती के हों तब एक वोट का अलग ही महत्व होता है। एक वोट का कमाल जीडीए बोर्ड चुनाव में देखने को मिला। यहां एक वोट से साइकिल चुनाव जीत गई और एक वोट से कांग्रेस चुनाव हार गई। इस एक वोट का किस्सा नगर निगम में गंूजता रहा। यह एक वोट किसका था,इसको लेकर संशय रहा। दरअसल मतदान के दौरान एक वोट ऐसा डाला गया जो किसी का नहीं था। वोट डालने वाले ने मतदान के अंतिम क्षणों में यह वोट डाला और सेमी नोटा वाला सोटा किसी को हराने के लिए दे मारा। मतदान की इस वोट पर किसी का न पक्ष था और न विपक्ष था। यह वोट पड़ा जरूर लेकिन यह खाली पर्चा था। इसलिए यह वोट किसी को नहीं मिला। इस एक वोट का किस्सा नगर निगम में गंूजता रहा। यहां तक की नगरायुक्त सीपी सिंह ने भी अपने संबोधन में इस एक वोट का जिक्र किया। जब नगरायुक्त इस एक वोट पर फोकस कर रहे थे तब सदन भी जानता था कि इस एक वोट पर नगरायुक्त का फोकस क्यों है। करंट क्राइम ने इस ‘एक वोट’ की चोट करने वाले पार्षद को तलाश ही लिया। करंट क्राइम ने जब एक वोट और वह भी खाली वाले पार्षद से बात की और एक वोट और वह भी खाली का राज जानना चाहा तो एक वोट वाले पार्षद ने मुस्कुराकर जवाब दिया कि साहब और क्या करते जब पार्टी ने ही ऐसा माहौल बना दिया था। अब जो हारे हैं,उनके लिए भी यह एक वोट कमाल कर सकता था। एक वोट खाली न होकर भरा होता तो बोर्ड का दरवाजा उसके लिए खुल सकता था,जो जीडीए बोर्ड में एक वोट के चलते जाने से रह गए और एक वोट यदि दूसरे दल को मिलता तो उनकी जीत में एक वोट का इजाफा हो जाता। एक वोट वाले पार्षद का किस्सा नगर निगम में जीडीए बोर्ड चुनाव के नतीजे घोषित हो जाने के बाद भी गंूजता रहा।

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