बज गई सुल्लामल रामलीला की चुनावी रणभेरी अब शुरू होगी रामलीला की असली महाभारत

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गाजियाबाद (करंट क्राइम)। श्री सुल्लामल रामलीला कमेटी की चुनावी रणभेरी बज गई है। चुनाव का ऐलान अब विधिवत रूप से डिप्टी रजिस्ट्रार के आदेशों के बाद हुआ है। बुधवार को रामलीला कमेटी के चुनाव अधिकारी बनाये गये पूर्व पार्षद सतीश चोपड़ा और पूर्व पार्षद सुनील गुप्ता ने विधिवत रूप से प्रेस वार्ता कर चुनावी कार्यक्रम की जानकारी दी। गौरतलब है कि इससे पहले 15 जुलाई को रामलीला कमेटी की बैठक में हंगामा हुआ था और उसके बाद कमेटी के अध्यक्ष अजय बंसल और महामंत्री वीनू बाबा ने कमेटी भंग की घोषणा करते हुए चुनाव का ऐलान कर दिया था। चुनाव अधिकारी सतीश चोपड़ा व सुनील गुप्ता को बनाया गया था। इसी बीच कमेटी के पूर्व संरक्षक वीरो बाबा ने नये बनाये गये संरक्षक व आजीवन सदस्यों को लेकर डिप्टी रजिस्ट्रार के यहां याचिका दाखिल की। इसके बाद चुनाव की तैयारी भी हुई और नामांकन पत्र भी दाखिल हुए लेकिन ऐन टाइम पर एक आदेश के बाद मतदान की पूर्व संध्या पर ही चुनाव स्थगित हो गया और रात मेें ही नोटिस लगाया गया। इसके बाद डिप्टी रजिस्ट्रार ने वीरो बाबा की याचिका पर सुनवाई करते हुए नये बनाये गये संरक्षक व आजीवन सदस्यों की सदस्यता समाप्त करते हुए पुराने मेंबरों 330 की संख्या पर ही चुनाव कराने के निर्देश दिये।
14 सितंबर को होगा रामलीला का चुनाव
चुनाव अधिकारी सतीश चोपड़ा और सुनील गुप्ता ने बताया कि रामलीला कमेटी का चुनाव 14 सितंबर को होगा। चुनाव सात पदों के लिये होगा। जिसमें अध्यक्ष, महामंत्री,वरिष्ठ व कनिष्ठ उपाध्यक्ष के अलावा महामंत्री, मंत्री,कोषाध्यक्ष और लेखा फरिकाक के पद हैं। नामांकन पत्र जारी करने के लिये 4 और 5 सितंबर की तारीख तय है। नामांकन पत्र 6 सितंबर को सुबह दस बजे से दोपहर 3 बजे तक जमा होंगे। नाम वापसी सात सितंबर को हो सकती है तथा नामांकन पत्रों की जांच 8 सितंबर को होगी। 14 सितंबर को चुनाव होगा। मतदान में केवल वही सदस्य भाग लेंगे जिनके नाम अंतिम 330 वाली मतदाता सूची में शामिल होंगे।
एक रथ पर पूर्व सांसद तो दूसरे पर सवार हैं विधायक
सुल्लामल रामलीला कमेटी का चुनाव भले ही रामलीला को लेकर है लेकिन सीन महाभारत का ही है। एक गुट जहां पूर्व सांसद सुरेंद्र प्रकाश गोयल का करीबी माना जाता है तो दूसरा गुट शहर विधायक अतुल गर्ग का खास माना जाता है। हालांकि पूर्व सांसद और शहर विधायक इस रण में खुलकर नहीं हैं लेकिन दोनों ही सीन में हैं। अतुल गर्ग ने वीरो बाबा की शिकायत पर डिप्टी रजिस्ट्रार को पत्र लिखा तो सुरेंद्र गोयल यहां निर्माणाधीन हनुमान मूर्ति को रोकने पर धरने पर बैठने की घोषणा कर चुके हैं। शहर में चर्चा है कि इस महाभारत में एक गुट के रथ पर पूर्व सांसद सुरेंद्र प्रकाश गोयल सवार हैं तो दूसरे गुट के रथ पर शहर विधायक अतुल गर्ग सवार हैं। यह चुनाव इन दोनों ही दिग्गजों के लिये भी प्रतिष्ठा का सवाल है। इस महाभारत में कार्यवाहक महामंत्री वीनू बाबा और पूर्व महामंत्री बंटी गोयल के बीच भी मुकाबला रहेगा। इन दोनों के लिये भी यह चुनाव अब प्रतिष्ठा का बड़ा सवाल है।
किसके तीर से मरेगा इस बार सुल्लामल का दशानन

सौ साल पुरानी कमेटी का चुनाव पल-पल नाटकीय मोड़ से गुजरा है। अब जब नये मतदाता वोटिंग रण से बाहर हो गये हैं तो पुराने योद्धा किसके पक्ष में जायेेंगे यह देखना रोचक रहेगा। वहीं इस मतदान का जनादेश ही तय करेगा कि इस बार सुल्लामल रामलीला में दशानन किसके तीर से दहन होगा। पिछले साल अतुल गर्ग ने यहां से दशानन को तीर तो मारा लेकिन मंच से जो तीर उन्होंने छोड़ा उसकी पीर कई दिन तक दूसरे खेमें में रही थी। उन्होंने मंच से कह दिया था कि यदि सुरेंद्र गोयल का आशीर्वाद नहीं मिलता तो मैं चुनाव नहीं जीतता। अब यदि गोयल खेमा जीता तो फिर दशानन की नाभि में अतुल का तीर नहीं लगेगा। लेकिन यदि अतुल गर्ग खेमा जीता तो फिर तीर उन्हीं का लगेगा और तीर कमान संभालने में उनकी मदद के लिये राजेंद्र मित्तल पीछे खड़े दिखाई देंगे।