चंदा कोचर से जुड़े दस्तावेज भूकंप में नष्ट हो गए: ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड

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मुंबई (ईएमएस)। टैक्स चोरी के आरोप में आईसीआईसीआई बैंक की पू्र्व मुख्य एग्जिक्यूटिव चंदा कोचर के पति दीपक कोचर की हरकतों की जांच कर रहे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को हाल में ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड से यह सूचना मिली कि उसने जिन अकाउंट्स के बारे में जानकारी मांगी थी, वह साझा नहीं की जा सकती क्योंकि वह तो हाल में आए भूकंप में नष्ट हो गई। टैक्स विभाग ने मॉरीशस, सिंगापुर और बीवीआई को लेटर रोगेटरी भेजे थे। सूत्रों ने यह भी बताया कि सिंगापुर ने सवालों के जवाब दिए हैं, वहीं मॉरीशस से उत्तर की प्रतीक्षा की जा रही है।
इस घटनाक्रम से करीब एक पखवाड़ा पहले कोचर दंपती और वीडियोकॉन के चेयरमैन वेणुगोपाल धूत की जांच करने वाले एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट ने बैंक से वीडियोकॉन ग्रुप को मंजूर किए गए कर्ज से जुड़ी जानकारी मांगी थी। ईडी मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच कर रहा है। ईडी ने पहली बार इस लोन, इस मंजूर करने वाली कमिटी और मंजूरी देने में अपनाई गई प्रक्रिया के बारे में बैंक से जानकारी मांगी है। मामले से वाकिफ एक अधिकारी ने बताया, दीपक कोचर की कंपनी न्यूपावर रिन्यूएबल प्राइवेट लिमिटेड से पैसा कई विदेशी खातों में भेजा गया था। इस पैसे को भेजे जाने के मकसद की पड़ताल के लिए तीन देशों को पत्र दिए थे। बीवीआई ने जवाब में कहा कि उनके यहां प्राकृतिक आपदा आ गई, जिसमें सभी दस्तावेज और स्टोरेज डिवाइसेज नष्ट हो गए, लिहाजा हमने जिन अकाउंट्स के बारे में जानकारी मांगी थी, वह नहीं दी जा सकती। अधिकारी ने कहा, हालांकि यह पहला मौका नहीं है जब बीवीआई ने जानकारी न देने के लिए भूकंप का हवाला दिया है। पहले भी उन्होंने यही या इसी तरह के कारण बताकर जानकारी नहीं दी थी।’
अधिकारी ने कहा,सिंगापुर ने जो जानकारी दी है, उससे आगे बढ़ने का रास्ता बना है। हम मॉरीशस से जवाब का भी इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उम्मीद तो नहीं है कि वे हमें जानकारी दे। टैक्स विभाग ने अपनी जांच में कथित तौर पर पाया है कि कोचर दंपती ने साउथ मुंबई वाला अपना घर मार्केट रेट से कम पर खरीदा था। अधिकारी ने कहा, ‘हमारी जांच इस नतीजे पर पहुंची है कि साउथ मुंबई के सीसीआई चैंबर्स वाला फ्लैट विडियोकॉन से जुड़ी कंपनियों के जरिए कई संदिग्ध ट्रांजैक्शंस के जरिए खरीदा गया है।’ ईडी भी इन तीन देशों को लेटर भेजने की तैयारी में है। सूत्रों ने बताया कि ईडी को भी हालांकि बीवीआई और मॉरीशस से जानकारी मिलने की उम्मीद नहीं है। अधिकारी ने बताया, ये देश टैक्स हेवेन हैं। वे जानकारी साझा नहीं करते। हमें एनआरएल से जुड़े विदेशी खातों की डीटेल्स चाहिए ताकि मनी ट्रेल का पता चल सके, साथ ही स्रोत और रिसीवर का संबंध स्थापित किया जा सके।’