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ग़ाजियाबाद दिल्ली एन.सी.आर

डीएम ने ब्लॉक की अधिकारियों की सेलरी

गाजियाबाद। जिलाधिकारी निधि केसरवानी ने लेट-लतीफ एवं जिम्मेदारियों से बचने वाले अधिकारियों पर नकेल कसने के लिए कड़ा रूख अपना लिया है। अपने कर्तव्यों को ठीक तरह से न निभाने वाले प्रशासनिक अधिकारी अब जिलाधिकारी के अगले आदेश के बिना बैंकों से अपना वेतन नहीं निकल पाएंगे। दरअसल जिलाधिकारी ने अन्य अधिकारियों के खिलाफ आक्रमक रूख इसलिए अपनाया है क्योंकि समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली, उत्तर प्रदेश सरकार पोर्टल पर की गई शिकायतों पर निस्तारण में अधिकतर प्रशासनिक अफसर गैर जिम्मेदाराना रूख अपना रहे हैं। जिसके चलते पोर्टल पर शिकायतों का अंबार लगा है, जबकि अधिकारियों की संबंधित शिकायतों के संबंध में कोई जांच रिपोर्ट या निस्तारण पोर्टल पर दर्ज नहीं है।
इस समस्या को लेकर जिलाधिकारी निधि केसरवानी ने सभी प्रशासनिक अफसरों को सख्त दिशा-निर्देश दिए थे। लेकिन कुछ लापरवाह अफसरों ने दिशा-निर्देशों पर कोई खास तवज्जों नहीं दी, जिसके चलते आॅनलाइन शिकायत पोर्टल की गई शिकायतों की संख्या में इजाफा होता रहा, साथ ही निस्तारण न होने के चलते शिकायतों में कमी भी नहीं आई।
इस संबंध में जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद के सभी एडीएम, एसडीएम, नगर निगम के अफसर, चिकित्सा विभाग के सभी अफसर एवं अन्य विभागों के अधिकारी पहले पोर्टल पर अपनी स्थिति क्लीयर करें। यानी उनके विभागों से संबंधित शिकायतों में निस्तारण या जांच की रिपोर्ट पोर्टल पर दर्ज होनी चाहिए, ऐसी स्थिति में ही वह अपने बैंक खातों से वेतन निकाल सकेंगे। पहले वह अपने विभाग की शिकायतों और उनके निराकरण एवं जांच का ब्यौरा जिलाधिकारी कार्यालय में जमा करेंगे, उसके बाद ही वेतन पर रोक संबंधी आदेश हटाए जाएंगे।
गौरतलब है कि प्रभावी शिकायत प्रबंधन, निवारण और निगरानी के लिए एक एकीकृत कम्प्यूटरीकरण प्रणाली, जन सुनवाई का विकास गया था, जिसके माध्यम से विभिन्न विभागों में चल रही शिकायत प्रबंधन प्रणालियों को एक प्लेटफॉर्म पर समाहित किया गया, जिससे नागरिकों व विभागों के बीच आसानी तथा पारदर्शी रूप से संवाद कायम हो सके। जनता 24 घंटे इस पोर्टल पर शिकायते दर्ज करा सकती है। शिकायतों से सम्बंधित विभागों के अधिकारियों को निस्तारण एवं जांच की रिपोर्ट पोर्टल पर दर्ज करानी होती है। उक्त प्रणाली में प्रथम चरण में मुख्यमंत्री कार्यालय, जिलाधिकारी कार्यालय (जन सुनवाई ), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, तहसील दिवस, भारत सरकार(पीजी पोर्टल), जनसुविधा, लोकवाणी केंद्र आदि माध्यमों से प्राप्त कर एकीकृत किया जाता है।

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