स्मार्ट सिटी के लिए 5 साल में तैयार होगा सभी शहरों का डाटाबेस

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नई दिल्ली (ईएमएस)। देश के स्मार्ट सिटी मिशन के काम में तेजी आ रही है। पांच साल में मिशन के तहत सभी शहरों की यथासंभव सभी प्रकार की जानकारियों का डाटाबेस तैयार किया जाएगा। परियोजना के तहत चुने गए सभी 100 शहरों में चल रही विभिन्न परियोजनाओं का 16 फीसदी काम भी इस साल के आखिर तक पूरा कर लिया जाएगा। मिशन के 24 शहर जिनमें कमांड एंड कंट्रोल सेंटर कार्यरत हो चुके हैं, वहां से सुगम यातायात, जलभराव, सीवर, स्वास्थ्य एवं महिला सुरक्षा सहित सभी प्रकार की नागरिक सुविधाओं से जुड़े तथ्यों और आंकड़ों को जुटाया जा रहा है। इनके विश्लेषण के आधार इन शहरों में चल रहे स्मार्ट सिटी मिशन के कामों की साप्ताहिक समीक्षा की जा रही है। शहरी विकास सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा का कहना है कि आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से शहरी जीवन को आसान बनाने के लिए शुरू किए गए स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत देश के सभी शहरों की यथासंभव सभी प्रकार की जानकारियों का डाटाबेस अगले 5 साल में बनाने का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने कहा कि सभी शहरों से सरकारी और गैरसरकारी स्रोतों सहित अन्य दूसरे माध्यमों के जरिए जुटाए जा रहे आंकड़ों को मंत्रालय के दिल्ली स्थित मुख्यालय से संचालित इंडिया अर्बन ऑब्जर्वेटरी में एकत्र किया जा रहा है।
– शहरों से जुटाए जा रहे आंकड़े
2017 से शुरू हुआ काम मिशन की अब तक की प्रगति के बारे में कुमार ने बताया कि जून 2015 में परियोजना के लिए शहरों का चयन शुरु होने के बाद जनवरी 2017 से चयनित शहरों में काम शुरू हुआ। इस साल के अंत तक सभी चयनित शहरों में परियोजना के अंतर्गत 16 प्रतिशत काम पूरा हो जाएगा। मूलभूत परियोजनाएं पूरी होने के बाद अब समग्र परियोजना की गति में तेजी आएगी। 4,000 शहरों-निकायों का डाटाबेस मिशन के परियोजना निदेशक कुणाल कुमार ने बताया कि 2022 तक 400 शहरों और 2024 तक सभी 4000 शहर का डाटाबेस तैया हो जाएगा। अब तक जुटाए गए डाटाबेस के आधार पर विभिन्न शहरों के लिए स्वच्छता, सुरक्षा, यातायात सहित अन्य नागरिक सुविधाओं के लिए अलग वेबसाइट या एप के माध्यम से लोगों से जानकारी का आदान-प्रदान करने के लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। इसके अंतर्गत स्वच्छ काशी पोर्टल तैयार किया गया है। इस पर स्थानीय लोग स्वच्छता अभियान से जुड़ी जानकारियां साझा करते हैं।