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ग़ाजियाबाद

जानकारी का करंट (03/04/2021)

क्या होता है मालखाना

पुलिस महकमे में प्रत्येक थाने, रिपोर्टिंग चौकी और पुलिस लाइनों में माल खाना होता है। जहां पर पुलिस द्वारा बरामद की गई सामग्री को जमा किया जाता है। इसमें जब्त की गई और किसी केस से संबंधित नगदी, सामान और दस्तावेजों को रखा जाता है। इनको सालों तक सहेज के रखा जाता है।जब तक मामले की पूरी सुनवाई का फैसला नहीं आ जाता है, तब तक केस से संबंधित सभी चीजों को सुरक्षित रखा जाता है। कई बार न्यायालय भी थानों के माल लखाने की स्थिति के बारे में जानकारी हासिल कर लेती है। आम भाषा में समझा जाए तो मालखाने के अंदर अपराधियों से जब्त सामान किसी भी अपराध में संलिप्त वस्तुएं और पुलिस द्वारा एकत्रित किए गए वह सबूत होते हैं जो किसी केस की जांच और सुनवाई में मददगार साबित होते हैं। पुलिस आरोपियों से जो सामान बरामद करती है उसको यहीं रख दिया जाता है। बकायदा उस पर उसका नंबर केस, मुकदमे से संबंधित सूक्ष्मा विवरण और साल अंकित रहता है ताकि जब मामले की सुनवाई कोर्ट में हो तो उसको दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत किया जा सके। यह सभी सामान थाने और प्रमुख माल खाने में रखा जाता है। इसकी देखरेख के लिए बकायदा माल खाने में पुलिसकर्मियों की तैनाती रहती है। जिसे अमूमन मुंशी कहा जाता है, पुलिस महकमे में माल खाने का प्रभारी भी एक अहम रोल अदा करने वाला व्यक्ति होता है। समय-समय पर पुलिस महकमे में इन मालखानों का निरीक्षण व जांच भी कराई जाती है।
-: युद्धवीर सिंह, पूर्व निरीक्षक उत्तर प्रदेश पुलिस

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