सीटी स्कैन, एक्स-रे मशीन कीमत नियंत्रण के दायरे में

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नई दिल्ली (ईएमएस) | आने वाले समय में सीटी स्कैन, एमआरआई, एक्स-रे मशीन और डायलिसिस मशीन समेत आठ प्रकार के मेडिकल उपकरण मूल्य नियंत्रण के दायरे में आ सकते हैं। दरअसल, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय इन मशीनों को ड्रग एंड कॉस्मेटिक ऐक्ट में शामिल करने जा रहा है। इस कदम के बाद नेशनल फार्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (एनपीपीए) को इन दवाओं के मूल्य तय करने का अधिकार मिल जाएगा। दवा नियामक सेंट्रल ड्रग स्टैनडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन ने पिछले साल ही सरकार से इन उपकरणों को ड्रग एंड कास्मेटिक ऐक्ट के दायरे में लाने की सिफारिश की थी। दवाओं के मामले में निर्णय लेने वाली सर्वोच्च संस्था ड्रग टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड ने पिछले साल हुई अपनी बैठक में कई चिकित्सा उपकरणों को ड्रग का दर्जा देने को लेकर अपनी सहमति दी थी। इसके बाद पिछले महीने ही सरकार ने चार मेडिकल उपकरणों का मूल्य तय कर दिया था। सूत्रों के मुताबिक, एक अधिसूचना जारी करके एमआरआई उपकरण, सीटी स्कैन उपकरण, सभी प्रकार के इम्प्लांट करने वाले उपकरण, एक्स-रे मशीन, बोन मैरो कोशिका विभाजक, पीईटी उपकरण, डायलिसिस मशीन और डिफिब्रिलेटर को ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के दायरे में लाया जाएगा। अधिसूचना का मसौदा तैयार है। जल्द ही इसे भारत के राजपत्र में प्रकाशित कर दिया जाएगा।