देश बेरोजगारी विस्फोट के कगार पर

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हाल ही में उत्तर प्रदेश में लेखपाल के पद पर परीक्षाएं हुई हैं। यह परीक्षा 13600 पदों के लिए हुई। (ghaziabad hindi news) जिसमें आवेदन करने वालों की संख्या 27 लाख के करीब रही। अगर इसका अनुपात निकालें तो एक पद को पाने के लिए दो सौ बेरोजगारों ने आवेदन किया। अब इस बात से सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि हमारा देश बेरोजगारी के बहुत बड़े दौर से गुजर रहा है, जिसमें पढ़े लिखे बेरोजगारों की संख्या सबसे ज्यादा बताई जा रही है। हाल ही में जो लेखपाल भर्ती की परीक्षाएं हुई हैं, उसमें एमबीए, बीबीए, बीसीए, बीटैक, पीएचडी, इंजीनियरिंग सहित उच्च शिक्षा ग्रहण करने वाले परीक्षार्थी अपना भविष्य निखारने के लिए बैठे हैं। सवाल यही है कि हमारे देश की युवा पीढ़ी के लिए जहां शिक्षा की तो आपार संभावनाएं हैं, वहां पर रोजगार के अवसर लगातार नगण्य होते जा रहे हैं। जब एक पद पर नौकरी पाने वाले युवाओं की संख्या दो सौ होगी, तो बाकी 199 आवेदकों का क्या होगा वह कहां जायेंगे, यह अपने आपमें यक्ष प्रश्न है। हम इस परीक्षा के माध्यम से ही अंदाजा लगा सकते हैं कि देश बेरोजगारी विस्फोट की कगार पर है। युवाओं को अपना मन चाहा कोर्स करने के बाद भी नौकरियां नहीं मिल रही हैं। बच्चों की शिक्षा पर लाखों रुपये स्वाह करने वाले मां बाप चिंतित हैं कि रोजगार के अभाव में घर में बैठा उनका बच्चा कोई गलत कदम ना उठा ले। मां बाप जिस बच्चे के सहारे खुद का भविष्य सुरक्षित मान रहे हैं, वह मां बाप अब असमन्जस में हैं। बेरोजगारी का आलम इतना बढ़ चुका है कि जब कोई सड़क पर चैन स्नैचिंग की वारदात होती है तो उसका खुलासा बाद में यह होता है कि वारदात में शामिल युवाओं ने एमबीए, बीटैक या अन्य कोई बड़ा कोर्स किया हुआ है। यह वारदात असहज रूप से नहीं ली जानी चाहिए। बेरोजगारी युवाओं को अपराध करने की ओर आर्कषित कर रही है। रोजगार के अवसर नहीं होने की वजह से अच्छे से अच्छे शिक्षित युवा को पांच पांच हजार रुपये के वेतन पर गुजारा करना पड़ रहा है। यह स्थितियां काफी गंभीर हैं और जो आगे ओर भी विस्फोटक होंगी। केंद्र सरकार तमाम वायदों के बावजूद रोजगार के अवसर सजृत नहीं कर पाई है, ना इस ओर कोई ध्यान दिया जा रहा है। जल्द ही बेरोजगारी दूर करने को लेकर कोई ठोस नीति नहीं बनी तो इसका खामियाजा समाज को भुगतना होगा। गुनाहगार कौन है, या होगा, यह आंकलन किया जाना जरूरी है, क्योंकि देश का युवा देश की रीढ़ होता है, और रीढ़ कमजोर हो जाये, तो शरीर काम करना बंद कर देता है। -धन्यवाद! मनोज गुप्ता