पंजाब में देशी शराब का कोटा 10 प्रतिशत बढ़कर 6.36 करोड़ लीटर हुआ

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चंडीगढ़ (ईएमएस)। पंजाब सरकार ने राज्य में शराब का कोटा 10 प्रतिशत तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। साथ ही पड़ोसी राज्यों से राज्य में तस्करी रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने को मंजूरी दी गई है। हालांकि, इससे राज्य में शराब के दाम बढ़ने की आशंका नहीं है। पंजाब सरकार ने 2019- 20 के लिए नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी है। नई नीति के तहत राज्य सरकार अगले वित्त वर्ष में आबकारी शुल्क के तौर पर 6,201 करोड़ रुपए मिलने की उम्मीद कर रही है, जबकि चालू वित्त वर्ष में उसे इससे 5,462 करोड़ रुपए मिलने का अनुमान है। राज्य सरकार ने इसके साथ ही राज्य में चलने वाली मधुशालाओं (बार) में शराब की बिक्री पर 13 प्रतिशत की दर से वैट और 10 प्रतिशत अधिभार लगाने का भी फैसला किया है। इससे राज्य सरकार को 20 करोड़ रुपए का राजस्व मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा बड़ी बोतलों में प्रत्येक लीटर शराब पर एक रुपए की बाटलिंग फीस भी लगाई जाएगी। इससे 30 करोड़ रुपए का राजस्व मिलने का अनुमान है। इस राशि से राज्य में शराब के व्यसन को छोड़ने के उपायों पर खर्च किया जाएगा। राज्य की नई आबकारी नीति में पंचतारा होटलों और ऊंची श्रेणी के होटलों को चौबीसों घंटे शराब घर चलाने की अनुमति दे दी गई है। हवाईअड्डों में भी मधुशालाए खोलने के बारे में निर्णय लिया गया है।
पंजाब सरकार के आबकारी और कराधान विभाग के अधिकारी ने बताया कि 2018- 19 की खपत को देखते हुए राज्य में देशी शराब का कोटा 10 प्रतिशत बढ़ाकर 5.78 करोड़ लीटर से बढ़ाकर 6.36 करोड़ लीटर कर दिया गया है। इसी प्रकार भारत निर्मित विदेशी शराब का कोटा छह प्रतिशत बढ़ाकर 2.62 करोड़ प्रूफ लीटर तथा बीयर का कोटा 2.57 करोड़ से बढ़ाकर तीन करोड बल्क लीटर कर दिया गया।