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18 जनवरी को होगा निगम कार्यकारिणी उपाध्यक्ष का ऐलान, कोर कमेटी से निकलेगा फाईनल वाला नाम

वरिष्ठ संवाददाता (करंट क्राइम)

गाजियाबाद। आखिरकार निगम में वो घड़ी आ गयी जब निगम कार्यकारिणी उपाध्यक्ष का चुनाव होगा। इससे पहले पूरा कार्यकाल निकल गया और निगम कार्यकारिणी चुनाव ही नहीं हुआ। इसके बाद जब चुनाव हुआ तो दो दावेदारों का गेम फिनिश हो गया। नये सदस्य कार्यकारिणी में आ गये और अब निगम कार्यकारिणी उपाध्यक्ष का चुनाव होना है। 18 जनवरी को निगम कार्यकारिणी उपाध्यक्ष का चुनाव होगा। खास बात ये है कि कोर कमेटी के बोर से निगम कार्यकारिणी उपाध्यक्ष का नाम फाईनल होगा।

वोट का रिमोट पूरी तरह से भाजपा के हाथ में

निगम कार्यकारिणी उपाध्यक्ष का चुनाव पूरी तरह से भाजपा के हाथ में है। निगम में भाजपा सरकार है। यहां 100 पार्षदों वाले सदन में भाजपा 57 पार्षद तो चुनाव जीतकर लाई थी। लगभग 10 पार्षद ऐसे हैं जिनका दिल बदल गया और वो अपना दल छोड़कर भाजपाई हो गये। बहरहाल डिप्टी मेयर वाले इस गेम में रिमोट पूरी तरह से भाजपा के हाथ में है। कार्यकारिणी में 12 सदस्य हैं और इन 12 वोटों में 8 वोट भाजपा के पास हैं। भाजपा के पास चार सदस्य पुराने हैं। जिनमें श्रीभगवान अग्रवाल, हेमलता शर्मा व दो अन्य सदस्य हैं। नये सदस्यों में मीनल रानी, यशपाल पहलवान, अभिषेक मोंटी सहित चार सदस्य हैं।

उपाध्यक्ष के लिए बधाई और मिठाई का सीन एडवांस

भाजपा को इस चुनाव में केवल नाम घोषित करना है। उसके उम्मीदवार का नाम घोषित होते ही उम्मीदें तो मिठाई लिए तैयार हैं। इधर पर्चा और उधर बधाई और मिठाई का सीन एडवांस में रेडी रहेगा। यहां केवल नाम तय होना है।

साहब की चलेगी या मेम साहब की चलेगी

निगम कार्यकारिणी उपाध्यक्ष के लिए कौन सा चेहरा आयेगा इसको लेकर भाजपा में चर्चा है। यहां पर साहब की चलेगी या मेम साहब की चलेगी इस पर सभी की निगाहें रहेंगी। कोर का बोर किस छोर से किसका नाम लेकर आयेगा। पहली वाली पारी में तो किसके प्यादें पिट गये थे ये सबको पता है। अब यहां पर पॉवर प्वार्इंट किसके हाथ में रहेगा ये देखना होगा। क्योंकि पिछले मैच में तो एक विधायक तो पांचवा खिलाड़ी उतारने को तैयार थे, वो तो बात बन नहीं पाई थी।

पुरानों को मौका या नया चेहरा मारेगा चौका

कार्यकारिणी उपाध्यक्ष चुनाव में चौके का सीन है। पुराने भी चार हैं और नये भी चार आये हैं। अब यहां नए को मौका मिलेगा या पुराने को चौका मारने का मौका मिलेगा ये देखना होगा। सूत्र बताते हैं कि यहां जनप्रतिनिधि चाहते हैं कि नये चेहरों को मौका मिले। इनमें मीनल रानी का नाम एक जनप्रतिनिधि की ओर से है। वहीं जैसे ही यशपाल का नाम आता है तो पूरी पहलवानी के साथ संगठन की ताकत दिखाई देती है। पुराने चेहरों में श्रीभगवान अग्रवाल का नाम है। अमित डबास, हरबीर प्रधान और सुरेन्द्र सैन के नाम हैं। सूत्र बताते हैं कि यहां संगठन चाहता है कि कार्यकारिणी उपाध्यक्ष में नये चेहरे को मौका मिले। संगठन नई थीम पर काम कर रहा है और यहां पर यशपाल पहलवान तीन फैक्टर के साथ हैं। वह हिण्डन पार से आते हैं। दलित कोरम को पूरा कर रहे हैं और नये चेहरे के रूप में आते हैं। वहीं पुराने चेहरों में श्रीभगवान अग्रवाल का भी नाम है। अमित डबास का नाम चल रहा है लेकिन उन्होंने अपनी दावेदारी को लेकर ना तो संगठन से सम्पर्क साधा है और ना ही किसी जनप्रतिनिधि से सम्पर्क किया है। अभिषेक मोंटी संगठन और जनप्रतिनिधि दोनों के टच में बताये जाते हैं। हेमलता शर्मा साईलेंट मोड में हैं।

जिसे समझें कमजोर वो ही ना बनें नेम आफ कोर

गेम कुछ इस तरीके से है कि यहां खिलाड़ी से ज्यादा खेल के बाहर वाले पॉवर गेम करेंगे। जनरली यहां बहुत कुछ होना है। चुनाव डिप्टी मेयर का है और मेयरली भी कुछ होगा। बताते हैं कि कुछ नाम कमजोर कड़ी माने जा रहे हैं, इनमें हरवीर प्रधान, सुरेन्द्र सैन हैं। लेकिन पालिटिक्स में कई बार कमजोर कड़ी का नाम भी बोर से आता है। ऐसा ना हो कि जिसे कमजोर मान रहे हैं बोर उसी के नाम को आगे ले आये।

कभी भी हो सकती है कोर की बैठक

ये वही चुनाव है जो कोर की बैठक के चलते लेट हो रहा है। संगठन ने कहा था चुनाव की तिथि मेयर तय करे और उम्मीदवार का नाम कोर घोषित करेगी। अब स्टोरी में ट्वीस्ट है और 18 को चुनाव होना है। यहां पर अब पांच दिन बाकी हैं। कभी भी कोर की बैठक हो सकती है। हालांकि गेम भाजपा के पास है तो ये भी हो सकता है कि कोर का नाम ही 17 जनवरी की शाम को आये।

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