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मुंबई में कंट्रोल में आ रहा कोरोना, केयर सेंटर के 76 हजार बेड हैं खाली

– मुंबई में अब सिर्फ 19 हजार 190  एक्टिव मरीज
मुंबई, (ईएमएस)। आखिरकार लंबे अरसे बाद मुंबई में अब कोरोना महामारी कंट्रोल में आ रहा है. लगातार एक्टिव मरीजों की संख्या कम होने और नए केसों में कमी आने से अब कोरोना केयर सेंटरों के बेड खाली होने लगे है. खबर है कि इस वक्त67 हजार बेड खाली हैं. दरअसल मुंबई में कोरोना को नियंत्रित करने के लिए दवा के रूप में जो विभिन्न उपाय योजनाएं मनपा ने की थी, वह कारगर साबित हुई है. दवा स्वरूप इन उपाय योजनाओं का असर अब नजर आने लगा है। यही वजह है कि कोरोना मरीजों के इलाज के लिए जो बेड आरक्षित किए गए थे, वह अब धीरे-धीरे खाली होने लगे हैं। मनपा द्वारा शुरू किए गए 403 कोरोना केयर सेंटर के कुल 73  हजार बेड में से 67574 बेड रिक्त हो गए हैं। इसलिए होटलों, स्कूलों, इमारतों में शुरू किए गए कोरोना स्वास्थ्य केंद्र अब बारी-बारी से बंद किए जा रहे हैं। हालांकि बीकेसी, गोरेगांव नेस्को, ‘एनएससीआई’ वरली, महालक्ष्मी, दहिसर, मुलुंड स्थित जंबो कोरोना हेल्थ सेंटर शुरू रहेंगे, ऐसी जानकारी अतिरिक्त मनपा आयुक्त सुरेश काकाणी ने दी। उन्होंने कहा कि कोरोना की रोकथाम के लिए मनपा द्वारा की गई उपाय योजनाओं के कारण 10 अगस्त तक करीब 18 हजार मरीजों के कोरोना मुक्त होकर घर लौटने के बाद अब सिर्फ 19 हजार 190 एक्टिव मरीज रह गए हैं। इनमें भी 80 फीसद से ज्यादा मरीजों के स्वास्थ्य में अच्छी सुधार आई है। मुंबई में मरीजों के ठीक होने का प्रमाण 74 प्रतिशत से ज्यादा होने के कारण मनपा द्वारा उपलब्ध कोरोना केयर सेंटर में बेड अब बड़े पैमाने पर रिक्त हो रहे हैं। इसलिए इन केंद्रों को बंद करके प्रभागों में 2-4 केंद्र शुरू किए जाएंगे। मरीजों की संख्या बढ़ी तो बंद किए गए स्वास्थ्य केंद्र दोबारा शुरू किए जा सकें, ऐसी व्यवस्था किए जाने की बात अतिरिक्त मनपा आयुक्त सुरेश काकाणी ने कही है।
– ये है स्थिति
बिना लक्षण वाले और मरीजों के क्लोज कॉन्टेक्ट के संदिग्ध मरीजों के लिए शुरू किए गए कोरोना केयर सेंटर-1 की संख्या 300 है, इनकी क्षमता 50 हजार बेड की है। लेकिन अब सिर्फ 4 हजार बेड पर ही संदिग्धों का इलाज हो रहा है। 46 बेड रिक्त पड़े हैं। कोरोना पॉजिटिव और लक्षण वाले मरीजों को क्वॉरंटीन करने के लिए 72 कोरोना केयर सेंटर-२ बनाए गए थे। इनकी क्षमता 23 हजार बेड है। इनमें से1424 बेड पर ही मरीजों का इलाज हो रहा है, शेष 21576 बेड रिक्त पड़े हुए हैं।

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