गाय, राम मंदिर और हिंदुत्व के मुद्दे पर कांग्रेस करेगी संघ पर सीधा हमला

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भोपाल (ईएमएस)। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेसका मुख्य फोकस इस बार गांव, गाय, नर्मदा, राम और हिंदुत्व पर होगा। कांग्रेस अपने वचन पत्र में चुनाव प्रचार के दौरान सॉफ्ट हिंदुत्व और संघ द्वारा लगभग 90 सालों से भावात्मक मुद्दे उभारकर जो राजनीति की जा रही है। उसका पर्दाफाश कर संघ और भाजपा को कड़ी चुनौती देने की रणनीति तैयार कर रही है। कांग्रेस संघ और भाजपा द्वारा भावात्मक मुद्दे पर जो ध्रुवीकरण पिछले लगभग 90 सालों से किया जा रहा है। उसका खुलासा करने के लिए व्यापक योजना तैयार कर रही है।
1926 से गाय की पूंछ पकड़कर राजनीति करने वाले संघ से मुकाबला करने के लिए इस बार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक गौशाला का निर्माण करने की घोषणा की है। वर्तमान भाजपा सरकार द्वारा गो अभ्यारण को फंड नहीं दिए जाने को कांग्रेस राजनीतिक मुद्दा बनाने जा रही है। गौशाला में गायों की हो रही मौतें तथा बेसहारा गायों का संरक्षण पिछले 15 सालों में भाजपा सरकार द्वारा नहीं किए जाने को भी कांग्रेस इस चुनाव में एक बहुत बड़ा मुद्दा बनाएगी।
कांग्रेस नर्मदा संरक्षण का मुद्दा वचन पत्र में शामिल करके भाजपा सरकार के पिछले 15 सालों की कथनी-करनी को उजागर करने का काम करेगी। इसके साथ ही कांग्रेस राम वन गमन यात्रा को बनाने का वचन देकर इस मामले में भी भाजपा सरकार को घेरने का काम करेंगे।
केंद्र में और राज्यों में भाजपा की सरकार होने के बाद भी 1989 से राम मंदिर निर्माण को लेकर संघ के अनुवांशिक संगठन और भारतीय जनता पार्टी द्वारा 30 सालों से मतदाताओं को भवात्मक रुप में ब्लैकमेल किया जा रहा है। उस पर भी कांग्रेस आक्रामक ढंग से जवाब देने की मुद्रा में आ गई है। केंद्र एवं राज्यों में पूर्ण बहुमत की सरकार होने के बाद भी राम मंदिर निर्माण, धारा 370 और एक समान कानून को लेकर कांग्रेस संघ और भाजपा पर तीखे हमले करेगी। कांग्रेस ने हर गांव में एक कुआं एक श्मशान और एक मंदिर को भी अपने वचन पत्र में शामिल करने जा रही है। ताकि बिना किसी भेदभाव के ग्रामीण सद्भाव को कायम किया जा सके।
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांगरेस द्वारा जो आक्रमक रणनीति तैयार की जा रही है। वह लोकसभा चुनाव में देश भर में अपनाई जाएगी इसको लेकर भी अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेताओं में गंभीर मंथन हो रहा है। जिसके कारण मध्यप्रदेश का विधानसभा चुनाव कई मायने में कांग्रेस और भाजपा के लिए बड़ा महत्वपूर्ण होगा।