यूपी में सपा-बसपा की दोस्ती से कांग्रेस ने बनाई नई रणनीति

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लखनऊ (ईएमएस)। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर यूपी में सपा-बसपा की दोस्ती से कांग्रेस सतर्क हो गई है और उसने नई रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी 37-37 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ सकती हैं। फिलहाल दोनों ही दल रायबरेली और अमेठी को छोड़कर कोई और सीट कांग्रेस को देने के लिए तैयार नहीं नजर आ रहे हैं। यूपी में मात्र 2 सीटें मिलने की स्थिति में कांग्रेस पार्टी ने राज्‍य के लिए प्‍लान बी तैयार कर लिया है।
कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि पार्टी ने इस स्थिति से निपटने के लिए वर्ष 2014 में जिस तरह की योजना पंजाब के लिए बनाई थी, कुछ उसी तरह की रणनीति वह यूपी के लिए बना रही है। इसके तहत पार्टी के शीर्ष नेता चुनावी मैदान में उतरेंगे। हाल ही में हुई पार्टी की बैठक में कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेताओं ने पार्टी के कद्दावर नेताओं सलमान खुर्शीद, जितिन प्रसाद, आरपीएन सिंह, श्रीप्रकाश जायसवाल और यूपी में पार्टी के अध्‍यक्ष राज बब्‍बर को उनकी पुरानी सीटों पर टिकट देने पर विचार किया। पार्टी सूत्रों ने बताया कि इन नेताओं ने अपने लोकसभा क्षेत्रों में गन्‍ना किसानों का बकाया, आलू किसानों की बदहाली जैसे मुद्दे उठाना भी शुरू कर दिया है। ज्ञात हो कि कांग्रेस पार्टी ने वर्ष 2009 में यूपी में 21 सीटें जीती थीं लेकिन वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में उसे मात्र 2 सीटों से ही संतोष करना पड़ा था। उन्‍होंने बताया कि राज्‍यसभा सांसद और कांग्रेस पार्टी का दलित चेहरा कहे जाने वाले पीएल पुनिया ने अपना लखनऊ का दौरा तेज कर दिया है।
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की जीत के रणनीतिकार रहे पुनिया ने प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के नेता शिवपाल यादव से भी बंद कमरे में बातचीत शुरू कर दी है। करीब दो महीने पहले नई पार्टी बनाने वाले शिवपाल यादव के साथ समाजवादी पार्टी के कई दिग्‍गज नेता आ गए हैं। बताया जा रहा है कि शिवपाल खेमे में 50 पूर्व विधायक, एमएलसी, एमपी शामिल हैं। शिवपाल दावा कर रहे हैं कि वह यूपी में अब एक बड़ी ताकत हैं। कांग्रेस के एक वरिष्‍ठ नेता ने कहा, इससे सीटों के बंटवारे के समय हमारा भार कम होगा। हम अपने दिग्‍गज नेताओं पर दांव लगाएंगे, वहीं अन्‍य सीटों पर शिवपाल के उम्‍मीदवार जोर लगाएंगे। ऐसी भी चर्चा है कि एसपी के विद्रोही नेता अमर मणि त्रिपाठी और विजय यादव इस गठबंधन के साथ आ सकते हैं। कांग्रेस ने इमरान मसूद को पश्चिमी यूपी के दलित बहुल जिलों में पार्टी की साख बढ़ाने का जिम्‍मा सौंपा है। कांग्रेस को उम्‍मीद है कि उसके इस काम में भीम आर्मी के नेता चंद्रशेखर आजाद भी साथ देंगे। आजाद को कुछ समय पहले ही जेल से रिहा किया गया है। आजाद ने अभी चुनाव लड़ने के प्रति अनिच्‍छा जताई है लेकिन वह देशभर के दलितों को एकजुट करने में लगे हैं।