Current Crime
दिल्ली एन.सी.आर देश

एक और मेडिकल स्टोर कर्मी के साथ अन्य प्रदेश से लौटी एक ग्रामीण महिला की कोरोना संक्रमित होने की हुई पुष्टि स्वास्थ्य

विभाग ने एहतियात के तौर पर परिजनों के साथ 30 ग्रामीणों के लिए ब्लड एक दिन
ललितपुर जनपद में अब कोरोना वायरस से पहले वाला संक्रमण का दायरा तेजी से बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को जनपद में एक साथ 11 नए मामले आए थे और शनिवार को जनपद में दो नए मामले आए हैं। जबकि स्वास्थ विभाग ने जनपद में बढ़ रहे कोरोना मरीजों पर गहरी चिंता जाहिर की है। तो वहीं मण्डलायुक्त ने भी जनपद के चिकित्सालयों का दौरा कर महामारी से निपटने के लिए आवाश्यक दिशा निर्देश दिए है। जनपद में 4 दिन पूर्व एक्टिव केसों की संख्या 13 थी लेकिन 4 दिन बाद मामले तेजी से बढ़ने के बाद आप एक्टिव केसों की संख्या 42 तक पहुंच गई है जो एक चिंतनीय विषय है। विगत दिवस 10 जुलाई को एक ही दिन में एक साथ 11 केस सामने आए है । शुक्रवार को जनपद में कुल मिलाकर 11 मामले सामने आए थे और शनिवार को दो मामले सामने आए है जिनमें शहर के घण्टाघर पर स्थित अशोक मेडिकल स्टोर पर कार्यरत कर्मचारी रितिक यादव के साथ थाना जाखलौन के ग्राम धौर्रा में अन्य प्रदेश से मजदूर कर लौटी महिला दीपिका उर्फ दीपा पत्नि रामदास अहिरबार के कोरोना पांजिटिव होने की पुष्टि होने से हड़कंप मच गय जिसकी पुष्टि सीएमओ डॉ प्रताप सिंह ने की। अब तक पांजिटिव मिले मरीजों में शहर के जाने-माने आर्थोपेडिक डॉक्टर निर्मल जैन व एक कोर्ट कर्मचारी तालाबपुरा निवासी अरविंद साहू पुत्र कृष्ण लाल साहू तथा जखौरा सीएचसी मैं तैनात एक लैब टेक्नीशियन तालबेहट निवासी कपिल और महरौनी की एक एएनएम महरौनी के ग्राम मिदरवाह निवासी निर्मला जांच के दौरान कोरोना पांजिटिव पाई गई। इसके साथ ही एक ही परिवार की दो सगी बहनों समेत मेडिकल स्टोर कर्मी भी शामिल है। गौरतलब है कि जनपद में अब तक मिले 42 मरीजों में से 5 मरीज ठीक होकर अपने घर पहुंच चुके हैं और 3 मरीजों की मौत हो चुकी है तथा 34 मरीज अभी अस्पताल में भर्ती है जिन का इलाज चल रहा है।
बताते चलें कि जो आर्थोपेडिक डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव बताए गए हैं वह पूर्व में मिले दंपत्ति डॉक्टर राजीव जैन के पिता है। हालांकि जिले तेजी से बढ़ रहे मामलों पर जिला प्रशासन के साथ साथ स्वास्थ विभाग ने भी गहरी चिंता जताई है। बढ़ते मामलों में जिला प्रशासन ने आनन-फानन में अधिकारियों की बैठक बुलाई । इस बैठक में जिला अधिकारी योगेश कुमार शुक्ला अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार मिश्रा उप जिलाधिकारी गजल भारद्वाज के साथ मंडलायुक्त झाँसी सुभाष चंद शर्मा भी शामिल हुए। जिन्होंने बैठक के बाद ललितपुर के जिला चिकित्सालय समेत सरकारी अस्पतालों का दौरा किया और वहां पर आप व्यवस्थाएं पाए जाने पर जिला चिकित्सालय के सीएमएस डाक्टर वासवानी को कड़ी फटकार लगाई तथा महामारी से निपटने के लिए उचित दिशा निर्देश भी दिए। जनपद में बढ़ते मामलों को देख जिला प्रशासन के साथ सहज स्वास्थ्य विभाग ने कड़ी चिंता जाहिर की और सरकार के साथ 2 दिन की संपूर्ण लॉकडाउन का ऐलान किया। जिसके अनुसार आज शनिवार से सोमवार तक समूचे जनपद में संपूर्ण लॉकडाउन रहेगा सिर्फ अति आवाश्यक सेवाएं जैसे दूध सब्जी और किराना आदि की दुकानें सीमित समय के लिए खुलेंगे जहां दुकानदारों के साथ साथ आने बाले ग्राहकों को सोशल डिस्टेंस पालन करने और कराने की कड़े दिशा निर्देश दिए गए हैं। लॉक डाउन का उद्देश्य यह है कि जो तेजी के साथ मामले बढ़ रहे है उन्हें बढ़ने से रोका जा सके । कोरोनावायरस से फैलने वाले संक्रमण की चेन तोड़ना बहुत जरूरी है नहीं तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
धौर्रा गांव में कई ग्रामीणों के लिए गए सेम्पिल:- अन्य राज्य से लौटी मजदूर महिला के पॉजिटिव मिलने की बाद स्वास्थ्य विभाग ने एहतियात के तौर पर एक टीम को गांव भेजा और मरीज के संपर्क में आए लगभग 30 ग्रामीणों के ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भिजवाए । स्वास्थ्य विभाग का यह कैंप धौर्रा गांव के स्कूल में लगाया गया था जहां ग्रामीणों के ब्लड सैंपल लिए गए
लॉक डाउन को लेकर पुलिस रही मुस्तैद:- जनपद में लॉकडाउन की घोषणा होने के बाद से ही पुलिस ड्यूटी पर मुस्तैद नजर आई। शहर की मुख्य चौराहों के साथ-साथ गलियों में भी पुलिस गश्त करती नजर आई तथा लोगों को लॉक डाउन का पालन करने के बारे में भी बताया। इसके साथ ही पुलिस ने चेकिंग अभियान भी चलाया जिसका प्रमुख उद्देश्य था कि जो लोग बेवजह गाड़ियां लेकर अपने घरों से निकल रहे हैं और बाजारों में भीड़ बढ़ा रहे हैं वह चेकिंग अभियान के डर से अपने घरों में ही रहे। इसके साथ-साथ शासन और प्रशासन के सभी अधिकारी शहर में भ्रमण करते नजर आए तो वहीं संवेदनशील इलाकों में भी पुलिस की गश्त बढ़ाई गई । जिससे उस इलाके के लोग अपने घरों से बाहर ना निकले और महामारी फैलने से रुके।
जरूरत की चीजों की खुली रही दुकानें:- लॉकडाउन के ऐलान के बाद शहर से लेकर गांव देहात तक दैनिक उपयोग में आने वाली जरूरी चीजों की दुकानें खुली रही । जिसके अंतर्गत दूध सब्जी तथा किराने और दवाइयों के दुकानदारों को अपनी दुकानें खोलने की अनुमति प्रदान की गई जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना ना करना पड़े। हालांकि कुछ लोग छोटे-छोटे सामान खरीदने के बहाने ही सड़कों पर निकले और इधर उधर टहलते और घूमते नजर आए। जिस कारण इन सब चीजों की दुकानों पर भीड़ भी नजर आई। और कई दुकानों पर तो सोशल डिस्टेंस की धज्जियां उड़ती भी देखीं गई।

Related posts

Current Crime
Ghaziabad No.1 Hindi News Portal
%d bloggers like this: