सीएम योगी ने सीवर सफाई में 5 मरने वालो को दिया 10-10 लाख मुआवजा

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गाजियाबाद (ईएमएस)। गाजियाबाद के नंदग्राम इलाके में गुरुवार दोपहर सीवर की सफाई के दौरान पांच सफाई कर्मचारियों की दम घुटने से दर्दनाक मौत हो गई। सभी पांचों मृतक बिहार के समस्तीपुर जिले के रहने वाले थे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे पर दुख जताते हुए सभी मृतकों के आश्रितों को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा के साथ ही मामले की जांच के आदेश दिए हैं। गाजियाबाद में नंद ग्राम के पास सिहानी से सटी प्राइवेट कॉलोनी कृष्णाकुंज में गुरुवार को सीवर सफाई के लिए 13 फुट गहरे मेनहोल में उतरे पांच सफाई कर्मियों की दम घुटने से मौत हो गई। मृतक जल निगम में ठेकेदारी के तहत काम कर रहे थे। बताया जा रहा है कि पांचों मृतक आपस में रिश्तेदार थे और सभी बिहार के समस्तीपुर जिले के रहने वाले थे। घटना दोपहर 1:30 बजे की है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के आश्रितों को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और जल निगम के प्रबंध निदेशक को घटना के कारणों की जांच कर दो दिन में रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
उत्तर प्रदेश जल निगम के अधिकारी जी. एस. श्रीवास्तव का कहना है कि नंदग्राम इलाके के कृष्णाकुंज में बीते दिनों नई सीवर लाइन डालने का कार्य हुआ था। यह काम ईएमएस इंफ्राकॉम को दिया गया था। गुरुवार सुबह कंपनी के कर्मचारी लाइन में काम करने के लिए उतरे। एक-एक कर पांच लोग सीवर लाइन में नीचे गए और बाहर नहीं आए। बाद में अन्य कर्मचारियों ने दोपहर करीब डेढ़ बजे सीवर में उतरे पांचों कर्मचारियों को बाहर निकाला और उन्हें पास के मरियम अस्पताल में ले गए जहां डॉक्टरों ने तीन को मृत घोषित कर दिया, जबकि अन्य दो की इलाज के दौरान मौत हो गई। पांचों की मौत की सूचना थाना सिहानी गेट को दी गई। पुलिस ने सभी मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
गाजियाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सुधीर कुमार का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। मृतक किसके कहने पर सफाई के लिए सीवर में उतरे थे। कर्मचारियों के पास सुरक्षा उपकरण थे कि नहीं यह सब जांच का विषय है। एसएसपी ने बताया कि पहले दो लोग नीचे उतरे जब वह लौट कर नहीं आये तो एक कर्मचारी को फिर उतरा वह भी लौट कर नहीं आया। इसके बाद दो अन्य कर्मचारी पहले उतरे कर्मचारियों की तलाश में नीचे गए किंतु वह भी वापस ऊपर नहीं आए। इसके बाद सीवर लाइन में उतरे पांचों कर्मचारियों को अन्य कर्मचारियों की मदद से बाहर निकला गया है।