सीआईएसएफ स्वर्ण जयंती समारोह आपदाओं में जवानों का योगदान सराहनीय : पीएम मोदी

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गाजियाबाद (ईएमएस)। केंद्रीय सीमा सुरक्षा बल(सीआईएसएफ) के 50वें स्थापना दिवस (स्वर्ण जयंती समारोह) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसके जवानों के साहस और कर्तव्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि आपदाओं में आपने बखूबी अपनी जिम्मेदारी निभाई है। पीएम ने कहा, सुरक्षा और सेवा के भाव के साथ आप आगे बढ़ रहे हैं, वो बहुत महत्वपूर्ण है। नए भारत के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है, पोर्ट बन रहे हैं, एयरपोर्ट बन रहे हैं, मेट्रो का विस्तार हो रहा है। जो बड़े उद्योग लगाए जा रहे हैं, उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी आप सभी पर है।
उन्होंने कहा कि आपदाओं की स्थिति में भी आपका योगदान हमेशा से सराहनीय रहा है। केरल में आई भीषण बाढ़ में आपने राहत, बचाव के काम में दिन रात एक करके हजारों लोगों का जीवन बचाने में मदद की। देश में ही नहीं विदेश में भी जब मानवता संकट में आई है तब सीआईएसएफ ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई है। गर्मी हो, सर्दी हो, बरसात हो आप अपने मोर्चे पर बिना विचलित हुए खड़े रहते हैं। देश के लिए होली, दीवाली और ईद होती है, तमाम त्योहार होते हैं, लेकिन आप सभी के लिए अपनी ड्यूटी ही त्योहार बन जाती है। हमारे सुरक्षाकर्मी का परिवार भी तो बाकियों की तरह ही होता है। उसके भी सपने हैं, आकाक्षाएं हैं, उसकी भी शंकाएं, आशंकाएं होती हैं। लेकिन राष्ट्र रक्षा का भाव जब मन में आ जाता है तो वो हर मुश्किल पर जीत हासिल कर लेता है।
पीएम मोदी ने स्वर्ण जयंती के इस महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंचने के लिए जवानें के बधाई दी। उन्होंने कहा, एक संगठन के नाते आपने जो 50 पचास वर्ष पूरे किये हैं वो प्रशंसनीय उपलब्धि है। यहां पहुंचने पर पीएम नरेंद्र मोदी को सीआईएसएफ की तरफ से परेड की सलामी दी गई। उन्होंने कहा, आप सभी लोगों ने राष्ट्र की सम्पदा को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाई है। स्वतंत्र भारत के सपनों को साकार करने में सीआईएसएफ एक महत्वपूर्ण इकाई है। 50 साल तक लगातार हजारों लोगों ने आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इसे विकसित किया है, तब जाकर ऐसा संगठन बनता है। एक संगठन को सुरक्षा देना, जहां 30 लाख तक लोग आते हों, जहां हर चेहरा अलग हो, सबका व्यवहार अलग हो। ये काम किसी वीआईपी को सुरक्षा देने से कई गुना बड़ा काम है। पीएम ने कहा, नागरिक अगर सहयोग ना करें तो आपका काम और मुश्किल हो जाता है, इसलिए नागरिकों को प्रशिक्षित करना ज़रूरी है। आपकी ये उपलब्धि इसलिए महत्वपूर्ण बन जाती कि जब पड़ोसी की युद्ध लड़ने की क्षमता न हो और भारत के भीतर ही अलग-अगल षड्यंत्रों को पनाह मिलती हो। आतंक के घिनौने रूप के बीच देश की और देश के संसाधनों की सुरक्षा एक चुनौती होती है।
उन्होंने कहा कि अगर आज में सीआईएसएफ के इस कार्यक्रम में शामिल न होता तो, मैं बहुत कुछ गंवा देता। साथ ही कहा, सुरक्षा में लगे जवानों को सहयोग देना चाहिए। वीआईपी कल्चर सुरक्षा में कभी-कभी संकट खड़ा कर देता है। सुरक्षा के लिए नागरिकों को भी पूरा सहयोग करना जरूरी। एयरपोर्ट और मेट्रो में सुरक्षा इनके समर्पण से ही संभव हो पाई है। मोदी ने कहा मुझे भी अनेक बार मेट्रो में सफर करने का मौका मिला है। मैंने देखा है कि आप घंटों तक मेहनत करते हैं। आपको निरंतर लोगों पर और उनके सामान पर नजर रखनी होती है। सामान्य लोगों को आपकी ये मेहनत दिखाई देती है। हमारे सुरक्षाकर्मी का परिवार भी तो बाकियों की तरह ही होता है। उसके भी सपने हैं, आकाक्षाएं हैं। उसकी भी शंकाएं, आशंकाएं होती हैं। लेकिन राष्ट्र रक्षा का भाव जब मन में आ जाता है तो वो हर मुश्किल पर जीत हासिल कर लेता है। उन्होंने कहा कि केरल में आई भीषण बाढ़ में आपने राहत, बचाव के काम में दिन रात एक करके हजारों लोगों का जीवन बचाने में मदद की। देश में ही नहीं विदेश में भी जब मानवता संकट में आई है तब सीआईएसएफ ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई है।