चीन के युवाओं में तलाक लेने की दर में बेतहाशा बढ़ोतरी

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बीजिंग । चीन बीते कई सालों से दुनिया की सबसे बड़ी शक्ति बनने की होड़ में शामिल है। चाहे विज्ञान हो या इकॉनमी-चीन हर क्षेत्र में तरक्की कर रहा है। लेकिन एक क्षेत्र है, जहां उसका प्रदर्शन बेहद निराशाजनक है। वह क्षेत्र है पारिवारिक जीवन। बीते एक दशक में चीन के युवाओं में तलाक लेने की दर में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। चीन के युवा अब शादी में कम और तलाक पर ज्यादा यकीन करने लगे हैं। चीन की राजधानी बीजिंग में 100 में से 40 जोड़े तलाक लेकर अलग हो गए हैं। यानी हर 4 में से एक व्यक्ति तलाकशुदा है। चीनी सरकार के आंकड़ों के अनुसार के अनुसार बीते सालों में यह दर लगातार बढ़ी ही है। सन 2014 में यह दर 2.67 प्रतिशत थी, जो 1985 के 0.4 प्रतिशत से दोगुनी से भी अधिक है। चीन के बहुत से लोग बढ़ते हुए तलाक के लिए के लिए सोशल मीडिया को जिम्मेदार मानते हैं।
बहुत से चीनी युवाओं का मानना है कि सोशल मीडिया उन्हें एक दूसरे से दूर कर रहा है। चीन में बाकी दुनिया की तरह व्हाट्सऐप और फेसबुक नहीं हैं, लेकिन उनके अपने बहुत से सोशल मीडिया ऐप हैं। चीनी सोशल मीडिया ऐप जैसे विक्सिन (वी चैट) और मोमो (टिंडर) की वजह से लोगों से मिलना और नई दोस्तियां बनाना बहुत आसान हो गया है। बहुत से उम्रदराज लोग मानते हैं कि सोशल मीडिया की वजह से अफेयर करना आसान हो गया है, इसीलिए युवा शादी में बंधकर नहीं रहना चाहते। बीते एक दशक में चीन में औरतों की हालत में सुधार हुआ है। खासकर शहरी औरतें अब बेहतर शिक्षा और नौकरियां हासिल कर रही हैं।
उनमें यह समझ बढ़ने लगी है कि तलाक लेना कोई शर्मनाक बात नहीं है। इसीलिए अब शहरी औरतें गलत और तकलीफ भरी शादियों से खुदको आजाद कर रही हैं। शादी टूटने के बाद चीनी संस्कृति में औरतों के लिए दूसरे पार्टनर तलाशना बहुत मुश्किल हो जाता था। लेकिन अब डेटिंग ऐप्स की बदौलत महिलाएं बहुत से लोगों को डेट कर रही हैं और खुद को शादी से अधिक खुश महसूस कर रही है। पहले चीनी महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से अपने पतियों पर निर्भर होना पड़ता था। अब महिलाएं खुद सक्षम हैं। वाइट कालर नौकरियों पर जहां पहले आदमियों का ही वर्चस्व होता था, अब वहां अब महिलाएं काबिज हैं। उनकी घटती पुरुष पर निर्भरता की वजह से ही हाल के दिनों में संबध विच्छेद की घटनाएं बढ़ीं हैं।