नोएडा में फंसे घर बनाने के लिए केंद्र सरकार देगी आर्थिक मदद

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नोएडा। नोयडा के आम्रपाली समेत दूसरे बिल्डरों से घर खरीदकर फंसे लोगों के लिए बड़ी खबर है। केन्द्र सरकार इन डूबी आवासीय परियोजनाओं को उबारने की योजना पर काम कर रही है। सरकार बैंकों के माध्यम से करीब १,००० करोड़ रु बतौर संकट निधि (स्ट्रेस फंड) मुहैया करवाएगी। अगले दो सप्ताह में यह फैसला होने की उम्मीद है। आम्रपाली और जेपी इंफ्राटेक पर आए संकट से करीब एक लाख खरीदारों को उबारने के लिए केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सचिव दुर्गा शंकर मिश्र की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय अध्ययन समिति का गठन किया था। समिति ने सरकार को पिछले साल अगस्त में रिपोर्ट सौंपी थी। रिपोर्ट में सिफारिश की गई थी कि केंद्र सरकार अटकी पड़ी परियोजनाओं को पूरा करने के लिए बैंकों के माध्यम से आर्थिक मदद दे। अब इस मसले में तेजी आई है।
शहरी विकास मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि इस मुद्दे पर २ फरवरी को बैठक हो चुकी है। खरीदारों की संस्था नेफोवा के अध्यक्ष अभिषेक कुमार ने बताया कि उन्हें मंत्रालय के उच्चस्तरीय अधिकारी ने बताया कि स्ट्रेस फंड देने के लिए सहमति बन चुकी है। जल्द सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी। सबसे पहले आम्रपाली बिल्डर के डूबे प्रोजेक्ट उबारे जाएंगे।
फ्लैट खरीदारों की याचिकाओं पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। खरीदारों का कहना है कि वे सुप्रीम कोर्ट में कहेंगे कि सरकार को स्ट्रेस फंड देने के लिए आदेश दें। अब तो आम्रपाली बिल्डर की संपत्तियों को नीलाम किया जा रहा है। खरीदार भी आ रहे हैं। अब अगर सरकार स्ट्रेस फंड देती है तो उसका पैसा आसानी से निकल जाएगा।
चार्टर्ड एकाउंटेंट अनिल कुमार का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर डेब्ट रिकवरी ट्रिब्यूनल (डीआरटी) बिल्डर की संपत्तियों को नीलाम करके पैसा अर्जित कर रहा है। यह पैसा एनबीसीसी को देकर अधूरे प्रोजेक्ट पर काम शुरू करवाया जाएगा। केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट में पक्षकार भी है। लिहाजा, बैंकों को गारंटी दे तो एनबीसीसी को फटाफट पैसा मिल जाएगा। बाद में सरकार डीआरटी से पैसा ले सकती है।